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दो बच्चों के साथ जलकर मरी मां
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Tue, 20 Jan 2015 01:17 AM IST
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बबुरा गांव की दलित बस्ती (उतरहिया) में सुनीता देवी (35) नामक महिला ने सोमवार की सुबह अपने दो बच्चों के साथ आग लगाकर जान दे दी, जबकि तीसरे को गंभीर हाल में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दोनों बच्चों की तो घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि मां ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। पता चला है कि आत्मदाह से पूर्व महिला ने दिल्ली में अपने पति से मोबाइल पर बात की थी।
जहानागंज थाना क्षेत्र के बबुरा दलित बस्ती (उतरहिया) निवासी चंद्रभान की पत्नी सुनीता देवी का मायका अनेरी तरक्षा गांव में है। उसके परिवार के सदस्य दिल्ली में रहते हैं।
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पति चंद्रभान भी दिल्ली में निजी कंपनी में नौकरी करता है। सुनीता के साथ उसकी शादी छह वर्ष पूर्व हुई थी। सुनीता भी पति के साथ दिल्ली में ही रहती थी, लेकिन इधर एक माह पहले ही वह घर आई थी।
सुनीता की तीन संतानों में दीक्षित (5), आदित्य (3) तथा अंशिका (1) थे। घर पर चंद्रभान की मां शिव कुमारी के साथ छोटा भाई सूर्यभान (22) भी रहता है।
सोमवार की सुबह सुनीता ने घर वालों को नाश्ता कराया। बताया जाता है कि सूर्यभान के कालेज जाने के बाद उसकी सास भी गांव में किसी के घर चली गई। इसके पश्चात सुनीता अपने पति से फोन पर बात करने लगी।
इस दौरान जाने क्या हुआ, पति से बात करने के बाद सुनीता बच्चों को लेकर कमरे में गई और सभी पर उसने मिट्टी का तेल उड़ेलकर आग लगा दी। घर से लपट और धुएं के साथ चीख पुकार मचने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।
ग्रामीण जब तक चारों को बचा पाते, आदित्य और अंशिका की मौत हो चुकी थी, जबकि सुनीता और उसके बड़े पुत्र दीक्षित को उपचार के लिए पीएचसी जहानागंज ले जाया गया।
वहां प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टरों ने दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इस बीच रास्ते में सुनीता की भी मौत हो गई। थानाध्यक्ष ने बताया सुनीता के पति और मायके वालों का इंतजार किया जा रहा है। उनके आने के बाद ही आगे कार्रवाई होगी।
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दोनों बच्चों की तो घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि मां ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। पता चला है कि आत्मदाह से पूर्व महिला ने दिल्ली में अपने पति से मोबाइल पर बात की थी।
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जहानागंज थाना क्षेत्र के बबुरा दलित बस्ती (उतरहिया) निवासी चंद्रभान की पत्नी सुनीता देवी का मायका अनेरी तरक्षा गांव में है। उसके परिवार के सदस्य दिल्ली में रहते हैं।
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पति चंद्रभान भी दिल्ली में निजी कंपनी में नौकरी करता है। सुनीता के साथ उसकी शादी छह वर्ष पूर्व हुई थी। सुनीता भी पति के साथ दिल्ली में ही रहती थी, लेकिन इधर एक माह पहले ही वह घर आई थी।
सुनीता की तीन संतानों में दीक्षित (5), आदित्य (3) तथा अंशिका (1) थे। घर पर चंद्रभान की मां शिव कुमारी के साथ छोटा भाई सूर्यभान (22) भी रहता है।
सोमवार की सुबह सुनीता ने घर वालों को नाश्ता कराया। बताया जाता है कि सूर्यभान के कालेज जाने के बाद उसकी सास भी गांव में किसी के घर चली गई। इसके पश्चात सुनीता अपने पति से फोन पर बात करने लगी।
इस दौरान जाने क्या हुआ, पति से बात करने के बाद सुनीता बच्चों को लेकर कमरे में गई और सभी पर उसने मिट्टी का तेल उड़ेलकर आग लगा दी। घर से लपट और धुएं के साथ चीख पुकार मचने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।
ग्रामीण जब तक चारों को बचा पाते, आदित्य और अंशिका की मौत हो चुकी थी, जबकि सुनीता और उसके बड़े पुत्र दीक्षित को उपचार के लिए पीएचसी जहानागंज ले जाया गया।
वहां प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टरों ने दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इस बीच रास्ते में सुनीता की भी मौत हो गई। थानाध्यक्ष ने बताया सुनीता के पति और मायके वालों का इंतजार किया जा रहा है। उनके आने के बाद ही आगे कार्रवाई होगी।