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प्रशासन ने लगाई रोक, फिर भी मझगांवा में होता रहा अवैध खनन
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Sat, 13 Jan 2018 12:46 AM IST
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अवैध खनन
- फोटो : अमर उजाला
एनएचएआई की ओर से तैनात कंपनी के बिना अनुमति मझगांवा गांव में खुदाई करने के मामले में प्रशासन की ओर से अवैध खनन पर रोक लगाने के बाद भी खनन किया जाता रहा।
अमर उजाला की ओर से मुद्दा उठाने के बाद प्रशासन ने सख्ती बरती तो शुक्रवार दोपहर खनन बंद कर दिया गया। वहीं, कार्यदायी कंपनी की ओर से इसे किसी दूसरे खनन माफिया का कार्य बता मामले से पल्ला झाड़ने की कोशिश की जाती रही।
वाराणसी-आजमगढ़-गोरखपुर हाईवे पर चल रहे फोरलेन के काम में मिट्टी भराव के लिए निजी कंपनी द्वारा बिना अनुमति तमसा तट पर मनमाने ढंग से अवैध खनन करने से रानी की सराय ब्लाक के मझगावां गांव में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा था।
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शिकायत पर प्रशासन ने वहां बुधवार को खनन पर रोक लगा दी थी। जांच में पता चला थी कि मझगांवा गांव में खनन के लिए न तो कंपनी ने प्रशासन से अनुमति ली थी न किसानों को मुआवजा दिया और न इसकी रायल्टी ही जमा की थी।
आदेश के बाद भी कंपनी की ओर से गुरुवार को पूरे दिन पोकलैंड मशीन से खनन किया जाता रहा। डंपरों में भरकर मिट्टी ले जाने कार्य होता रहा। शुक्रवार को मामले का जानकारी मिलने के बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व वीके गुप्ता ने मामले में नकेल कसी तो दोपहर में खनन बंद कर दिया गया।
ग्रामीणों ने भी दोपहर में खनन बंद होने की पुष्टी की है। वहीं, इस संबंध में कार्यदायी कंपनी गायत्री के अधिकारियों से बात की गई तो वो इसे किसी दूसरे खनन माफिया का कार्य बता मामले से पल्ला झाड़ने की कोशिश करते रहे।
रानी की सराय ब्लाक का मझगांवा तमसा नदी के किनारे बसा है। बरसात में गांव के कुछ हिस्सों में बाढ़ आ जाती है। तट से 50 मीटर दूरी पर ही खनन होने से ग्रामीणों का आरोप था कि नदी की धारा गांव की ओर हो सकती है। इससे आसपास के गांव भी बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे। रातभर जेसीबी, ट्रैक्टरों और डंपरों के चलने से लोगों में भय बना रहता है। तट पर जगह-जगह 3 से 4 फिट मिट्टी निकाली गई है।
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अमर उजाला की ओर से मुद्दा उठाने के बाद प्रशासन ने सख्ती बरती तो शुक्रवार दोपहर खनन बंद कर दिया गया। वहीं, कार्यदायी कंपनी की ओर से इसे किसी दूसरे खनन माफिया का कार्य बता मामले से पल्ला झाड़ने की कोशिश की जाती रही।
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वाराणसी-आजमगढ़-गोरखपुर हाईवे पर चल रहे फोरलेन के काम में मिट्टी भराव के लिए निजी कंपनी द्वारा बिना अनुमति तमसा तट पर मनमाने ढंग से अवैध खनन करने से रानी की सराय ब्लाक के मझगावां गांव में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा था।
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शिकायत पर प्रशासन ने वहां बुधवार को खनन पर रोक लगा दी थी। जांच में पता चला थी कि मझगांवा गांव में खनन के लिए न तो कंपनी ने प्रशासन से अनुमति ली थी न किसानों को मुआवजा दिया और न इसकी रायल्टी ही जमा की थी।
आदेश के बाद भी कंपनी की ओर से गुरुवार को पूरे दिन पोकलैंड मशीन से खनन किया जाता रहा। डंपरों में भरकर मिट्टी ले जाने कार्य होता रहा। शुक्रवार को मामले का जानकारी मिलने के बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व वीके गुप्ता ने मामले में नकेल कसी तो दोपहर में खनन बंद कर दिया गया।
ग्रामीणों ने भी दोपहर में खनन बंद होने की पुष्टी की है। वहीं, इस संबंध में कार्यदायी कंपनी गायत्री के अधिकारियों से बात की गई तो वो इसे किसी दूसरे खनन माफिया का कार्य बता मामले से पल्ला झाड़ने की कोशिश करते रहे।
रानी की सराय ब्लाक का मझगांवा तमसा नदी के किनारे बसा है। बरसात में गांव के कुछ हिस्सों में बाढ़ आ जाती है। तट से 50 मीटर दूरी पर ही खनन होने से ग्रामीणों का आरोप था कि नदी की धारा गांव की ओर हो सकती है। इससे आसपास के गांव भी बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे। रातभर जेसीबी, ट्रैक्टरों और डंपरों के चलने से लोगों में भय बना रहता है। तट पर जगह-जगह 3 से 4 फिट मिट्टी निकाली गई है।