आजमगढ़। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के राष्ट्रीय आह्वान पर किसान संगठनों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर एमएसपी अधिकार दिवस मनाया। राष्ट्रपति को संबोधित दो सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
सौंपे गए ज्ञापन में स्वामीनाथन आयोग के आधार पर फसलों का एमएसपी लागू किए जाने, एमएसपी से कम रेट पर फसलों की खरीद करने पर कार्रवाई किए जाने, किसानों को समस्त प्रकार के कर्ज से मुक्त किए जाने, किसान विरोधी कृषि कानून को वापस लिए जाने की मांग राष्ट्रपति से की गई। किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कामरेड जय प्रकाश नरायन ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने किसान विरोधी कानून लागू कर देश को प्राइवेट कंपनियों के हवाले कर दिया है और उसका असर दिखना शुरू हो गया है। स्टोर करने की सीमा को समाप्त कर दिए जाने के कारण सामानों को डंप कर महंगाई को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिसके कारण देश की बड़ी आबादी संकट में आ गई है। मोदी सरकार किसानों का सब कुछ छीनकर बाजार के हवाले कर देना चाहते हैं। देश के किसानों से संगठित होकर आंदोलन को तेज करने का आह्वान किया गया। मोदी सरकार अगर अपने एजेंडे से पीछे नहीं हटी तो किसान सड़क पर संघर्ष तेज करने के लिए बाध्य होंगे। किसान सभा के संयुक्त जिला मंत्री कामरेड वेद प्रकाश उपाध्याय ने कहा कि मोदी सरकार किसानों की खेती बर्बाद करने पर तुली हुई है। जिसे संगठन कत्तई बर्दाश्त नहीं करेगा। इस अवसर पर किसान सभा के जिलाध्यक्ष रामजन्म यादव, जिला संयोजक विनोद सिंह, रामदवर राम, रामकृष्ण यादव, सदर्शन राम, रामजीत प्रजापति, बृजेश राय, मंगल यादव सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।