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मूल्यांकन केंद्रों पर डॉक्टरों के साथ एंबुलेंस की हो तैनाती
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आजमगढ़। आरेंज जोन के जिलों में भी 12 मई से बोर्ड कापियों का मूल्यांकन शुरू होगा। इसे लेकर शिक्षक संगठनों का विरोध एक बार फिर शुरू हो गया है। शिक्षक संगठनों ने बोर्ड कापियों को घर ले जाकर मूल्यांकन करने की अनुमति दिए जाने की मांग की है। अन्यथा की स्थिति में मूल्यांकन केंद्रों पर डॉक्टरों की टीम के साथ ही एंबुलेंस की तैनाती किए जाने की डिमांड की है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट के जिला मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि 12 मई से ऑरेंज जोन के जिलों में भी शासन मूल्यांकन का कार्य शुरू करा रहा है। रेड जोन में अभी मूल्यांकन स्थगित है। ऐसे में ऑरेंज व ग्रीन जोन में कापियों का मूल्यांकन करा कर बोर्ड रिजल्ट तो घोषित नहीं कर सकता है। ऐसे में मूल्यांकन की जल्दबाजी समझ से परे है। उन्होंने कहा कि यदि परीक्षकों को घर कापियां ले जाकर जांचने को मिल जाए तो ग्रीन, आरेंज जोन के साथ ही रेड जोन में भी मूल्यांकन का कार्य कराया जा सकता है। वहीं उन्होंने कहा कि अभी आवागमन के साधन नहीं चल रहे हैं। संगठन की तरफ से शासन-प्रशासन के समक्ष अपना विरोध दर्ज करा दिया गया है। इसके बाद भी यदि मूल्यांकन कराया जाता है तो सभी मूल्यांकन केंद्रों पर डॉक्टरों की टीम के साथ ही एंबुलेंस की व्यवस्था होनी चाहिए। इतना ही नहीं अच्छी गुणवत्ता के मास्क, सैनिटाइजर की भी व्यवस्था की जाए। उन्होंने मांग कि कि मूल्यांकन कार्य में लगे परीक्षकों को भी कोरोना योद्धा मानते हुए 50-50 लाख का बीमा कराया जाए।
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट के जिला मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि 12 मई से ऑरेंज जोन के जिलों में भी शासन मूल्यांकन का कार्य शुरू करा रहा है। रेड जोन में अभी मूल्यांकन स्थगित है। ऐसे में ऑरेंज व ग्रीन जोन में कापियों का मूल्यांकन करा कर बोर्ड रिजल्ट तो घोषित नहीं कर सकता है। ऐसे में मूल्यांकन की जल्दबाजी समझ से परे है। उन्होंने कहा कि यदि परीक्षकों को घर कापियां ले जाकर जांचने को मिल जाए तो ग्रीन, आरेंज जोन के साथ ही रेड जोन में भी मूल्यांकन का कार्य कराया जा सकता है। वहीं उन्होंने कहा कि अभी आवागमन के साधन नहीं चल रहे हैं। संगठन की तरफ से शासन-प्रशासन के समक्ष अपना विरोध दर्ज करा दिया गया है। इसके बाद भी यदि मूल्यांकन कराया जाता है तो सभी मूल्यांकन केंद्रों पर डॉक्टरों की टीम के साथ ही एंबुलेंस की व्यवस्था होनी चाहिए। इतना ही नहीं अच्छी गुणवत्ता के मास्क, सैनिटाइजर की भी व्यवस्था की जाए। उन्होंने मांग कि कि मूल्यांकन कार्य में लगे परीक्षकों को भी कोरोना योद्धा मानते हुए 50-50 लाख का बीमा कराया जाए।
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