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वर्षा जल बचाकर बनाएंगे संतुलन
ब्यूरो/अमर उजाला, भारतेंदु मिश्र
Updated Wed, 30 Mar 2016 11:54 PM IST
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पानी की समस्या
- फोटो : demo
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बेहद कम बारिश और भूजल स्तर के अंधाधुंध दोहन से स्थिति भयावह होती जा रही है। इस समस्या से निबटने के लिए केंद्र सरकार ने जिले के भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने के लिए 75 करोड़ के प्रस्ताव के सापेक्ष पहली किस्त के रूप में 4.3 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। पहले चरण में इस सिस्टम को सरकारी भवनों में लगाया जाएगा। इस योजना के तहत बारिश के पानी को एकत्र कर सीधे जमीन में भेजा जाएगा जिससे भूजल स्तर उठाने में मदद मिलेगी।
योजना का काम देख रहे जलकल विभाग के एई पुरुषोत्तम कुमार का दावा है, कि इस सिस्टम से 15 दिन की बारिश के पानी से तीन वर्षों तक के गिरे जलस्तर को पुन: पूर्व की स्थिति में लाया जा सकता है। योजना सही ढंग से लागू हो तो जिले का भूजल स्तर में कभी कमी नहीं आएगी। इस योजना को लागू करने के लिए नगर क्षेत्र के दो हजार भवनों का उपयोग किया जाएगा। कुमार के अनुसार प्रोजेक्ट को तीन चरणों में पूरा करना है।
पहले चरण में इस प्रोजेक्ट के लिए सरकारी भवनों को चयनित किया गया है। दूसरे चरण में 2000 स्क्वायर फीट छत वाले मकानों को तथा तीसरे चरण में 1000 स्क्वायर फीट व उससे कम क्षेत्रफल के छत वाले मकानों में इसे लागू किया जाएगा। नगरपालिका परिषद आजमगढ़ द्वारा तैयार प्रोजेक्ट पर काम कार्यदायी संस्था उप्र जल निगम कराएगा। पुरुषोत्तम ने बताया कि नगर क्षेत्र में बनने वाले नए मकानों के नक्शे इस योजना के साथ ही पास होंगे।
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योजना का काम देख रहे जलकल विभाग के एई पुरुषोत्तम कुमार का दावा है, कि इस सिस्टम से 15 दिन की बारिश के पानी से तीन वर्षों तक के गिरे जलस्तर को पुन: पूर्व की स्थिति में लाया जा सकता है। योजना सही ढंग से लागू हो तो जिले का भूजल स्तर में कभी कमी नहीं आएगी। इस योजना को लागू करने के लिए नगर क्षेत्र के दो हजार भवनों का उपयोग किया जाएगा। कुमार के अनुसार प्रोजेक्ट को तीन चरणों में पूरा करना है।
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पहले चरण में इस प्रोजेक्ट के लिए सरकारी भवनों को चयनित किया गया है। दूसरे चरण में 2000 स्क्वायर फीट छत वाले मकानों को तथा तीसरे चरण में 1000 स्क्वायर फीट व उससे कम क्षेत्रफल के छत वाले मकानों में इसे लागू किया जाएगा। नगरपालिका परिषद आजमगढ़ द्वारा तैयार प्रोजेक्ट पर काम कार्यदायी संस्था उप्र जल निगम कराएगा। पुरुषोत्तम ने बताया कि नगर क्षेत्र में बनने वाले नए मकानों के नक्शे इस योजना के साथ ही पास होंगे।
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