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बस नोटिस देने भर की ही हिम्मत जुटा पाया एडीए.....
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Thu, 14 Dec 2017 12:44 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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आजमगढ़। ग्रीनलैंड में बने होटल का ध्वस्तीकरण आदेश के बाद भी निर्माण पूरा कर उद्घाटन करने के मामले में एडीए अभी तक सिर्फ होटल को नोटिस जारी करने की हिम्मत जुटा पाया है।
होटल मानसरोवर के संचालन को नोटिस जारी कर होटल का बोर्ड हटाने और व्यावसायिक गतिविधि नहीं करने की चेतावनी दी गई है। इसके बाद भी होटल स्वामी की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है।
शहर के शारदा चौराहे पर डॉ. प्रेम प्रकाश यादव के निर्माणाधीन होटल मानसरोवर को तत्कालीन एडीए सचिव की ओर से ध्वस्तीकरण आदेश दिया गया था। होटल स्वामी इसके खिलाफ कमिश्नर कोर्ट चल गए।
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वहां मामला विचाराधीन रहने के बाद विभागीय मिलीभगत से न सिर्फ निर्माण को पूरा किया गया, बल्कि इस होटल का उद्घाटन भी कर दिया गया। मामला अखबारों की सुर्खियां बना तो सचिव की ओर से मौका मुआयना किया गया, लेकिन कार्रवाई के बारे में कर्मचारियों की कमी तो जेई के ऊपर मामला टाला जाता रहा।
अब होटल स्वामी को नोटिस भेजकर बोर्ड हटाने को कहा गया है। एई डीबी राम ने बताया कि होटल स्वामी को व्यावसायिक गतिविधि नहीं करने की चेतावनी दी गई है। नोटिस के साथ ही विभाग ने अपनी जिम्मेदारी की इतिश्री कर दी गई है।
इसके बाद भी होटल स्वामी की ओर से नोटिस पर कोई कदम नहीं उठाया गया है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्रीनलैंड से अवैध निर्माण हटाने के प्रति विभाग कितनी गंभीर है।
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होटल मानसरोवर के संचालन को नोटिस जारी कर होटल का बोर्ड हटाने और व्यावसायिक गतिविधि नहीं करने की चेतावनी दी गई है। इसके बाद भी होटल स्वामी की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है।
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शहर के शारदा चौराहे पर डॉ. प्रेम प्रकाश यादव के निर्माणाधीन होटल मानसरोवर को तत्कालीन एडीए सचिव की ओर से ध्वस्तीकरण आदेश दिया गया था। होटल स्वामी इसके खिलाफ कमिश्नर कोर्ट चल गए।
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वहां मामला विचाराधीन रहने के बाद विभागीय मिलीभगत से न सिर्फ निर्माण को पूरा किया गया, बल्कि इस होटल का उद्घाटन भी कर दिया गया। मामला अखबारों की सुर्खियां बना तो सचिव की ओर से मौका मुआयना किया गया, लेकिन कार्रवाई के बारे में कर्मचारियों की कमी तो जेई के ऊपर मामला टाला जाता रहा।
अब होटल स्वामी को नोटिस भेजकर बोर्ड हटाने को कहा गया है। एई डीबी राम ने बताया कि होटल स्वामी को व्यावसायिक गतिविधि नहीं करने की चेतावनी दी गई है। नोटिस के साथ ही विभाग ने अपनी जिम्मेदारी की इतिश्री कर दी गई है।
इसके बाद भी होटल स्वामी की ओर से नोटिस पर कोई कदम नहीं उठाया गया है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्रीनलैंड से अवैध निर्माण हटाने के प्रति विभाग कितनी गंभीर है।