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साढ़े चार हजार बांटना था डस्टबिन, बांटा सिर्फ 56
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आजमगढ़। नगर पंचायत अजमतगढ़ में डस्टबिन घोटाले की पुष्टि हुई है। एडीएम प्रशासन की जांच में आरोप पुष्ट होने पर जीयनपुर कोतवाली में चेयरमैन के खिलाफ तहरीर दी है। हालांकि पुलिस ने ऐसे किसी मुकदमें के दर्ज होने से इंकार किया है। दरअसल साढ़े चार हजार कूड़ेदान बांटने थे लेकिन बांटे महज 56 ही गए। इस मामले में 17.25 के गोलमाल का अनुमान है।
नगर पंचायत अजमतगढ़ के सभासदों ने जिलाधिकारी के यहां शिकायती पत्र देकर डस्टबिन घोटाले का आरोप लगाया था। जिस पर जिलाधिकारी ने एडीएम प्रशासन को जांच सौप दी। जांच में आरोप की पुष्टि हुई तो एडीएम प्रशासन ने चेयरमैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए जीयनपुर कोतवाली पर तहरीर भी भेज दिया। उन्होंने बताया कि नगर पंचायत क्षेत्र में साढ़े चार हजार डस्टबिन बांटा जाना था लेकिन मात्र 56 डस्टबिन ही बांटे गए और इस मद में 17.25 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया। सभासदो ने जिला प्रशासन के अलावा नगर विकास मंत्री से भी इस भ्रष्टाचार की शिकायत किया था। एडीएम ने बताया कि जांच के दौरान यह बात सामने आई कि स्वच्छता अभियान के अंतर्गत वर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष के ही भाई व रिश्तेदारों के नाम से चल रही फर्म से भारी मात्रा में डस्टबिन खरीदे गए थे। जिनको डोर टू डोर बांटा जाना था। साढ़े चार हजार डस्टबिन खरीदे गए और मात्र 56 ही बांटे गए। अन्य डस्टबिन का क्या हुआ कुछ पता नहीं चल सका। जबकि सभी डस्टबिन का भुगतान संबंधित फर्म को कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस भ्रष्टाचार में और जो भी शामिल होगा, उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। कुछ और नगर पंचायतों से भी ऐसी शिकायत मिली है, जिसकी जांच होगी। जीयनपुर कोतवाली प्रभारी ने मुकदमा दर्ज होने की बात से इंकार किया है। जिस पर एडीएम प्रशासन अनिल मिश्रा ने कहा कि तहरीर देने के बाद तो मुकदमा दर्ज हो जाना चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ है तो वे जांच करा कर कार्रवाई करेंगे।
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नगर पंचायत अजमतगढ़ के सभासदों ने जिलाधिकारी के यहां शिकायती पत्र देकर डस्टबिन घोटाले का आरोप लगाया था। जिस पर जिलाधिकारी ने एडीएम प्रशासन को जांच सौप दी। जांच में आरोप की पुष्टि हुई तो एडीएम प्रशासन ने चेयरमैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए जीयनपुर कोतवाली पर तहरीर भी भेज दिया। उन्होंने बताया कि नगर पंचायत क्षेत्र में साढ़े चार हजार डस्टबिन बांटा जाना था लेकिन मात्र 56 डस्टबिन ही बांटे गए और इस मद में 17.25 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया। सभासदो ने जिला प्रशासन के अलावा नगर विकास मंत्री से भी इस भ्रष्टाचार की शिकायत किया था। एडीएम ने बताया कि जांच के दौरान यह बात सामने आई कि स्वच्छता अभियान के अंतर्गत वर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष के ही भाई व रिश्तेदारों के नाम से चल रही फर्म से भारी मात्रा में डस्टबिन खरीदे गए थे। जिनको डोर टू डोर बांटा जाना था। साढ़े चार हजार डस्टबिन खरीदे गए और मात्र 56 ही बांटे गए। अन्य डस्टबिन का क्या हुआ कुछ पता नहीं चल सका। जबकि सभी डस्टबिन का भुगतान संबंधित फर्म को कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस भ्रष्टाचार में और जो भी शामिल होगा, उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। कुछ और नगर पंचायतों से भी ऐसी शिकायत मिली है, जिसकी जांच होगी। जीयनपुर कोतवाली प्रभारी ने मुकदमा दर्ज होने की बात से इंकार किया है। जिस पर एडीएम प्रशासन अनिल मिश्रा ने कहा कि तहरीर देने के बाद तो मुकदमा दर्ज हो जाना चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ है तो वे जांच करा कर कार्रवाई करेंगे।
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