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पीएम रिपोर्ट आने से उलझ गई पूरी कहानी
Updated Wed, 28 Jun 2017 11:51 PM IST
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सगड़ी। जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के शाहपुर नेवादा गांव निवासी नीलम यादव पुत्री रामबचन की मौत की गुत्थी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उलझ गई। ऐसे में मामला सुलझाने के लिए पुलिस पीएम रिपोर्ट, फारेंसिक जांच के लिए लिए गए नमूना, कपड़े आदि को लखनऊ स्थित लैब में जांच के लिए भेजगी। गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस नीलम के मोबाइल का काल डिटेल भी खंगाल रही है।
बता दें कि शाहपुर नेवादा गांव निवासी नवनिवाहिता नीलम यादव (20) अपने मायके से 25 जून की रात गायब हो गई। परिवार के लोग उसे खोज रहे थे कि 27 जून की सुबह उसकी लाश घर से सौ मीटर दूर बाजरे के खेत से बरामद हुई। नीलम का चेहरा और सीना ज्वलनशील पदार्थ से जलाया गया था। एसिड अटैक की आशंका जताई जा रही है लेकिन इसमें उसका कपड़ा बिल्कुल नहीं जला था। इससे लग रहा कि मौत के बाद पहचान छिपाने के लिए चेहरा और सीना जलाया गया। मरने के बाद उसे कपड़ा भी पहनाया गया है। नीलम की लाश जिस स्थान पर पड़ी थी, वहां आसपास की जमीन पर जलने का कोई निशान नहीं मिला। नीलम की लाश जिस स्थान पर पड़ी थी। वह जगह उसके दरवाजे से आसानी से देखा जा सकता है। यह सब मामला साबित करता है कि नीलम की मौत के पीछे किसी करीबी का हाथ हो सकता है। पुलिस को उम्मीद थी कि पीएम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट हो जाएगा। लेकिन देर शाम को आए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नीलम की मौत का कोई कारण नहीं स्पष्ट हो सका। रिपोर्ट के मुताबिक नीलम की मौत चार से पांच दिन पहले हुई है। ऐसे में मौत का मामला उलझ गया है। नीलम के मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस उसके मोबाइल का काल डिटेल खंगाल रही है। साथ ही पीएम रिपोर्ट, फारेंसिक जांच के लिए लिए गए नमूने, बिसरा, घटनास्थल की वीडियोग्राफी आदि की विधिवत जांच के लिए लखनऊ भेजा जाएगा।
पीएम रिपोर्ट आने के बाद मौत का रहस्य गहरा गया है। गुत्थी सुलझाने के लिए पीएम रिपोर्ट, बिसरा, नमूने, घटनास्थल की वीडियोग्राफी आदि जांच के लिए लखनऊ स्थित लैब भेजा जाएगा। पुलिस नीलम के मोबाइल का काल डिटेल भी खंगाल रही है। - नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी ग्रामीण
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बता दें कि शाहपुर नेवादा गांव निवासी नवनिवाहिता नीलम यादव (20) अपने मायके से 25 जून की रात गायब हो गई। परिवार के लोग उसे खोज रहे थे कि 27 जून की सुबह उसकी लाश घर से सौ मीटर दूर बाजरे के खेत से बरामद हुई। नीलम का चेहरा और सीना ज्वलनशील पदार्थ से जलाया गया था। एसिड अटैक की आशंका जताई जा रही है लेकिन इसमें उसका कपड़ा बिल्कुल नहीं जला था। इससे लग रहा कि मौत के बाद पहचान छिपाने के लिए चेहरा और सीना जलाया गया। मरने के बाद उसे कपड़ा भी पहनाया गया है। नीलम की लाश जिस स्थान पर पड़ी थी, वहां आसपास की जमीन पर जलने का कोई निशान नहीं मिला। नीलम की लाश जिस स्थान पर पड़ी थी। वह जगह उसके दरवाजे से आसानी से देखा जा सकता है। यह सब मामला साबित करता है कि नीलम की मौत के पीछे किसी करीबी का हाथ हो सकता है। पुलिस को उम्मीद थी कि पीएम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट हो जाएगा। लेकिन देर शाम को आए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नीलम की मौत का कोई कारण नहीं स्पष्ट हो सका। रिपोर्ट के मुताबिक नीलम की मौत चार से पांच दिन पहले हुई है। ऐसे में मौत का मामला उलझ गया है। नीलम के मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस उसके मोबाइल का काल डिटेल खंगाल रही है। साथ ही पीएम रिपोर्ट, फारेंसिक जांच के लिए लिए गए नमूने, बिसरा, घटनास्थल की वीडियोग्राफी आदि की विधिवत जांच के लिए लखनऊ भेजा जाएगा।
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पीएम रिपोर्ट आने के बाद मौत का रहस्य गहरा गया है। गुत्थी सुलझाने के लिए पीएम रिपोर्ट, बिसरा, नमूने, घटनास्थल की वीडियोग्राफी आदि जांच के लिए लखनऊ स्थित लैब भेजा जाएगा। पुलिस नीलम के मोबाइल का काल डिटेल भी खंगाल रही है। - नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी ग्रामीण
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