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खंडहरों में तब्दील हुए लाखों की लागत से बने मिनी सचिवालय
Updated Sat, 16 Dec 2017 11:58 PM IST
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तहबरपुर। सरकार द्बारा लाखों रुपये खर्च करके गांवो मे मिनी सचिवालयो का निर्माण कराया गया ताकि गांव के लोग एक साथ मिल बैठकर अपने गांव के विकास की रूप रेखा तैयार कर सकें। लेकिन भ्रष्टाचार के कारण गांवों में बने मिनी सचिवालय आज खंडहर में तब्दील हो चुके हैं।
इसी क्रम में तहबरपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत खुटिया में वर्ष 2010 में 17 लाख रुपये की लागत से मिनी सचिवालय का निर्माण कराया गया। निर्माण इतना घटिया हुआ कि भवन बनते ही ढ़हने लगा। हालत यहां तक पहुंची कि खुद पंचायतों ने ही मिनी सचिवालय लेने से इंकार कर दिया। लाखों रुपये सरकारी खजाने के अधिकारियों और ठेकेदारों की जेब में चले गए और ग्राम पंचायतों क़ो विरासत के रूप में खंडहर मिले। ग्राम प्रधान पति दिनेश यादव राम कुमार यादव, हृदय यादव, राम अवध यादव, संकठा प्रसाद सहित अन्य लोगों ने बताया कि सचिवालय उचित स्थान पर न बनाकर निर्जन स्थान पर बना दिया गया और निर्माण की गुणवत्ता भी खराब रही। जिसके फलस्वरुप भवन खंडहर में तब्दील हो गया। इस संबंध में पूछने पर ग्राम पंचायत अधिकारी ज्ञानेंद्र गुप्ता ने बताया कि गांव में मिनी सचिवालय तो बना है लेकिन वह किस हाल में है, मैं नहीं बता सकता।
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इसी क्रम में तहबरपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत खुटिया में वर्ष 2010 में 17 लाख रुपये की लागत से मिनी सचिवालय का निर्माण कराया गया। निर्माण इतना घटिया हुआ कि भवन बनते ही ढ़हने लगा। हालत यहां तक पहुंची कि खुद पंचायतों ने ही मिनी सचिवालय लेने से इंकार कर दिया। लाखों रुपये सरकारी खजाने के अधिकारियों और ठेकेदारों की जेब में चले गए और ग्राम पंचायतों क़ो विरासत के रूप में खंडहर मिले। ग्राम प्रधान पति दिनेश यादव राम कुमार यादव, हृदय यादव, राम अवध यादव, संकठा प्रसाद सहित अन्य लोगों ने बताया कि सचिवालय उचित स्थान पर न बनाकर निर्जन स्थान पर बना दिया गया और निर्माण की गुणवत्ता भी खराब रही। जिसके फलस्वरुप भवन खंडहर में तब्दील हो गया। इस संबंध में पूछने पर ग्राम पंचायत अधिकारी ज्ञानेंद्र गुप्ता ने बताया कि गांव में मिनी सचिवालय तो बना है लेकिन वह किस हाल में है, मैं नहीं बता सकता।
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