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पांच टीमें करेंगी मनरेगा, आवास और शौचालय की जांच
Updated Sat, 05 Aug 2017 11:36 PM IST
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आजमगढ़। मनरेगा, आवास, शौचालय के लिए पिछले तीन वर्षों में अधिकतम धनराशि पाने वाले गांवों की जांच पांच टीमें करेंगी। डीएम ने शनिवार को कलेक्ट्रेट में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में इसकी जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि राज्यवित्त/14 वें वित्त आयोग से भेजे गए धन से हुए कार्यों की भी जांच होगी। टीम में एक जिलास्तरीय वरिष्ठ अधिकारी और एक अभियंता को रखा गया है। अधिकतम धनराशि भेजी गई ग्राम सभाओं में 110 गांव चिह्नित हैं। उन्होंने सहायक विकास अधिकारी पंचायत और संबंधित लेखाकार को निर्देश दिया है कि टीम के गांव में जाने पर सभी अभिलेख उपलब्ध कराएं और ग्राम विकास अधिकारी मौके पर मौजूद रहें। इसमें वर्ष 2014 से 17 तक के गांव लिए गए हैं। निर्देश दिया है कि पाइप लाइन पेयजल योजना में गांव में निर्मित 28 योजनाओं का जिला विकास अधिकारी सत्यापन कर रिपोर्ट दें। उन्होंने राशन कार्ड, पेंशन योजनाओं के लाभार्थी का सत्यापन पूरा न होने पर असंतोष व्यक्त किया और बीडीओ को निर्देश दिया कि इसे समय से पूरा कराएं। समीक्षा में जिलाधिकारी ने पाया कि लैकफेड द्वारा 83 में से 23 स्वास्थ्य उपकेंद्र का निर्माण पूरा कर शेष 50 को तीन वर्ष से अधूरा छोड़ा गया है। जिलाधिकारी ने पूरी वस्तु स्थिति से शासन को अवगत कराने का निर्देश दिया। जिले में 100 बेड का महिला अस्पताल अतरौलिया में इसी माह पूरा हो जाएगा लेकिन 16 प्राथमिक और आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण अधूरा हैै। इस पर जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था के साथ अलग से बैठक करने का निर्णय लिया। उन्होंने सभी बीडीओ को निर्देश दिया है कि अक्टूबर 2018 तक पूरे जिले को खुले से शौचमुक्त कराने के लिए गांव में जाएं। उनके साथ प्रभारी चिकित्साधिकारी, सीडीपीओ और एबीएसए भी रहें। वे गांव में गठित तीन निगरानी समिति के कार्यों की मानीटरिंग करें। उन्होंने कहा कि जिले में प्रतिदिन 800 शौचालय का एमआईएस होना है। सभी 22 ब्लाक इस लक्ष्य को पूरा करें और प्रत्येक ब्लाक प्रतिदिन लगभग 40 शौचालय का एमआईएस कराएं। इस मौके पर सीडीओ अभिषेक सिंह, परियोजना निदेशक डीडी शुक्ला, डीडीओ विजय कुमार, सीएमओ डा. एसके तिवारी और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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उन्होंने कहा कि राज्यवित्त/14 वें वित्त आयोग से भेजे गए धन से हुए कार्यों की भी जांच होगी। टीम में एक जिलास्तरीय वरिष्ठ अधिकारी और एक अभियंता को रखा गया है। अधिकतम धनराशि भेजी गई ग्राम सभाओं में 110 गांव चिह्नित हैं। उन्होंने सहायक विकास अधिकारी पंचायत और संबंधित लेखाकार को निर्देश दिया है कि टीम के गांव में जाने पर सभी अभिलेख उपलब्ध कराएं और ग्राम विकास अधिकारी मौके पर मौजूद रहें। इसमें वर्ष 2014 से 17 तक के गांव लिए गए हैं। निर्देश दिया है कि पाइप लाइन पेयजल योजना में गांव में निर्मित 28 योजनाओं का जिला विकास अधिकारी सत्यापन कर रिपोर्ट दें। उन्होंने राशन कार्ड, पेंशन योजनाओं के लाभार्थी का सत्यापन पूरा न होने पर असंतोष व्यक्त किया और बीडीओ को निर्देश दिया कि इसे समय से पूरा कराएं। समीक्षा में जिलाधिकारी ने पाया कि लैकफेड द्वारा 83 में से 23 स्वास्थ्य उपकेंद्र का निर्माण पूरा कर शेष 50 को तीन वर्ष से अधूरा छोड़ा गया है। जिलाधिकारी ने पूरी वस्तु स्थिति से शासन को अवगत कराने का निर्देश दिया। जिले में 100 बेड का महिला अस्पताल अतरौलिया में इसी माह पूरा हो जाएगा लेकिन 16 प्राथमिक और आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण अधूरा हैै। इस पर जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था के साथ अलग से बैठक करने का निर्णय लिया। उन्होंने सभी बीडीओ को निर्देश दिया है कि अक्टूबर 2018 तक पूरे जिले को खुले से शौचमुक्त कराने के लिए गांव में जाएं। उनके साथ प्रभारी चिकित्साधिकारी, सीडीपीओ और एबीएसए भी रहें। वे गांव में गठित तीन निगरानी समिति के कार्यों की मानीटरिंग करें। उन्होंने कहा कि जिले में प्रतिदिन 800 शौचालय का एमआईएस होना है। सभी 22 ब्लाक इस लक्ष्य को पूरा करें और प्रत्येक ब्लाक प्रतिदिन लगभग 40 शौचालय का एमआईएस कराएं। इस मौके पर सीडीओ अभिषेक सिंह, परियोजना निदेशक डीडी शुक्ला, डीडीओ विजय कुमार, सीएमओ डा. एसके तिवारी और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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