फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Best Pradesh Akhilesh

उत्तम प्रदेश के लिए अखिलेश

Wed, 26 Oct 2016 12:02 AM IST
शैलेंद्र मणि त्रिपाठी/आजमगढ
शैलेंद्र मणि त्रिपाठी/आजमगढ Updated Wed, 26 Oct 2016 12:02 AM IST
विज्ञापन
सपा प्रदेश नेतृत्व में पारिवारिक कलह को लेकर उपजे विवाद से पार्टी की भले ही पूरे प्रदेश में किरकिरी हुई हो लेकिन यह साफ हो गया है कि अधिकतर विधायक अखिलेश यादव के पक्ष में हैं और उन्हें फिर मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। मुख्यमंत्री की लखनऊ में बुलाई गई बैठक में जिले के सभी नौ विधायकों ने हिस्सा लेकर यह पहले ही साबित कर दिया था कि वे उनके साथ हैं। अधिकतर विधायकों का कहना है कि यह परिवार का विवाद था, उसका पार्टी से कोई लेना देना नहीं है।  उनका कहना है कि अगर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाना है तो अखिलेश चाहिए।  
विज्ञापन



पिछले दिनों मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से चाचा शिवपाल, ओमप्रकाश सिंह,  शादाब फातिमा और नारद राय को मंत्री मंडल से बर्खास्त किए जाने के बाद समाजवादी का पारिवारिक कलह अब सतह पर आ गया था। लखनऊ की बैठक में सदर के विधायक वन मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव सहित मेंहनगर के बृजलाल सोनकर, लालगंज के बेचई सरोज, मार्टिनगंज के आदिल शेख, फूलपुर के श्याम बहादुर, निजामाबाद के आलमबदी, अतरौलिया के संग्राम यादव, गोपालपुर के वशीम अहमद और सगड़ी के सपा विधायक अभय नारायण पटेल शामिल हुए थे। इन विधायकों ने बैठक में शामिल होकर अखिलेश यादव के प्रति विश्वास जताया है, लेकिन इनमें एक-दो ऐसे भी विधायक हैं जो असमंजस में हैं और इस विषय पर कुछ बोलना नहीं चाहते। अखिलेश के समर्थन के मुद्दे पर सगड़ी के विधायक अभय नारायण पटेल ने कहा कि वह इस संबंध में टेलीफोन पर कुछ नहीं कह सकते। हालांकि मेंहनगर के विधायक बृजलाल सोनकर ने कहा कि सपा में पारिवारिक विवाद से पार्टी को कुछ लेना देना नहीं है। अब कोई विवाद नहीं है। कहा कि वह सौ फीसदी अखिलेश यादव के साथ हैं और इस बार दसगुने अधिक ताकत से क्षेत्र में आएंगे। अतरौलिया के विधायक संग्राम यादव ने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश के प्रति विश्वास जताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में पार्टी की फिर सरकार बनाना ही उद्देश्य है।   
विज्ञापन



उल्लेखनीय है कि कौमी एकता दल का सपा  में विलय को लेकर सपा प्रदेश नेतृत्व में मचे घमासान मचा था और विलय नहीं हो पाया था। इसमें मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव के करीबी माध्यमिक  शिक्षा मंत्री बलराम यादव की भूमिका सामने आने पर उनको अखिलेश यादव ने बर्खास्त कर दिया गया था। बाद में सपा मुखिया  के हस्तक्षेप पर मुख्यमंत्री ने उन्हें फिर मंत्रालय लौटाया था। दूसरे चरण में चार मंत्रियों को बर्खास्तगी के बाद उपजा विवाद तीसरे दिन शांत हो गया और फिर सपा मुखिया के हस्तक्षेप पर चारों मंत्रियों शिवपाल यादव, ओमप्रकाश सिंह, शादाब फातिमा, नारद यादव की वापसी की बात सामने आई है। इस पूरे घटनाक्रम का असर जिले में सपा की सियासत पर पड़ा है। पारिवारिक कलह को लेकर उठे विवाद से अखिलेश यादव की छवि उभर कर आई है। सपा मुखिया में विवाद के जुड़ी हर बातें मीडिया के जरिये खुलकर सामने आने के बाद पार्टी के लोगों के साथ आम लोगों ने पूरी स्थिति का मूल्यांकन किया और अखिलेश यादव की साफ सुथरी छवि, उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों को लोगों ने सराहा। अखिलेश के साथ जुड़ कर सपा के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों को अपना सियासी भविष्य नजर आने लगा है। पारिवारिक विवाद से सभी यह जान गए हैं कि मुलायम सिंह यादव के बाद उनके उत्तराधिकारी अखिलेश ही होंगे और वही पार्टी को न सिर्फ कुशलता से चला सकते हैं बल्कि सपा की खोई हुई छबि को वापस ला सकते हैं।  
विज्ञापन
विज्ञापन



सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव का कहना है सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव काफी हद तक स्थिति संभाल चुके हैं। कुछ दिनों में सब सामान्य हो जाएगा। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से पार्टी के 99 फीसदी लोग भावनात्मक रूप से जुड़े हैं। सभी विधायक भी मुख्यमंत्री के साथ हैं। आने वाले विधानसभा चुनाव में फिर सपा की सरकार बनेगी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री होंगे। सदर विधायक दुर्गा यादव का कहना है कि जनता चाह रही है कि अखिलेश यादव फिर मुख्यमंत्री बने, फिर उन्हें फिर सत्ता में आने से कौन रोक सकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed