{"_id":"5b770bdf42c792464f4960ba","slug":"151534528479-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शोक ऐसा की बंद रहे बाजार, खाली हुई गलियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शोक ऐसा की बंद रहे बाजार, खाली हुई गलियां
Updated Fri, 17 Aug 2018 11:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। भारत रत्न पूर्व प्रधानमत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सर्वमान्यता ही है कि जनपद के अधिकांश बाजार में दुकानें बंद रहीं । महान नेता के निधन पर सुबह से ही बाजार सूने नजर आए। सड़कों पर भी चहल-पहल रोजाना की अपेक्षा काफी कम रही। जनपद मुख्यालय पर अधिकतर सरकारी कार्यालय बंद रहे। शोक में तिंरगे को आधा झुका कर रखा गया। चौक-चौराहों पर रोजाना की अपेक्षा चहल-पहल कम रही। बाजार में कुछ व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें शोक में बंद रखीं। लालगंज में बाजारवासियों ने शुक्रवार को पूरे दिन अपनी दुकानें बंद रखीं। संघ परिवार की तरफ से नगर में शोकसभा का आयोजन हुआ। सह प्रांत प्रमुख सुरेश शुक्ला ने उन्हें लोकप्रिय नेता की संज्ञा दी। भाजपा प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक ओमप्रकाश सिंह तिलखरा ने महान कवि, कुशल पत्रकार और दूरदर्शी राजनेता बताया। कहा कि अटलजी दलीय सीमाओं से ऊपर थे। उनके जैसा सर्वमान्य नेता न हुआ और शायद न होगा। संजय जायसवाल और प्रदेशमंत्री विजय सोनकर ने इसे एक युग का अंत बताया। क्षेत्रीय संयोजक ओम प्रकाश सिंह, इंद्राज चौहान, जेपी सिंह, नंदलाल गुप्ता और सैकड़ों की संख्या में व्यवसायी और नगरवालियों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। ठेकमा बाजार तीन बजे से बंद रहा। स्थानीय लोगों ने अंतिम यात्रा रूप में मौन जुलूस निकाला। ये राम जानकी मंदिर से होते हुए पूरे बाजार में घूमा। दलीय सीमाएं टूट गईं। हर दल, हर बिरादरी के लोगों ने बढ़चढ़कर मौन जुलूस में भाग लिया। राम जानकी धर्मशाला में शोक सभा हुई। रानी की सराय में व्यापारियों ने दुकानों को बंद कर शोक संवेदना व्यक्त की। रानी पोखरा के पास शोक सभा की। नरेन्द्र गुप्ता, दिलीप, अंबुज, पंकज, रामबदन मौर्य, विजय राय, अजय आदि मौजूद रहे। सरायमीर में सुबह आठ बजे रामेश्वर बरनवाल के नेतृत्व में धर्मशाला में शोकसभा की। कस्बे का भ्रमण कर दुकानें बंद करने का आग्रह किया। शांतिपूर्ण माहौल में दुकानें बंद रहीं। अंबारी में शोक में माहुल बाजार और आसपास के चट्टी-चौराहों पर शुक्रवार को अभूतपूर्ण बंदी रही। जगह-जगह शोकसभाओं का आयोजन हुआ। श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। माहुल कस्बे में व्यापारी दुकानें बंद करने के बाद रामलीला मैदान में इकट्ठे हुए। दिलीप सिंह की अगुआई में शोकसभा हुई। किसी ने मानवता का पुजारी तो किसी ने निधन को राजनीति मूल्यों और सिद्धांतों की राजनीति में खालीपन बताया। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के फूलपुर तहसील के महामंत्री शशिकांत पाण्डेय के नेतृत्व में पूरा गोविंद गांव स्थित हनुमान मंदिर पर शोक सभा हुई। निजामपुरबाजार में बंदी के बाद शोकसभा हुई। दीदारगंज बाजार में श्रद्धांजलि सभा हुई। मेजवां प्रतिनिधि के अनुसार शोक में फूलपुर और ग्रामीण इलाकों में छोटी-बड़ी सभी दुकानें और कालेज पूरी तरह से बंद थे। भाजपा कार्यालय पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
विज्ञापन