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घाघरा ने िकया लाल निशान पार
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
Updated Sat, 16 Jul 2016 11:47 PM IST
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बाढ़
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घाघरा का डिघिया नाले के पास जलस्तर शनिवार की सुबह खतरा बिंदू के पार हो गया। नदी खतरा निशान से चार सेमी ऊपर बह रही थी लेकिन शाम को खतरा बिंदू से मात्र दो सेमी ऊपर बह रही थी। तटवर्ती क्षेत्र के लोग चिंतित हैं। पानी घटने पर होने वाली कटान से उनकी कृषि योग्य जमीन नदी में समाहित होने की आशंका जताई जा रही है।
जनपद के उत्तरी सीमा से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी एक बार फिर से उफान पर है। महुला गढ़वाल बांध में सहनूपुर रेगुलेटर से रिसाव भी शुरू हो गया। शनिवार की सुबह आठ बजे घाघरा का जलस्तर डिघिया नाले पर 70.44 और बदरहुंआ पर 71.31 मीटर दर्ज किया गया। नदी बदरहुंआ में तो खतरा बिंदू से नीचे लेकिन डिघिया पर खतरा बिंदू से चार सेेमी ऊपर बह रही थी।
शनिवार की शाम चार बजे नदी का जलस्तर डिघिया नाले पर 70.42 मीटर और बदरहुंआ पर 71.31 मीटर दर्ज किया गया। इस प्रकार शाम को नदी डिघिया नाले पर खतरा बिंदू से दो सेमी ऊपर बह रही थी । जबकि बदरहुंआ में नदी का जलस्तर स्थिर रहा। जलस्तर बढ़ने से शाहडीह, सोनौरा, मानिकपुर, अजगरा, मगर्वि, भदौरा आदि गांवों के लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों को चस्कूल जाने में परेशानी हो रही है।
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वहीं ग्रामीणों को पशुओं के चारे की व्यवस्था करना भारी पड़ रहा है। एक तरफ नदी का जलस्तर खतरा बिंदू पार कर गया है वहीं दूसरी तरफ प्रशासन द्वारा बनाई चौकियां अभी तक ऐक्टिव नहीं हुई हैं। शनिवार की देर शाम तहसीलदार सगड़ी शिवधर चौरसिया ने बाढ़ क्षेत्र का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि अभी हालात सही हैं जैसे ही खतरा होगा सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय हो जाएंगी।
बाढ़ राहत के लिए बैठक आज : जिलाधिकारी सुहास एलवाई की अध्यक्षता में 17 जुलाई को 12 बजे से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बाढ़ राहत कार्ययोजना के लिए समीक्षा बैठक बुलाई गई है। इसमें चिकित्सा स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा, आपूर्ति, खाद्य विपणन, लोक निर्माण विभाग, पंचायती राज, बाढ़ खंड, विद्युत, जल निगम, आरटीओ, समेत अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित होंगे। समीक्षा बैठक के बाद सभी अधिकारी कार्ययोजना की तैयारियों की मौके पर जाकर जायजा लेंगे।
स्थापित की गईं दस बाढ़ चौकियां : जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बताया कि बाढ़ के दौरान होने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए बाढ़ प्रभावित रहे इलाकों में दस बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। जनपद में बाढ़ की विभीषिका से उत्पन्न होने वाली समस्याओं से निपटने के लिए बाढ़ परिक्षेत्र में 10 बाढ़ चौकियां बनाई गईं है। घाघरा नदी का पानी अभी खतरे के निशान से काफी नीचे है लेकिन हम बराबर मानीटरिंग कर रहे हैं। यहां महुला गढ़वल बांध है, जहां बराबर निगरानी की जा रही है।
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जनपद के उत्तरी सीमा से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी एक बार फिर से उफान पर है। महुला गढ़वाल बांध में सहनूपुर रेगुलेटर से रिसाव भी शुरू हो गया। शनिवार की सुबह आठ बजे घाघरा का जलस्तर डिघिया नाले पर 70.44 और बदरहुंआ पर 71.31 मीटर दर्ज किया गया। नदी बदरहुंआ में तो खतरा बिंदू से नीचे लेकिन डिघिया पर खतरा बिंदू से चार सेेमी ऊपर बह रही थी।
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शनिवार की शाम चार बजे नदी का जलस्तर डिघिया नाले पर 70.42 मीटर और बदरहुंआ पर 71.31 मीटर दर्ज किया गया। इस प्रकार शाम को नदी डिघिया नाले पर खतरा बिंदू से दो सेमी ऊपर बह रही थी । जबकि बदरहुंआ में नदी का जलस्तर स्थिर रहा। जलस्तर बढ़ने से शाहडीह, सोनौरा, मानिकपुर, अजगरा, मगर्वि, भदौरा आदि गांवों के लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों को चस्कूल जाने में परेशानी हो रही है।
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वहीं ग्रामीणों को पशुओं के चारे की व्यवस्था करना भारी पड़ रहा है। एक तरफ नदी का जलस्तर खतरा बिंदू पार कर गया है वहीं दूसरी तरफ प्रशासन द्वारा बनाई चौकियां अभी तक ऐक्टिव नहीं हुई हैं। शनिवार की देर शाम तहसीलदार सगड़ी शिवधर चौरसिया ने बाढ़ क्षेत्र का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि अभी हालात सही हैं जैसे ही खतरा होगा सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय हो जाएंगी।
बाढ़ राहत के लिए बैठक आज : जिलाधिकारी सुहास एलवाई की अध्यक्षता में 17 जुलाई को 12 बजे से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बाढ़ राहत कार्ययोजना के लिए समीक्षा बैठक बुलाई गई है। इसमें चिकित्सा स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा, आपूर्ति, खाद्य विपणन, लोक निर्माण विभाग, पंचायती राज, बाढ़ खंड, विद्युत, जल निगम, आरटीओ, समेत अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित होंगे। समीक्षा बैठक के बाद सभी अधिकारी कार्ययोजना की तैयारियों की मौके पर जाकर जायजा लेंगे।
स्थापित की गईं दस बाढ़ चौकियां : जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बताया कि बाढ़ के दौरान होने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए बाढ़ प्रभावित रहे इलाकों में दस बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। जनपद में बाढ़ की विभीषिका से उत्पन्न होने वाली समस्याओं से निपटने के लिए बाढ़ परिक्षेत्र में 10 बाढ़ चौकियां बनाई गईं है। घाघरा नदी का पानी अभी खतरे के निशान से काफी नीचे है लेकिन हम बराबर मानीटरिंग कर रहे हैं। यहां महुला गढ़वल बांध है, जहां बराबर निगरानी की जा रही है।