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समिति के सचिव, सभापति पर एफआईआर की संस्तुति
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Wed, 27 Dec 2017 12:37 AM IST
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बुनकर
आजमगढ़। शिकायत के आधार पर जिले में हुई 11 बुनकर समितियों की जांच में एक करोड़ 40 लाख के गबन का मामला सामने आया है।
जांच टीम ने सभी समिति के सचिव, सभापति के अलावा निरीक्षक, सुपरवाइजर और फर्जी बैलेंस सीट बनाने वाले सीए के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की संस्तुति की है। इसके साथ ही पूरे धन की रिकवरी भी होगी । समिति से मिली रिपोर्ट को जिलाधिकारी ने शासन को भेज दी है।
पिछले दिनों हथकरघा विभाग के डायरेक्टर से मुबारकपुर की 11 समितियों की शिकायत हुई थी। आरोप था कि समितियों ने सरक ार की ओर से मिले करोड़ों रुपये का लाभ बुनकरों को ना देकर इसका गबन किया। हथकरघा विभाग के डायरेक्टर के पत्र पर जिलाधिकारी ने जांच समिति में अपर अर्थ संख्या अधिकारी सुनील सिंह, मुख्य कोषाधिकारी विजय शंकर, एआर काऑपरेटिव आरके द्विवेदी की टीम का गठन कर शिकायत की जांच कराई।
जांच में इन समितियों द्वारा एक करोड़ 40 लाख 44 हजार 444 रुपये के गबन का मामला सामने आया। केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से समितियों के तीन वर्ष के औसतन वार्षिक टर्नओवर पर ही 10 फीसदी के हिसाब से बुनकरों के उत्थान के लिए धन इन समितियों को जारी किया जाता है।
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इसे पाने के लिए समितियों की ओर से अपने तीन वर्ष के व्यापार का वार्षिक टर्नओवर बैलेंसशीट बनाकर देना होता है। शुरुआती जांच में बैलेंस शीट में ही फर्जीवाड़ा मिला था। कई समितियों की बैलेंसशीट में एक ही ग्राहक एक ही क्रम में अलग-अलग डेट में मिले थे।
इसके साथ ही बुनकरों के नाम पर जो धन मिले थे उसे बुनकरों पर खर्च न करके ग्राहकों को ही छूट देने की भी बात सामने आई। मुबारकपुर कस्बे में लगभग दो सौ बुनकर समितियां पंजीकृत हैं। इन समितियों को 38 करोड़ धन आवंटित हुआ था। जांच समिति ने इनमें भी इस तरह का गबन की आशंका जताई है।
11 बुनकर समितियों की जांच आख्या में एक करोड़ 40 लाख से अधिक के गबन का मामला प्रकाश में आया है। चूंकि यह जांच डायरेक्टर हथकरघा विभाग द्वारा कराने का निर्देश प्राप्त हुआ था इसलिए जांच आख्या को उनके पास भेज दिया गया है। आगे उनकी ओर से जिस प्रकार का निर्देश मिलेगा आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी।
इस समितियों की हुई थी जांच
भारती हैंडलूम पुरारानी, विकास बुनकर नयापुरा, न्यू इंडिया हैंडलूम पुरा खिजिर, संगम हैंडलूम पुरारानी, सिल्क हैंलूम समौधी, इंडियन हैंडलूम पुरा दीवान, शमा इंडिया पुरा दीवान, भारत हैंडलूम पुरा रानी, डायमंड सिल्क पुरा रानी, रेशमी करघा उद्याग कटरा, आधुनिक बुनकर संघ पुरा सोफी को सरकार की ओर से करोड़ों रुपये बुनकरों के उत्थान के लिए मिले थे।
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जांच टीम ने सभी समिति के सचिव, सभापति के अलावा निरीक्षक, सुपरवाइजर और फर्जी बैलेंस सीट बनाने वाले सीए के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की संस्तुति की है। इसके साथ ही पूरे धन की रिकवरी भी होगी । समिति से मिली रिपोर्ट को जिलाधिकारी ने शासन को भेज दी है।
पिछले दिनों हथकरघा विभाग के डायरेक्टर से मुबारकपुर की 11 समितियों की शिकायत हुई थी। आरोप था कि समितियों ने सरक ार की ओर से मिले करोड़ों रुपये का लाभ बुनकरों को ना देकर इसका गबन किया। हथकरघा विभाग के डायरेक्टर के पत्र पर जिलाधिकारी ने जांच समिति में अपर अर्थ संख्या अधिकारी सुनील सिंह, मुख्य कोषाधिकारी विजय शंकर, एआर काऑपरेटिव आरके द्विवेदी की टीम का गठन कर शिकायत की जांच कराई।
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जांच में इन समितियों द्वारा एक करोड़ 40 लाख 44 हजार 444 रुपये के गबन का मामला सामने आया। केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से समितियों के तीन वर्ष के औसतन वार्षिक टर्नओवर पर ही 10 फीसदी के हिसाब से बुनकरों के उत्थान के लिए धन इन समितियों को जारी किया जाता है।
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इसे पाने के लिए समितियों की ओर से अपने तीन वर्ष के व्यापार का वार्षिक टर्नओवर बैलेंसशीट बनाकर देना होता है। शुरुआती जांच में बैलेंस शीट में ही फर्जीवाड़ा मिला था। कई समितियों की बैलेंसशीट में एक ही ग्राहक एक ही क्रम में अलग-अलग डेट में मिले थे।
इसके साथ ही बुनकरों के नाम पर जो धन मिले थे उसे बुनकरों पर खर्च न करके ग्राहकों को ही छूट देने की भी बात सामने आई। मुबारकपुर कस्बे में लगभग दो सौ बुनकर समितियां पंजीकृत हैं। इन समितियों को 38 करोड़ धन आवंटित हुआ था। जांच समिति ने इनमें भी इस तरह का गबन की आशंका जताई है।
11 बुनकर समितियों की जांच आख्या में एक करोड़ 40 लाख से अधिक के गबन का मामला प्रकाश में आया है। चूंकि यह जांच डायरेक्टर हथकरघा विभाग द्वारा कराने का निर्देश प्राप्त हुआ था इसलिए जांच आख्या को उनके पास भेज दिया गया है। आगे उनकी ओर से जिस प्रकार का निर्देश मिलेगा आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी।
इस समितियों की हुई थी जांच
भारती हैंडलूम पुरारानी, विकास बुनकर नयापुरा, न्यू इंडिया हैंडलूम पुरा खिजिर, संगम हैंडलूम पुरारानी, सिल्क हैंलूम समौधी, इंडियन हैंडलूम पुरा दीवान, शमा इंडिया पुरा दीवान, भारत हैंडलूम पुरा रानी, डायमंड सिल्क पुरा रानी, रेशमी करघा उद्याग कटरा, आधुनिक बुनकर संघ पुरा सोफी को सरकार की ओर से करोड़ों रुपये बुनकरों के उत्थान के लिए मिले थे।