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रास्ता जाम कर मनबढ़ों ने बोला कार पर हमला
Updated Tue, 31 Oct 2017 11:26 PM IST
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अहरौला। थाना क्षेत्र के सजनी मोड़ पर सोमवार की रात साढ़े ग्यारह बजे मनबढ़ों ने सड़क, बांस-बल्ली से रास्ता अवरुद्ध कर कार सवार बीडीसी सदस्य के परिवार पर हमला बोल दिया। हाकी, डंडा, राड से कार को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान बीडीसी, उसकी पत्नी और मां गंभीर रूप से घायल हो गई। बीडीसी ने किसी तरह गाड़ी पीछे कर परिवार को बचाया। वह अपने पिता को दवा दिलाकर घर लौट रहा था। मंगलवार को थाने में तहरीर देने के बाद भी पुलिस दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की बजाय मामले को दबाने में जुटी रही।
नितिन मोदनवाल अहरौला गांव के बीडीसी हैं। उनके पिता बालचंद मोदनवाल (60) का इलाज गंभीरपुर थाना क्षेत्र के बिंद्राबाजार में एक डाक्टर के यहां से हो रहा। सोमवार को नितिन अपनी कार से पिता बालचंद, माता निर्मला देवी (55) और पत्नी गीता देवी (30) के साथ पिता को दवा दिलाने गए हुए थे। वहां से लौटने में देर हो गई। रात करीब साढ़े ग्यारह बजे उनकी कार अहरौला थाना क्षेत्र के दुर्वासा-सोफीपुर मार्ग पर स्थित सजनी मोड़ पर पहुंची तो बीच सड़क पर लकड़ी और बांस-बल्ली लगाकर रास्ता बंद किया गया था। नितिन अभी गाड़ी को दूसरे रास्ते से ले जाने की सोच ही रहा था कि तभी काफी संख्या में लोग हॉकी, डंडा, राड आदि लेकर पहुंच गए और कार पर हमला बोल दिया। बीडीसी ने कार को बैक गियर में काफी दूर तक ले जाने के बाद एक गांव में घुसकर अपनी जान बचाई। इस दौरान सभी लोग घायल हो गए। उधर कार पर हुए हमले से बालचंद की तबियत खराब हो गई। ऐसे में नितिन पहले पिता को जिला अस्पताल ले गए। वहां इलाज कराने के बाद भोर में घर पहुंचे। मंगलवार को घटना के संबंध में अहरौला थाने में तहरीर दी। बता दें कि जिस स्थान पर नितिन के साथ घटना हुई है वह सुनसान इलाका है। यहां अक्सर लुटेरे आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं।
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नितिन मोदनवाल अहरौला गांव के बीडीसी हैं। उनके पिता बालचंद मोदनवाल (60) का इलाज गंभीरपुर थाना क्षेत्र के बिंद्राबाजार में एक डाक्टर के यहां से हो रहा। सोमवार को नितिन अपनी कार से पिता बालचंद, माता निर्मला देवी (55) और पत्नी गीता देवी (30) के साथ पिता को दवा दिलाने गए हुए थे। वहां से लौटने में देर हो गई। रात करीब साढ़े ग्यारह बजे उनकी कार अहरौला थाना क्षेत्र के दुर्वासा-सोफीपुर मार्ग पर स्थित सजनी मोड़ पर पहुंची तो बीच सड़क पर लकड़ी और बांस-बल्ली लगाकर रास्ता बंद किया गया था। नितिन अभी गाड़ी को दूसरे रास्ते से ले जाने की सोच ही रहा था कि तभी काफी संख्या में लोग हॉकी, डंडा, राड आदि लेकर पहुंच गए और कार पर हमला बोल दिया। बीडीसी ने कार को बैक गियर में काफी दूर तक ले जाने के बाद एक गांव में घुसकर अपनी जान बचाई। इस दौरान सभी लोग घायल हो गए। उधर कार पर हुए हमले से बालचंद की तबियत खराब हो गई। ऐसे में नितिन पहले पिता को जिला अस्पताल ले गए। वहां इलाज कराने के बाद भोर में घर पहुंचे। मंगलवार को घटना के संबंध में अहरौला थाने में तहरीर दी। बता दें कि जिस स्थान पर नितिन के साथ घटना हुई है वह सुनसान इलाका है। यहां अक्सर लुटेरे आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं।
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