फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   जिस जमीन के मुआवजे के लिए निकाला जूता, जांच में ग्राम समाज की निकली

जिस जमीन के मुआवजे के लिए निकाला जूता, जांच में ग्राम समाज की निकली

Fri, 11 May 2018 12:05 AM IST
Updated Fri, 11 May 2018 12:05 AM IST
विज्ञापन
जिस जमीन के मुआवजे के लिए निकाला जूता, जांच में ग्राम समाज की निकली
आजमगढ़। जिस जमीन को बेचने की अनुमति देने में देर करने पर विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य ने कार्यालय में सबके सामने डीआईओएस पर जूता तान दिया था, जांच में वो जमीन ग्राम समाज की निकली है। दूसरे गांव की इस जमीन को 1964 में तत्कालीन सहायक चकबंदी अधिकारी ने शंकरजी इंटर कालेज कटवा गहजी के नाम कर दिया था। जांच अधिकारी एसडीएम निजामाबाद ने पूर्व के आदेश को रद करने और जमीन को फिर से ग्राम समाज के नाम करने की संस्तुति के साथ ही अपनी रिपोर्ट डीआईओएस और मुख्य राजस्व अधिकारी को सौंप दी है। डीआईओएस ने रिपोर्ट से जहां संयुक्त शिक्षा निदेशक को अवगत करा दिया है। वहीं मामला मुख्य राजस्व अधिकारी के संज्ञान में आने के बाद जमीन बेचने की अनुमति पर फिलहाल ग्रहण लग गया है।
विज्ञापन

निजामाबाद तहसील के कटवा गहजी स्थित श्री शंकर जी इंटर कॉलेज की जमीन पूर्वांचल एक्सप्रेस.वे में आई है। जमीन का इस समय किसानों की सहमति से बैनामा कराया जा रहा है। विद्यालय के प्रबंधक डॉ. अशोक कुमार सिंह और पूर्व प्रधानाचार्य ने रमेश चंद्र सिंह ने विद्यालय की जमीन की फाइल रजिस्ट्री के अनुमति के लिए जेडी कार्यालय में दी थी। फाइल कई माह से डीआईओएस के पास लंबित होने पर पिछले दिनों प्रबंधक और पूर्व प्रधानाचार्य डीआईओएस कार्यालय पहुंचे थे। वहां इस मामले को लेकर डीआईओएस से बहस हो गई थी। इस दौरान डीआईओएस के भड़कने पर पूर्व प्रधानाचार्य रमेश चंद्र सिंह ने उन पर जूता तान दिया था। दोनों तरफ से मामले की तहरीर सदर कोतवाली में दी गई थी लेकिन उच्च अधिकारियों के दबाव में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन

प्रकरण के बाद डीआईओएस ने जमीन की जांच एसडीएम निजामाबाद को सौंपी थी। जांच रिपोर्ट में कहा गया है गाटा 104ख 5.869 एकड़, 1570, 7900 एकड़, 1576, .272 एकड़, 1577, 1.543 एकड़, 1589, .461 एकड़, 1603, 3.103 एकड़, 1883, 2.173 एकड़ विद्यालय के नाम है। सभी गाटे 1363 फसली के अनुसार ग्राम समाज के उसरए बंजर और भीटा का नाम दर्ज थे। 1964 में सहायक चकबंदी अधिकारी के आदेश पर इसे ग्राम समाज के खाते से खारिज कर गलत तरीके से दूसरे गांव के विद्यालय के नाम सीरदार दर्ज करा दिया गया। एसडीएम ने साफ तौर पर कहा है कि दूसरे गांव की ग्राम सभा की जमीन दूसरे गांव के विद्यालय के नाम आवंटित करना ओचित्यविहीन है। जमीन पर न विद्यालय का कोई भवन है और न ही खेल का मैदान है। उन्होंने तत्कालीन सहायक चकबंदी अधिकारी के आदेश को रद कर जमीन को पुन: ग्राम सभा के खाते में दर्ज कराने की संस्तुति की है।
विज्ञापन
विज्ञापन



स्वीकृति के लिए फाइल मेरे पास आई थी। जांच के लिए इसे डीआईओएस को दिया गया था। दो दिन पहले जांच रिपोर्ट सौंप दी गई है। इसमें जांच अधिकारी ने बताया है कि जमीन पहले ग्राम समाज के नाम थी। बाद में इसे किसी तरह विद्यालय के नाम करा लिया गया है। जांच अधिकारी ने जमीन को फिर से ग्राम समाज के खाते में दर्ज करने की संतुति कर दी है। अब मामले में अगली कार्रवाई की जाएगी।
अनारपति वर्मा, संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा

प्रकरण संज्ञान में आया है। अभी रिपोर्ट को देखा जा रहा है। जल्द ही जिलाधिकारी को मामले से अवगत करा इस पर निर्णय लिया जाएगा।
आलोक वर्मा, सीआरओ।

बैनामे के लिए अभी भी डाला जा रहा दबाव
आजमगढ़। विद्यालय पक्ष की ओर से अभी जमीन बैनामे के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों का पास दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि एसडीएम निजामाबाद ने अपनी रिपोर्ट से मुख्य राजस्व अधिकारी आलोक वर्मा को भी अवगत करा दिया है। जमीन के ग्राम समाज की निकलने के बाद उन्होंने भी बैनामे से कदम पीछे खींच लिए हैंए लेकिन अन्य कार्रवाई ले बचा जा रहा है।


रिपोर्ट के बाद भी मामला ठंडे बस्ते में
आजमगढ़। निजामाबाद तहसील के खादारामपुर स्थित कई एकड़ ग्राम सभा की जमीन को गलत तरीके दूसरे गांव के विद्यालय के नाम करने के मामले में एसडीएम ने पुराने आदेश को खारिज कर जमीन के फिर से ग्राम समाज के खाते में दर्ज करने की संतुति की है। इसके बाद भी राजस्व विभाग के अधिकारियों ने मामले खामोशी अख्तियार कर लिया है। जमीन को फिर से ग्राम सभा की खाते में दर्ज करने के लिए कोई कार्रवाई शुरू नहीं की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed