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Azamgarh News: जिले के 80 मदरसों के शिक्षकों की योग्यता जांचेगी कमेटी
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आजमगढ़। अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय की ओर से अल्पसंख्यक विभाग को जिले में संचालित 80 मदरसों की जांच का निर्देश दिया गया था। जिसमें स्कूलों के भवन, जमीन और शिक्षकों की योग्यता की जांच की जानी थी। 30 दिसंबर तक विभाग को जांच कर रिपोर्ट निदेशालय को सौंपनी थी। लेकिन जनवरी भी बीतने को आई अभी तक जांच भी शुरू नहीं हो सकी। इसके लिए निदेशालय की ओर से विभाग को रिमाइंडर जारी किया गया तो कमेटी का गठन कर जांच शुरू कर दी गई।
जनपद में संचालित 80 मदरसों की जांच का निर्देश अल्पसंख्यक निदेशालय की ओर से नवंबर माह में ही दिया गया था। इसमें 20 एडेड और 60 मान्यता प्राप्त मदरसे शामिल थे। निदेशालय की ओर से 30 दिसंबर तक इसकी जांचकर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया था। लेकिन जनपद में अभी तक जांच रिपोर्ट सौंपने की बात दूर अभी तक जांच भी शुरू नहीं हो सकी है।
जनपद में कुल 387 मदरसे संचालित हो रहे हैं। शासन की ओर से 2017 में मदरसों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। विशेष जांच टीम ने अपनी जांच में 219 मदरसों को कागजों में ही चलते हुए पाया था। जबकि इनमें से 39 मदरसे आधुनिकीकरण योजना में भी शामिल थे और उनको भुगतान भी हो रहा था। एसआईटी की ओर से इन मदरसों के खिलाफ एफआईआर की संस्तुति की गई थी। लेकिन अब तक इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किया गया। वहीं निदेशालय की ओर से नवंबर माह में 80 मदरसों की जांच का निर्देश दिया गया। जिसमें खास तौर पर 20 एडेड मदरसों की जांच होनी थी। जो अब तक शुरू नहीं हो सकी है। जिसके लिए निदेशालय की ओर से रिमाइंडर जारी किया गया है। अब जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग कमेटी का गठन कर जांच शुरू कर चुका है।
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निदेशालय की ओर से 80 मदरसों की जांच का निर्देश दिया गया था। निदेशालय का फोकस 20 एडेड मदरसों की जांच पर ज्यादा है। क्योंकि इनको शासन की ओर से धन जारी किया जा रहा है। अभी तक हमारी ओर से सूची तैयार की जा रही थी, जो अब तैयार हो गई है। डीएम की ओर से कमेटी का गठन भी कर दिया गया है। जिसमें जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के साथ ही संबंधित ब्लाकों के बीईओ को कमेटी में शामिल किया गया है।
वर्षा अग्रवाल, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।
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जनपद में संचालित 80 मदरसों की जांच का निर्देश अल्पसंख्यक निदेशालय की ओर से नवंबर माह में ही दिया गया था। इसमें 20 एडेड और 60 मान्यता प्राप्त मदरसे शामिल थे। निदेशालय की ओर से 30 दिसंबर तक इसकी जांचकर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया था। लेकिन जनपद में अभी तक जांच रिपोर्ट सौंपने की बात दूर अभी तक जांच भी शुरू नहीं हो सकी है।
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जनपद में कुल 387 मदरसे संचालित हो रहे हैं। शासन की ओर से 2017 में मदरसों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। विशेष जांच टीम ने अपनी जांच में 219 मदरसों को कागजों में ही चलते हुए पाया था। जबकि इनमें से 39 मदरसे आधुनिकीकरण योजना में भी शामिल थे और उनको भुगतान भी हो रहा था। एसआईटी की ओर से इन मदरसों के खिलाफ एफआईआर की संस्तुति की गई थी। लेकिन अब तक इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किया गया। वहीं निदेशालय की ओर से नवंबर माह में 80 मदरसों की जांच का निर्देश दिया गया। जिसमें खास तौर पर 20 एडेड मदरसों की जांच होनी थी। जो अब तक शुरू नहीं हो सकी है। जिसके लिए निदेशालय की ओर से रिमाइंडर जारी किया गया है। अब जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग कमेटी का गठन कर जांच शुरू कर चुका है।
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निदेशालय की ओर से 80 मदरसों की जांच का निर्देश दिया गया था। निदेशालय का फोकस 20 एडेड मदरसों की जांच पर ज्यादा है। क्योंकि इनको शासन की ओर से धन जारी किया जा रहा है। अभी तक हमारी ओर से सूची तैयार की जा रही थी, जो अब तैयार हो गई है। डीएम की ओर से कमेटी का गठन भी कर दिया गया है। जिसमें जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के साथ ही संबंधित ब्लाकों के बीईओ को कमेटी में शामिल किया गया है।
वर्षा अग्रवाल, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।