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छींटाकशी से परेशान महिलाओं ने शराब की दुकान के खिलाफ खोला मोर्चा
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मुबारकपुर। अमिलो पाही मोड़ स्थित सरकारी देसी शराब की दुकान के खिलाफ स्थानीय लोगों ने मोर्चा खोल दिया। विरोध में महिलाओं ने गुरुवार को सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। महिलाओं का आरोप था कि आबादी के बीच शराब की दुकान के कारण यहां शराब पीकर मनचले आए दिन महिलाओं व लड़कियों पर छींटाकशी करते हैं। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद जाम खुलवाया। महिलाओं ने पुलिस को इस संबंध में तहरीर भी दी।
अमिलो पाही मोड़ स्थित सरकारी देसी शराब की दुकान को हटाने की मांग को लेकर गुरुवार को क्षेत्र की महिलाओं ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। लगभग आधे घंटे बाद जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस में काफी मशक्कत के बाद जाम समाप्त कराकर प्रदर्शनकारियों से तहरीर ली। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आबादी के बीच सरकारी देसी शराब की दुकान खोली गई है। इधर से महिलाओं व लड़कियों का गुजरना मुश्किल है। शराब पीकर लोग मनचले छींटाकशी करते हैं। अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। दूसरी तरफ सरकारी आदेश के अनुसार दिन में 12 बजे ही दुकान खुलने का आदेश है लेकिन सारे नियमों को ताक पर रखकर यहां सुबह से ही बिक्री शुरू हो जाती है। महिलाओं की मांग थी कि आबादी के बीच से इस दुकान को हटाकर कहीं और खुलवाई जाए। प्रदर्शनकारियों में मुख्य रूप से सुमंता देवी, रामावती देवी, मीरा देवी, पुष्पा देवी, चंद्रावती, कुसुम देवी, मुराही देवी, संगीता, शारदा, उर्मिला लालती, सुमित्रा, चंद्रावती आदि मौजूद रहीं।
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अमिलो पाही मोड़ स्थित सरकारी देसी शराब की दुकान को हटाने की मांग को लेकर गुरुवार को क्षेत्र की महिलाओं ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। लगभग आधे घंटे बाद जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस में काफी मशक्कत के बाद जाम समाप्त कराकर प्रदर्शनकारियों से तहरीर ली। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आबादी के बीच सरकारी देसी शराब की दुकान खोली गई है। इधर से महिलाओं व लड़कियों का गुजरना मुश्किल है। शराब पीकर लोग मनचले छींटाकशी करते हैं। अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। दूसरी तरफ सरकारी आदेश के अनुसार दिन में 12 बजे ही दुकान खुलने का आदेश है लेकिन सारे नियमों को ताक पर रखकर यहां सुबह से ही बिक्री शुरू हो जाती है। महिलाओं की मांग थी कि आबादी के बीच से इस दुकान को हटाकर कहीं और खुलवाई जाए। प्रदर्शनकारियों में मुख्य रूप से सुमंता देवी, रामावती देवी, मीरा देवी, पुष्पा देवी, चंद्रावती, कुसुम देवी, मुराही देवी, संगीता, शारदा, उर्मिला लालती, सुमित्रा, चंद्रावती आदि मौजूद रहीं।
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