{"_id":"56-80410","slug":"Azamgarh-80410-56","type":"story","status":"publish","title_hn":"परीक्षाफल कम हुआ तो विद्यालय नहीं बनेंगे केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परीक्षाफल कम हुआ तो विद्यालय नहीं बनेंगे केंद्र
Azamgarh
Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
आजमगढ़। वर्ष 2013 की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के परीक्षा केंद्र निर्धारण की जिम्मेदारी शासन द्वारा जनपदीय समिति को दी गई है। इसकी तिथि 21 नवंबर निर्धारित की गई है। इसमें वर्ष 2012 की परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने वाले विद्यालयों को अनिवार्य रूप से केंद्र बनाए जाने का निर्देश दिया गया है। 20 प्रतिशत से कम परीक्षाफल वाले विद्यालय को कत्तई केन्द्र नहीं बनाया जाएगा। 12 सौ से अधिक क्षमता धारण करने वाले राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में दो केंद्र बनाये जाएंगे।
प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को दिए गए निर्देश में कहा है कि प्राय: देखा गया है कि केंद्र निर्धारण प्रस्ताव के सभी स्तंभ पूरित नहीं किए जाते, जिससे विद्यालयीय प्रकरणों में परिषद अपना पक्ष दृढ़ता पूर्वक नहीं रख पाती एवं प्रतिवाद में अनावश्यक कठिनाई उत्पन्न होती है। इसलिए केंद्र निर्धारण प्रस्ताव की सभी प्रविष्टियां अनिवार्य रूप से पूरी की जायं। 2012 की परिषदीय परीक्षाओं में जिन परीक्षा केंद्रों पर परीक्षाओं को शांतिपूर्ण एवं सुचारु रूप से संपन्न कराया है, ऐसे विद्यालयों को अनिवार्य रूप से केंद्र बनाया जाएगा। डिंबार राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को परीक्षा केन्द्र बनाया जा सकता है, किंतु ऐसे विद्यालयों का शत-प्रतिशत स्टाफ (केन्द्र व्यवस्थापक, अंतरीक्षक एवं परीक्षा व्यवस्था में सहयोग करने वाले शिक्षणेत्तर) कर्मचारी बदल दिए जाय। 2013 के परीक्षा केंद्रों पर गत वर्ष के छात्र आवंटन की पुनरावृत्ति नहीं की जाएगी। पिछले वर्ष बोर्ड की परीक्षाओं में बीस प्रतिशत से कम परीक्षाफल लाने वाले विद्यालयों को कत्तई केंद्र नहीं बनाया जाएगा, चाहे वह भले ही शांतिपूर्ण व सुचारु रूप से परीक्षा संपन्न करा लिए हो। जिन परीक्षा केंद्रों में विगत तीन वर्षों की परीक्षा के दौरान शिक्षा विभाग अथवा जिला प्रशासन के निरीक्षण, पर्यवेक्षक अधिकारियों अथवा सचल दल के सदस्यों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया हो, अथवा कें द्र पर हिंसात्मक घटनाओं या आगजनी हुई हो, उनको परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। प्रबंधन एवं प्रधानाचार्य के मध्य विवाद वाले विद्यालयों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में बालिकाओं को यदि उनको केंद्र बनाया जाता है तो उन्हें स्वकेंद्र की सुविधा अनुमन्य होगी। यह जानकारी देते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक रामचेत ने तत्काल शासन के निर्देशाें का पालन करने का निर्देश प्रधानाचार्यों को दिया है।
विज्ञापन
प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को दिए गए निर्देश में कहा है कि प्राय: देखा गया है कि केंद्र निर्धारण प्रस्ताव के सभी स्तंभ पूरित नहीं किए जाते, जिससे विद्यालयीय प्रकरणों में परिषद अपना पक्ष दृढ़ता पूर्वक नहीं रख पाती एवं प्रतिवाद में अनावश्यक कठिनाई उत्पन्न होती है। इसलिए केंद्र निर्धारण प्रस्ताव की सभी प्रविष्टियां अनिवार्य रूप से पूरी की जायं। 2012 की परिषदीय परीक्षाओं में जिन परीक्षा केंद्रों पर परीक्षाओं को शांतिपूर्ण एवं सुचारु रूप से संपन्न कराया है, ऐसे विद्यालयों को अनिवार्य रूप से केंद्र बनाया जाएगा। डिंबार राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को परीक्षा केन्द्र बनाया जा सकता है, किंतु ऐसे विद्यालयों का शत-प्रतिशत स्टाफ (केन्द्र व्यवस्थापक, अंतरीक्षक एवं परीक्षा व्यवस्था में सहयोग करने वाले शिक्षणेत्तर) कर्मचारी बदल दिए जाय। 2013 के परीक्षा केंद्रों पर गत वर्ष के छात्र आवंटन की पुनरावृत्ति नहीं की जाएगी। पिछले वर्ष बोर्ड की परीक्षाओं में बीस प्रतिशत से कम परीक्षाफल लाने वाले विद्यालयों को कत्तई केंद्र नहीं बनाया जाएगा, चाहे वह भले ही शांतिपूर्ण व सुचारु रूप से परीक्षा संपन्न करा लिए हो। जिन परीक्षा केंद्रों में विगत तीन वर्षों की परीक्षा के दौरान शिक्षा विभाग अथवा जिला प्रशासन के निरीक्षण, पर्यवेक्षक अधिकारियों अथवा सचल दल के सदस्यों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया हो, अथवा कें द्र पर हिंसात्मक घटनाओं या आगजनी हुई हो, उनको परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। प्रबंधन एवं प्रधानाचार्य के मध्य विवाद वाले विद्यालयों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में बालिकाओं को यदि उनको केंद्र बनाया जाता है तो उन्हें स्वकेंद्र की सुविधा अनुमन्य होगी। यह जानकारी देते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक रामचेत ने तत्काल शासन के निर्देशाें का पालन करने का निर्देश प्रधानाचार्यों को दिया है।
विज्ञापन