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अब जिलाधिकारी भी चले कमिश्नर की राह पर ...
Updated Tue, 29 May 2018 12:08 AM IST
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आजमगढ़। कमिश्नर एसवीएस रंगाराव के बाद जिलाधिकारी शिवकांत द्विवेदी भी अब उनके राह पर चल निकले हैं। इसके तहत अब जिलाधिकारी न्यायालय में भी बिना वकीलों के सुनवाई होगी। वादकारियों से सीधे सुनवाई कर मुकदमों का तेजी से निस्तारण किया जाएगा।
कमिश्नर एसवीएस रंगाराव के न्यायालय का काफी दिनों से वकील बहिष्कार कर रहे है। जिसके चलते मुकदमों की सुनवाई और निस्तारण की प्रक्रिया ठप हो गई थी। इसे देखते हुए मंडलायुक्त ने बिना वकीलों के सुनवाई कर मुकदमों का निस्तारण शुरू कर दिया साथ ही उन्होंने अपने अधीनस्थ न्यायालयों और मंडल के तीनों जिलों के जिलाधिकारियों को भी फरमान जारी कर यह निर्देश दिया। 11 मई को जारी आदेश के बाद से ही सेंट्रल बार के वकील कार्य बहिष्कार पर हैं और उनका आंदोलन अब भी जारी है। वकीलों द्वारा संयुक्त अधिवक्ता संघर्ष समिति का गठन कर पूरे मंडल में प्रदर्शन व हंगामा जारी है। वही कमिश्नर के आदेश का अनुपालन करते हुए जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने भी अपने न्यायालय में बिना वकील के ही मुकदमों की सुनवाई शुरू कर दी है।
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अब हर कार्य दिवस पर सुनवाई करेंगे कमिश्नर
वहीं कमिश्नर ने एक कदम और आगे बढ़ाते हुए अभी तक कमिश्नरी न्यायालय में तीन दिन बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को होने वाली सुनवाई को सभी कार्य दिवस पर कर दिया है। सुनवाई के दौरान यदि वकील आते है तो ठीक है, नहीं आते है तो उनके बगैर सुनवाई कर सीधे वादकारियों से उनकी बात सुन कर मुकदमों का निस्तारण कराया जाएगा।
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13 वें दिन भी जारी रहा वकीलों का कार्य बहिष्कार
कमिश्नर के फरमान पर आक्रोशित वकीलों का कार्य बहिष्कार सोमवार को 13 वें दिन भी जारी रहा। सोमवार को भी वकीलों ने संयुक्त अधिवक्ता संघर्ष समिति के बैनर तले कमिश्नरी परिसर में धरना दिया। इस दौरान वकीलों ने कहा कि कमिश्नर वादकारियों के हितों की अनदेखी कर रहे है। वादकारियों को सुन कर मुकदमें को निस्तारित करने का ढोंग किया जा रहा है। वादकारी स्वयं बहस में असमर्थता जता रहा है, इसके बाद भी उसका हस्ताक्षर करा कर फाइलों को आदेश में रख लिया जा रहा है। धरने में महेंद्र प्रताप सिंह, वेद प्रकाश राय, राजाराम यादव, अवधेश सिंह, रविंद्र कुमार, दिनेश सिंह, केके माथुर, रमेश यादव, कमलेश, अजीत, रामेश्वर, सूरज, रफीउलहसन आदि वकील मौजूद रहे।
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कमिश्नर एसवीएस रंगाराव के न्यायालय का काफी दिनों से वकील बहिष्कार कर रहे है। जिसके चलते मुकदमों की सुनवाई और निस्तारण की प्रक्रिया ठप हो गई थी। इसे देखते हुए मंडलायुक्त ने बिना वकीलों के सुनवाई कर मुकदमों का निस्तारण शुरू कर दिया साथ ही उन्होंने अपने अधीनस्थ न्यायालयों और मंडल के तीनों जिलों के जिलाधिकारियों को भी फरमान जारी कर यह निर्देश दिया। 11 मई को जारी आदेश के बाद से ही सेंट्रल बार के वकील कार्य बहिष्कार पर हैं और उनका आंदोलन अब भी जारी है। वकीलों द्वारा संयुक्त अधिवक्ता संघर्ष समिति का गठन कर पूरे मंडल में प्रदर्शन व हंगामा जारी है। वही कमिश्नर के आदेश का अनुपालन करते हुए जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने भी अपने न्यायालय में बिना वकील के ही मुकदमों की सुनवाई शुरू कर दी है।
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अब हर कार्य दिवस पर सुनवाई करेंगे कमिश्नर
वहीं कमिश्नर ने एक कदम और आगे बढ़ाते हुए अभी तक कमिश्नरी न्यायालय में तीन दिन बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को होने वाली सुनवाई को सभी कार्य दिवस पर कर दिया है। सुनवाई के दौरान यदि वकील आते है तो ठीक है, नहीं आते है तो उनके बगैर सुनवाई कर सीधे वादकारियों से उनकी बात सुन कर मुकदमों का निस्तारण कराया जाएगा।
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13 वें दिन भी जारी रहा वकीलों का कार्य बहिष्कार
कमिश्नर के फरमान पर आक्रोशित वकीलों का कार्य बहिष्कार सोमवार को 13 वें दिन भी जारी रहा। सोमवार को भी वकीलों ने संयुक्त अधिवक्ता संघर्ष समिति के बैनर तले कमिश्नरी परिसर में धरना दिया। इस दौरान वकीलों ने कहा कि कमिश्नर वादकारियों के हितों की अनदेखी कर रहे है। वादकारियों को सुन कर मुकदमें को निस्तारित करने का ढोंग किया जा रहा है। वादकारी स्वयं बहस में असमर्थता जता रहा है, इसके बाद भी उसका हस्ताक्षर करा कर फाइलों को आदेश में रख लिया जा रहा है। धरने में महेंद्र प्रताप सिंह, वेद प्रकाश राय, राजाराम यादव, अवधेश सिंह, रविंद्र कुमार, दिनेश सिंह, केके माथुर, रमेश यादव, कमलेश, अजीत, रामेश्वर, सूरज, रफीउलहसन आदि वकील मौजूद रहे।