फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   आज याद किए जाएंगे वीर चक्र विजेता सौदागर सिंह

आज याद किए जाएंगे वीर चक्र विजेता सौदागर सिंह

Tue, 30 Jan 2018 12:01 AM IST
Updated Tue, 30 Jan 2018 12:01 AM IST
विज्ञापन
आज याद किए जाएंगे वीर चक्र विजेता सौदागर सिंह
आज याद किए जाएंगे वीर चक्र विजेता सौदागर सिंह
विज्ञापन

12 चीनी सैनिकों को मारकर छीनी थी एसएलआर
अमर उजाला ब्यूरो
सगड़ी। जनपद के अमर शहीद सौदागर सिंह का नाम बड़े ही आदर कि साथ लिया जाता है। सौदागर सिंह ने चीन से हुए युद्घ में 12 चीनी सैनिकों को मारकर उनसे छीनी एसएलआर को लेकर अपने कैंप में पहुंच गए थे। उनकी इस वीरता के लिए देश को आज भी उन पर गर्व है। उनकी याद में मंगलवार को बलिदान स्मारक सौदागर सिंह पूर्व माध्यमिक विद्यालय पूनापार बड़ागांव में उनकी 53वीं पुण्यतिथि मनाई जाएगी।

शहीदों के वीर गाथाओं की चर्चा जब होती है उसमें अमर शहीद सौदागर सिंह का नाम बड़े ही आदर से लिया जाता है । भारत चीन की लड़ाई में लडने वाले प्रथम वीर चक्र विजता सौदागर सिंह पूनापार बड़ागांव के महातम सिंह और मां बेइला देवी के मझले पुत्र थे। वर्ष 1948 में भर्ती केंद्र फतेहपुर में राजपूत रेजीमेंट में भर्ती हो गए। राणा प्रताप की पावन भूमि स्थित चित्तौड़ में सैन्य शिक्षा ग्रहण के बाद 1958 में लांस नायक बन गए और 1960 में उन्नति करते हुए हवलदार हो गए। इसी दौरान चीन ने भारत पर एकाएक आक्रमण कर दिया। सौदागर सिंह राजपूत रेजीमेंट की एक फौजी टुकड़ी के साथ लद्दाख सीमा पर भेज दिए गए। जहां अपनी टुकड़ी के साथ चीनी सैनिकों से लोहा लेते हुए इनकी राइफल जाम हो गई। इन्होंने खुद को चीनी सेना से घिरा देख खुद को पहाड़ी की ओट में छिपाया। उसी समय वहां से गुजर रहे चीनी सैनिकों को सौदागर सिंह ने अपनी राइफल के चाकू से एक-एक करके 12 चीनी सैनिकों को मार डाला। इसके बाद उनके एसएलआर को कंधे पर लाद कर 10 दिन का सफर तय कर अपने ऑफिस के पास पहुंचे। उस समय भारत के सैनिकों के पास अत्याधुनिक एसएलआर रायफल्स नहीं थी। खून से लथपथ सौदागर सिंह को एकाएक सामने देखकर कमांडर भौचक्क रह गया। सौदागर सिंह की वीरता से प्रसन्न होकर तत्कालीन राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्ण ने 1962 में उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया। भारत-पाकिस्तान के साथ हुए 1965 के युद्ध में सौदागर सिंह पाकिस्तानी सैनिकों से लड़ते हुए शहीद हो गए। उनकी याद में हर वर्ष 30 जनवरी को शहीद दिवस का आयोजन किया जाता है।
विज्ञापन

- अंबुज राय
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed