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नहर की पटरी काटी, फसलें जलमग्न
Azamgrah
Updated Sat, 21 Jul 2018 11:26 PM IST
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माइनर की खंदी कटने से 50 बीघा फसल जलमग्न
- फोटो : अमर उजाला
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फरिहां बाजार के समीप से गुजर रही शारदा सहायक खंड-32 नहर की शाखा की पटरी को शुक्रवार देर रात अराजकतत्वों ने अपने लाभ के लिए काट दिया। इससे कई एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई। संबंधित विभाग को मामले की सूचना दी गई।
अभी रविवार को बांध पाटने की बात कही जा रही है। विभाग की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई है।
नहर की पटरी कटने से फैजुल्लापुर, मोहिउद्दीनपुर, बलुअरा, बीबीपुर, बिरही इत्यादि गांव की कई एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई है। खेत में पानी लगने से रोपाई का कार्य भी बाधित हुआ है। इससे क्षेत्रीय किसानों में रोष व्याप्त है।
अरविंद कुमार यादव, सत्यदेव यादव, शंभू, पप्पू इत्यादि लोगों ने बताया कि कुछ लोगों की शरारत की वजह से खेत डूब गए हैं। चार से छह दिन बाद ही इन डूबे हुए खेतों में धान की रोपाई शुरू हो पाएगी। जो धान पहले से रोपे गए हैं, वह पूरी तरह से पानी के अंदर समा गए हैं।
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पानी उसके ऊपर से बह रहा है। पानी की निकासी मोहम्मदपुर स्थित मंगई नदी में किया जा रहा है। जेई मृत्युंजय कुमार ने बताया कि कटी हुई नहर को बांधने का कार्य रविवार को किया जाएगा। विभाग की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस चौकी पर तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई है।
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अभी रविवार को बांध पाटने की बात कही जा रही है। विभाग की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई है।
नहर की पटरी कटने से फैजुल्लापुर, मोहिउद्दीनपुर, बलुअरा, बीबीपुर, बिरही इत्यादि गांव की कई एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई है। खेत में पानी लगने से रोपाई का कार्य भी बाधित हुआ है। इससे क्षेत्रीय किसानों में रोष व्याप्त है।
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अरविंद कुमार यादव, सत्यदेव यादव, शंभू, पप्पू इत्यादि लोगों ने बताया कि कुछ लोगों की शरारत की वजह से खेत डूब गए हैं। चार से छह दिन बाद ही इन डूबे हुए खेतों में धान की रोपाई शुरू हो पाएगी। जो धान पहले से रोपे गए हैं, वह पूरी तरह से पानी के अंदर समा गए हैं।
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पानी उसके ऊपर से बह रहा है। पानी की निकासी मोहम्मदपुर स्थित मंगई नदी में किया जा रहा है। जेई मृत्युंजय कुमार ने बताया कि कटी हुई नहर को बांधने का कार्य रविवार को किया जाएगा। विभाग की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस चौकी पर तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई है।