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तहसील भवन में काम अधूरा और निर्माण अधोमानक

Tue, 29 May 2018 12:04 AM IST
Updated Tue, 29 May 2018 12:04 AM IST
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तहसील भवन में काम अधूरा और निर्माण अधोमानक
आजमगढ़। जनपद में सदर तहसील के नए भवन का निर्माण कराया गया है। कुछ माह पहले सिंचाई विभाग के सचिव एवं जनपद के नोडल अधिकारी सीपी त्रिपाठी ने तहसील भवन का निरीक्षण किया था। इसमें कई कमियां मिली थी। उनके नाराजगी जताने के बाद एसडीएम ने कार्यदायी संस्था को इसे सही कराने के लिए पत्र भी लिखा। चार महीने बीतने के बाद भी कार्यदायी संस्था ने इसे ठीक नहीं कराया। अब मामले की शिकायत डीएम से की गई है। सदर तहसील के नये भवन का निर्माण वर्ष 2010-11 में शुरू हुआ था। 247.89 लाख की लागत से बने इस भवन का निर्माण कार्यदायी संस्था यूपी प्रोजेक्टस कारपोरेशन यूनिट-19 ने कराया। लगभग एक साल पहले तहसील भवन को प्रशासन को हैंडओवर कर दिया गया था। जनपद के नोडल अधिकारी एवं सचिव सिंचाई विभाग सीपी त्रिपाठी ने जनवरी में सदर तहसील के भवन के निरीक्षण में कई कर्मियां मिली थी। संग्रह अभिलेखागार का कार्य अधूरा मिला था। साथ ही विद्युतीकरण और खिड़कियों के काम में अधोमानक सामग्री का प्रयोग मिला था। पेयजल की आपूर्ति के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। कार्यालयों में लगे 90 फीसदी ट्यूबलाइट और स्विच कार्य करते नहीं मिले थे। सचिव ने इतनी कमियां देखकर पूछा था कि भवन को हैंडओवर कैसे करा लिया गया। सचिव के निर्देश के क्रम में एडसीएम सदर ने 25 जनवरी को कार्यदायी संस्था यूपीआरएनएसएल को परियोजना अभियंता पत्र लिखकर सभी कमियों को दुरुस्त कराने की बात कही थी। पर अब तक कार्यदायी संस्था की ओर से इसे ठीक कराने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। अब एसडीएम ने मामले की शिकायत जिलाधिकारी की है। ं
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तहसील में बिजली व्यवस्था बाधित, कंप्यूटर ठप
एसडीएम सदर प्रकाश चंद ने जिलाधिकारी को अवगत कराया है कि कार्यदायी संस्था की ओर से कमियों को दूर नहीं कराने से सदर तहसील में बिजली व्यवस्था बाधित होने से न्यायालयों की कंप्यूटर प्रणाली पूरी तरीके से ठप हो गई है। इससे वादों के निस्तारण का कार्य ठप है। कहने के बाद भी कार्यदायी संस्था की ओर से इसे दुरुस्त नहीं कराया जा रहा है। जिलाधिकारी से समस्या के समाधान की मांग की है।
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मामले से एसडीएम सदर ने अवगत कराया है। यूपीआरएनएसएल को परियोजना अभियंता को कमियों का तत्काल दुरुस्त कराने के लिए लिखा गया है। यदि कमियां शीघ्र दूर नहीं हुई तो मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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शिवाकांत द्विवेदी, जिलाधिकारी।


तहसील भवनों के निर्माण में खेल, अधूरे भवन ही हो गए हैंडओवर
-निर्धारित समयावधि के काफी बाद पूरे हुए निर्माण
-दरकने लगी दीवारें, रंग-रोगन भी पड़ गया फीका
-टूटे दरवाजे और खिड़किया बयां कर रही बंदरबांट की कहानी
अमर उजाला ब्यूरो
आजमगढ़। शासन की ओर से तहसील के नए भवन के निर्माण के लिए करोड़ों रुपये जारी किए गए। पर कार्यदायी संस्था की ओर से अधिकारियों से मिलीभगत कर जहां मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही है, वहीं आधे-अधूरे भवनों को हैंडओवर कर पूरी धनराशि का भुगतान ले लिया जा रहा है। ऐसा ही हाल मेंहनगर और लालगंज का भी है।

मेंहनगर
मेंहनगर तहसील मुख्यालय से तीन किमी दूर बिंद्राबाजार रोड पर गौरा गांव में एसडीएम, तहसीलदार और तहसील कर्मचारियों के लिए कार्यदायी संस्था यूपीआरएनएसएस की ओर से वर्ष 2008 में 412 लाख की लागत से टाइप-1 के दो ब्लाक, और टाइप-2 के तीन ब्लाक, टाइप-3 की चार और टाइप-4 की एक यूनिट, बाइंड्रीवाल सबमर्सिबल आदि का कार्य शुरू कराया गया था। कार्यदायी संस्था के अनुसार दिसबंर 2017 में इसे हैंड ओवर भी किया जा चुका है। सभी निर्माण कार्य को मार्च 2013 में बनकर तैयार होना था। कार्यदायी संस्था की लेटलतीफी से इसमें भी विलंब हुआ। वहीं घटिया निर्माण को लेकर भी आवासीय कॉलोनी सुर्खियों में रही। तहसील मुख्यालय से तीन किमी दूर होने के कारण सिर्फ एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार के साथ-साथ केवल एक-आध लेखपाल ही इन आवासों में रहते हैं। घटिया सामग्री के प्रयोग के कारण दीवारें दरकने लगी हैं। दरवाजे और टूटी खिड़कियां धन बंदरबांट की कहानी कह रहीं हैं। विद्युतीकरण में लापरवाही इस दर्जे की कि बल्ब भी नहीं जल रहे। पानी की टोटियां शोपीस बनकर रह गई हैं। आवासों के अगल-बगल घास-फूस के अंबार लगे हैं। इस बाबत एसडीएम आशाराम यादव ने बताया कि आवास को पिछले एसडीएम के कार्यकाल में कार्यदायी संस्था ने हैंडओवर किया था। मुझे जानकारी नहीं है।



लालगंज
तहसील लालगंज में नए तहसील भवन, ओएचटी, पंप हाउस, फायर फायटिंग सिस्टम, बैरक, हवालात, गैराज, शेड, कैंटीन, साइकिल स्टैंड, बाउंड्री और संपर्क मार्ग कार्य 2011 में 400 लाख की लागत से शुरू हुआ था। कार्यदायी संस्था की मानें तो सभी कार्य पूरे हो चुके हैं। 31 मई तक इसे हैंडओवर कर दिया जाएगा, लेकिन वास्तविकता ये है कि भवन अधूरा होने के कारण अभी तक हैंडओवर नहीं हो सका है। पुराने भवन में ही तहसील का सारा कार्य किया जा रहा है। बाउंड्री वाल अधूरा पड़ा है। गैराज और बिजली व्यवस्था का कार्य भी पूरा नहीं हुआ है। तहसील परिसर के पानी की निकासी की व्यवस्था न होने के कारण अधिवक्ताओं को परेशानी का समस्या करना पड़ रहा है। उपजिलाधिकारी कार्यालय के गेट पर पुलिया जाम होने के कारण कई महीनों से पानी जमा है और सड़ रहा है। इस संबंध में तहसीलदार कृष्णानंद तिवारी ने बताया कि भवन अभी अभी हैंडओवर नहीं हुआ है, क्योंकि अभी सभी कार्य अधूरे हैं।
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