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शहरी पोखरों का जल्द हो सीमांकन, हटाएं अतिक्रमण
Updated Sat, 05 Aug 2017 11:36 PM IST
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आजमगढ़। शहरी क्षेत्र में पालिका के कुल 45 छोटे-बड़े पोखरे हैं, लेकिन पालिका को पता नहीं है कि उनके पोखरे किस हालत में हैं। अतिक्रमण की जद में आए इन पोखरों का मुद्दा अमर उजाला की ओर से उठाए जाने के बाद कमिश्नर ने इसका संज्ञान लिया है। डीएम को इनका तुरंत सीमांकन करा इन्हें कब्जा मुक्त कराने के निर्देश दिया हैं।
एक तरफ प्रदेश सरकार के निर्देश पर सरकारी मशीनरी, ग्राम समाज और पोखरी आदि की जमीन से अतिक्रमण को हटा रही है, लेकिन नगरपालिका प्रशासन को शहर क्षेत्र में आने वाले अपने पोखरे-पोखरियों की सुध ही नहीं है। नगर की पोखरियों को पाटकर मकान बनाए जा चुके हैं। इनमें कई पोखरियों का अस्तित्व समाप्त होने की कगार पर है। अमर उजाला की ओर से 25 जुलाई के अंक में ये मुद्दा प्रमुखता के साथ उठाए जाने पर कमिश्नर ने इसका संज्ञान लिया है। उन्होंने जिलाधिकारी को फोन कर पालिका क्षेत्र के तालाबों और पोखरों का तत्काल सीमांकन कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए अन्य विभागों के अधिकारियों को भी लगाने को कहा गया है। स्पष्ट निर्देश हैं कि सीमांकन करा तालाबों का सौंदर्यीकरण कराया जाए और कब्जेधारियों पर मुकदमा दर्ज कराया जाए। कब्जा करने में अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता पाए जाए पर उन पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
गर्मी के समय में अक्सर पानी के लिए दिक्कत शुरू हो जाती है। बरसात ने पानी निकासी की व्यवस्था न होने से जलभराव की परेशानी शुरू हो जाती है। प्राकृतिक जल संसाधनों के कम और खत्म होने से ये समस्या आ रही है। जिलाधिकारी को शहरी क्षेत्र में तालाबों से कब्जा हटवाने को कहा गया है। कब्जेधारियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
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के रविंद्र नायक, कमिश्नर
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एक तरफ प्रदेश सरकार के निर्देश पर सरकारी मशीनरी, ग्राम समाज और पोखरी आदि की जमीन से अतिक्रमण को हटा रही है, लेकिन नगरपालिका प्रशासन को शहर क्षेत्र में आने वाले अपने पोखरे-पोखरियों की सुध ही नहीं है। नगर की पोखरियों को पाटकर मकान बनाए जा चुके हैं। इनमें कई पोखरियों का अस्तित्व समाप्त होने की कगार पर है। अमर उजाला की ओर से 25 जुलाई के अंक में ये मुद्दा प्रमुखता के साथ उठाए जाने पर कमिश्नर ने इसका संज्ञान लिया है। उन्होंने जिलाधिकारी को फोन कर पालिका क्षेत्र के तालाबों और पोखरों का तत्काल सीमांकन कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए अन्य विभागों के अधिकारियों को भी लगाने को कहा गया है। स्पष्ट निर्देश हैं कि सीमांकन करा तालाबों का सौंदर्यीकरण कराया जाए और कब्जेधारियों पर मुकदमा दर्ज कराया जाए। कब्जा करने में अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता पाए जाए पर उन पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
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गर्मी के समय में अक्सर पानी के लिए दिक्कत शुरू हो जाती है। बरसात ने पानी निकासी की व्यवस्था न होने से जलभराव की परेशानी शुरू हो जाती है। प्राकृतिक जल संसाधनों के कम और खत्म होने से ये समस्या आ रही है। जिलाधिकारी को शहरी क्षेत्र में तालाबों से कब्जा हटवाने को कहा गया है। कब्जेधारियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
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के रविंद्र नायक, कमिश्नर