कई दिनों तक बढ़ने के बाद अब घाघरा का जलस्तर घटने लगा है। इसके साथ ही नदी की कटान तेज हो गई है। उर्दिहा, सहबदिया और गांगेपुर में किसानों की कृषि योग्य भूमि को घाघरा काटकर अपने आगोश में लेती जा रही है। क्षेत्र के ग्राम पंचायत उर्दिहा, गांगेपुर, सहबदिया में कटान तेज हो गई है। पिछले एक सप्ताह में सहबदिया गांव के रहने वाले विनोद पटेल का तीन बीघा, जोखन का ढाई बीघा, दया का दो बीघा, पारस का दो बीघा, लल्लू की तीन बीघा, विलास की छह बीघा, हरिश्चंद्र व रामबली ही दो बीघा, पुरुषोत्तम की दो बीघा, रघुनाथ की दो बीघा, सीताराम की दो बीघा, जयद्रथ की तीन बीघा, ओमप्रकाश की तीन बीघा, तीरथ व बलई की आठ बीघा, राम शब्द आदि की 15 बीघा जमीन घाघरा कटान की भेंट चढ़ चुकी है। सोमवार को बांका ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान हीरालाल यादव ने बताया कि गांव का संपर्क मार्ग महुला गढ़वल बांध से टूट गया है। एक पुलिया थी जो पिछली बाढ़ में घाघरा की तेज धारा में बह गई। कई बार इसको बनाने के लिए कहा गया पर विभागीय लापरवाही के चलते नहीं बन सका। घाघरा नदी का जलस्तर बदरहुंआ नाले पर रविवार की शाम चार बजे 70.50 मीटर दर्ज किया गया था जो सोमवार को 32 सेंटीमीटर घटकर 70.18 मीटर पर पहुंच गया। बदरहुंआ नाले का न्यूनतम जलस्तर 70.26 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 73.52 मीटर है। डिघिया नाला का जलस्तर रविवार को 69.80 मीटर था जो सोमवार को 31 सेमी घट कर 69.49 मीटर हो गया। यहां पर न्यूनतम जलस्तर 68.90, खतरा बिंदु 70.40 और अधिकतम 72.59 मीटर है।