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Azamgarh News: किसी भी राउंड में धर्मेंद्र से नहीं निकल पाए आगे
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आजमगढ़। भाजपा संगठन भी पहले से मानकर चल रहा था कि आजमगढ़ सीट पर कड़ी टक्कर देंगे। यहां तक की वो जीत के भी दावे कर रहे थे। निरहुआ ने भी टीवी चैनलों को दिए बयान में अपनी जीत के प्रति आश्वस्त दिखाई दिए थे, लेकिन मंगलवार को परिणाम आया तो नतीजे एकदम उलट दिखे। सपा के धर्मेंद्र यादव शुरू से ही बढ़त बनाए थे। किसी भी राउंड में निरहुआ उनसे आगे नहीं निकल पाए।
आजमगढ़ सीट पर 2014 व 2019 में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। हालांकि 2022 के लोकसभा के उपचुनाव में जनता ने दिनेश लाल यादव निरहुआ पर भरोसा जताते हुए सांसद चुना था। गठबंधन के बाद वोटों का ध्रुवीकरण ही एक मात्र रास्ता दिख रहा था।
वर्तमान चुनाव में भाजपा ने आजमगढ़ सीट से भोजपूरी फिल्म स्टार दिनेश लाल यादव निरहुआ पर फिर से भरोसा जताते हुए चुनाव मैदान में उतारा। दिनेश लाल यादव निरहुआ का रोडशो या नुक्कड़ सभा या फिर जनसभा, इसमें उमड़ी भीड़ को लेकर न सिर्फ भाजपाई उत्साहित थे, बल्कि सपाई इससे परेशान भी दिख रहे थे।
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सभाओं के दौरान अपने भाषण में ऊर्जा से लबरेज निरहुआ समर्थकों को सकारात्मक संदेश भी दे रहे थे। छठे चरण में 25 मई को चुनाव संपन्न होने के बाद प्रत्याशी समेत जिलाध्यक्ष और सभी पदाधिकारी आजमगढ़ सीट को लेकर दावे कररहे थे। हालांकि लालगंज अजा सीट पर भी भाजपाई मानकर चल रहे थे कि वहां कांटे की लड़ाई है। फिर भी जीत पाने की बात कर रहे थे। मंगलवार को प्रथम चक्र की मतगणना के साथ नतीजे आने शुरु हुए तो ये आशाओं से एकदम उलट दिखे। आजमगढ़ सीट से भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल यादव 27 राउंड तक किसी में सपा प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव से आगे नहीं निकल पाए। हर राउंड में धर्मेंद्र यादव अपनी बढ़त को और आगे ले जाते रहे। परिणाम देखकर हर कोई यही कहता नजर आया धर्मेंद्र के कद की छाया से निरहुआ निकल ही नहीं पाया। वहीं, नीलम कई राउंड में सपा प्रत्याशी से पीछे ही रहीं।
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आजमगढ़ सीट पर 2014 व 2019 में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। हालांकि 2022 के लोकसभा के उपचुनाव में जनता ने दिनेश लाल यादव निरहुआ पर भरोसा जताते हुए सांसद चुना था। गठबंधन के बाद वोटों का ध्रुवीकरण ही एक मात्र रास्ता दिख रहा था।
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वर्तमान चुनाव में भाजपा ने आजमगढ़ सीट से भोजपूरी फिल्म स्टार दिनेश लाल यादव निरहुआ पर फिर से भरोसा जताते हुए चुनाव मैदान में उतारा। दिनेश लाल यादव निरहुआ का रोडशो या नुक्कड़ सभा या फिर जनसभा, इसमें उमड़ी भीड़ को लेकर न सिर्फ भाजपाई उत्साहित थे, बल्कि सपाई इससे परेशान भी दिख रहे थे।
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सभाओं के दौरान अपने भाषण में ऊर्जा से लबरेज निरहुआ समर्थकों को सकारात्मक संदेश भी दे रहे थे। छठे चरण में 25 मई को चुनाव संपन्न होने के बाद प्रत्याशी समेत जिलाध्यक्ष और सभी पदाधिकारी आजमगढ़ सीट को लेकर दावे कररहे थे। हालांकि लालगंज अजा सीट पर भी भाजपाई मानकर चल रहे थे कि वहां कांटे की लड़ाई है। फिर भी जीत पाने की बात कर रहे थे। मंगलवार को प्रथम चक्र की मतगणना के साथ नतीजे आने शुरु हुए तो ये आशाओं से एकदम उलट दिखे। आजमगढ़ सीट से भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल यादव 27 राउंड तक किसी में सपा प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव से आगे नहीं निकल पाए। हर राउंड में धर्मेंद्र यादव अपनी बढ़त को और आगे ले जाते रहे। परिणाम देखकर हर कोई यही कहता नजर आया धर्मेंद्र के कद की छाया से निरहुआ निकल ही नहीं पाया। वहीं, नीलम कई राउंड में सपा प्रत्याशी से पीछे ही रहीं।