आजमगढ़। मऊ जनपद के 15 कालेजों को पूर्वांचल विवि से डीएलएड की संबद्धता के लिए जिला स्तरीय समिति ने बिना जांच के ही अपनी रिपोर्ट परिक्षा नियामक प्रयागराज को भेज दी। इन कालेजों को संबद्धता भी मिल गई है। हाईकोर्ट के आदेश पर कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने मंडलीय समिति से इसकी जांच कराई तो पोल खुल के सामने आ गई। किसी के भवन अपूर्ण थे तो किसी में और भी कमिया थी। कमिश्नर ने सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए दोषी अधिकारियों एवं संबंधित विद्यालयों के विरुद्ध कार्रवाई करने की संस्तुति कर दी है। कमिश्नर ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश पर मऊ के निजी डीएलएड (बीटीसी) पाठ्यक्रम की संबद्धता की जांच के लिए मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक, उप शिक्षा निदेशक और जिला विद्यालय निरीक्षक मऊ को सम्मिलित करते हुए जांच समिति का गठन किया गया था। इसमें पूर्वांचल विश्वविद्यालाय जौनपुर से मान्यता प्राप्त जनपद मऊ के 15 महाविद्यालयों रामशीला गर्ल्स डिग्री कालेज ताजोपुर, राजव गांधी गर्ल्स पीजी कालेज परदहां, एचए रब गर्ल्स डिग्री कालेज जहांगीराबाद, लक्ष्मी नारायण महाविद्यालय पखईपुर, दीप निकेतन महाविद्यालय भाटीकलां करहां, अमरजीत सिंह स्मारक महाविद्यालय सोनाडीह, रामलखन महाविद्यालय जामडीह, श्रीकृष्ण महिला महाविद्यालय सिपाह इब्राहिमाबाद, वीबीएस महाविद्यालय अल्लीपुर, मां विन्ध्यवासिनी शिक्षण सेवा ट्रस्ट चक हसन, रहमानिया डिग्री कालेज रोपनपुर हिसामपुर, इन्दू महिला महाविद्यालय भुड़सड़ी (बढ़या), शिवमंगल महिला महाविद्यालय परदहां, मां शकुन्तला महिला महाविद्यालय अमारी उमहट तथा समता महाविद्यालय बड़ागांव शामिल हैं। समिति ने निजी डीएलएड (बीटीसी) पाठ्यक्रम की संबद्धता के लिए भवन की जांच की। पाया गया कि महाविद्यालयों में मान्यता प्राप्त कला संकाय और विज्ञान संकाय के लिए निर्धारित मानक के अनुसार व्याख्यान कक्ष एवं प्रयोगशाला कक्ष नहीं है। मंडलीय समिति ने रिपोर्ट में बताया कि संबद्धता के लिए जनपद स्तरीय जांच समिति ने विद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण और भौतिक सत्यापन नहीं किया था। विद्यालयों ने जिला स्तरीय समिति को जो रिपोर्ट उपलब्ध कराई उसी की संस्तुति उन्होंने कर दी। गलत रिपोर्ट पर इन कालेजों को डीएलएड की संबद्धता प्रदान कर दी गई थी। कमिश्नर ने नाराजगी जाहिर करते हुए जिला स्तरीय समिति में शामिल जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान इमिलिया मऊ के तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य राजीव रंजन मिश्र, तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार और तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट राम अभिलाष के साथ ही विद्यालयों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की संस्तुति शासन के सम्बन्धित अनुभागों को भेज दी है।