{"_id":"59d521f64f1c1bd9798b4e61","slug":"181507140086-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीडीओ करेंगे ढ़ढनी पेयजल परियोजना की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीडीओ करेंगे ढ़ढनी पेयजल परियोजना की जांच
Updated Wed, 04 Oct 2017 11:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। निजामाबाद तहसील के गांव ढढ़नी में एक करोड़ की लागत से जल निगम की ओर से लगाई गई पेयजल परियोजना के काम न करने की अमर उजाला में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए सीडीओ ने इसकी जांच डीडीओ को सौंपी है। ग्रामीणों में पूरे गांव में पाइप लाइन न बिछाने और दोयम दर्ज की पाइप लाइन लगाने का आरोप लगाया था। डीडीओ को तीन दिन के भीतर जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
ढ़ढनी गांव में जल निगम की ओर से एक करोड़ की लागत से पेयजल परियोजना लगाकर 2005 में इसे ग्राम सभा को हैंडओवर किया गया था। परियोजना से 32 सौ की आबादी लाभान्वित होनी थी। हैंडओवर होने के 12 वर्ष बाद भी ग्रामीणों को एक बूंद पानी नसीब नहीं हो पाया है। ग्रामीणों की मानें तो दोयम दर्जे की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होकर बैठ चुकी है। ग्रामीणों ने जल निगम पर पूरे गांव में पाइप लाइन न बिछाने का आरोप लगाया ता। अमर उजाला ने 28 सितबंर के अंक में इस मुद्दे को प्रमुखता के साथ उठाया था। खबर का संज्ञान लेते हुए सीडीओ अभिषेक सिंह मामले की जांच डीडीओ को सौंपी है। उनसे तीन दिन के भीतर भौतिक सत्यापन कर मामले की रिपोर्ट मांगी गई है।
विज्ञापन
ढ़ढनी गांव में जल निगम की ओर से एक करोड़ की लागत से पेयजल परियोजना लगाकर 2005 में इसे ग्राम सभा को हैंडओवर किया गया था। परियोजना से 32 सौ की आबादी लाभान्वित होनी थी। हैंडओवर होने के 12 वर्ष बाद भी ग्रामीणों को एक बूंद पानी नसीब नहीं हो पाया है। ग्रामीणों की मानें तो दोयम दर्जे की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होकर बैठ चुकी है। ग्रामीणों ने जल निगम पर पूरे गांव में पाइप लाइन न बिछाने का आरोप लगाया ता। अमर उजाला ने 28 सितबंर के अंक में इस मुद्दे को प्रमुखता के साथ उठाया था। खबर का संज्ञान लेते हुए सीडीओ अभिषेक सिंह मामले की जांच डीडीओ को सौंपी है। उनसे तीन दिन के भीतर भौतिक सत्यापन कर मामले की रिपोर्ट मांगी गई है।
विज्ञापन