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अवैध वसूली और गलत एफआईआर में फंसे बिजली अधिकारी
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आजमगढ़। गलत बिल जारी कर अवैध वसूली करने और एफआईआर करा उपभोक्ता के फंसाने के मामले में बिजली अधिकारियों की गर्दन फंस गई है। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने मुबारकपुर विद्युत उपखंड पर तैनात कनिष्ठ स्टाफ और वरिष्ठ अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन से संस्तुति की है।
मुबारकपुर निवासी एक व्यक्ति ने जनसुनवाई के दौरान कमिश्नर को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि उनके पास एक घरेलू एवं और एक कामर्शियल विद्युत कनेक्शन है। उस पर गलत मीटर से बिल जारी हो रहा है। जब इसकी शिकायत की गई तो उनके आवास पर जाकर विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने डराया धमकाया। मीटर को गड़बड़ किया बता कर अवैघ धन की मांग की। धनराशि देने से इन्कार करने पर घरेलू मीटर उखाड़ ले गए। शिकायकर्ता ने शपथ पत्र के साथ वीडियो क्लिप्स भी प्रस्तुत की। इसमें एक कर्मचारी की ओर से 20 हजार रुपये नहीं दिये जाने के फलस्वरूप काम के बिगड़ जाने का उल्लेख करते हुए एक अन्य उपभोक्ता से 30हजार रुपये वसूलकर उसके कार्य को बना दिए जाने की स्वीकारोक्ति करते हुए दिखाई पड़ रहा है।
कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने मामले की जांच अपर आयुक्त प्रशासन धर्मेन्द्र सिंह को सौंपी थी। अपर आयुक्त ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि शिकायतकर्ता की वीडियो क्लिप्स से स्पष्ट होता है कि विद्युत कर्मियों की ओर से अवैध धनराशि की मांग की गई है। सम्बन्धित उपखण्ड के अधिकारी और उनकी टीम अवैध धन वसूली जैसे अवैधानिक कार्यों में लिप्त हैं। शिथिल पर्यवेक्षण के लिए उच्च अधिकारी भी जिम्मेदार हैं। कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने मुबारकपुर विद्युत उपखण्ड के कनिष्ठ कर्मचारियों से वरिष्ठ अधिकारियों तक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए संस्तुति शासन को भेज दी है। प्रकरण में सम्मिलित संविदाकर्मियों की सेवा को भी तत्काल समाप्त करने के निर्देश दिए हैं।
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मुबारकपुर निवासी एक व्यक्ति ने जनसुनवाई के दौरान कमिश्नर को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि उनके पास एक घरेलू एवं और एक कामर्शियल विद्युत कनेक्शन है। उस पर गलत मीटर से बिल जारी हो रहा है। जब इसकी शिकायत की गई तो उनके आवास पर जाकर विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने डराया धमकाया। मीटर को गड़बड़ किया बता कर अवैघ धन की मांग की। धनराशि देने से इन्कार करने पर घरेलू मीटर उखाड़ ले गए। शिकायकर्ता ने शपथ पत्र के साथ वीडियो क्लिप्स भी प्रस्तुत की। इसमें एक कर्मचारी की ओर से 20 हजार रुपये नहीं दिये जाने के फलस्वरूप काम के बिगड़ जाने का उल्लेख करते हुए एक अन्य उपभोक्ता से 30हजार रुपये वसूलकर उसके कार्य को बना दिए जाने की स्वीकारोक्ति करते हुए दिखाई पड़ रहा है।
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कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने मामले की जांच अपर आयुक्त प्रशासन धर्मेन्द्र सिंह को सौंपी थी। अपर आयुक्त ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि शिकायतकर्ता की वीडियो क्लिप्स से स्पष्ट होता है कि विद्युत कर्मियों की ओर से अवैध धनराशि की मांग की गई है। सम्बन्धित उपखण्ड के अधिकारी और उनकी टीम अवैध धन वसूली जैसे अवैधानिक कार्यों में लिप्त हैं। शिथिल पर्यवेक्षण के लिए उच्च अधिकारी भी जिम्मेदार हैं। कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने मुबारकपुर विद्युत उपखण्ड के कनिष्ठ कर्मचारियों से वरिष्ठ अधिकारियों तक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए संस्तुति शासन को भेज दी है। प्रकरण में सम्मिलित संविदाकर्मियों की सेवा को भी तत्काल समाप्त करने के निर्देश दिए हैं।
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