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Ayodhya News: रामजन्मभूमि आंदोलन के अग्रणी संत थे विश्वनाथ
Sun, 23 Aug 2026 12:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 23 Aug 2026 12:20 AM IST
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महंत विश्वनाथ दास की मूर्ति का आरती-पूजन करतीं डॉ़ ममता शास्त्री
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अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के अग्रणी संत एवं पूर्व सांसद साकेतवासी महंत ब्रह्मचारी विश्वनाथ दास शास्त्री की 11वीं पुण्यतिथि महोत्सव शनिवार को श्रीरामानंद आश्रम दर्शन भवन, जानकीघाट में श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में मनाई गई। दो दिवसीय पुण्यतिथि महोत्सव के समापन पर संतों ने उनके योगदान को याद किया।
पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर ठाकुरजी को सुसज्जित झूले पर विराजमान कर झूलनोत्सव का शुभारंभ हुआ। अयोध्या के विभिन्न मंदिरों से पहुंचे संत-महंतों ने ठाकुरजी को झूला झुलाया और विश्वनाथ दास शास्त्री के चित्र एवं प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनका स्मरण किया। भजन और संतवाणी से आश्रम परिसर देर तक गुंजायमान रहा। महंत डॉ. ममता शास्त्री ने कहा कि विश्वनाथ दास शास्त्री श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से गहराई से जुड़े रहे। मंदिर आंदोलन के दौर में महत्वपूर्ण गतिविधियों और तैयारियों का केंद्र श्रीरामानंद आश्रम दर्शन भवन भी रहा। उन्होंने कहा कि यह स्थान जगद्गुरु रामानंद भगवान की परंपरा से जुड़ा है। मान्यता है कि अपनी यात्रा के दौरान जगद्गुरु रामानंद भगवान ने अयोध्या के इसी स्थान पर प्रवास किया था। उनका जीवन संत समाज और रामभक्तों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
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पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर ठाकुरजी को सुसज्जित झूले पर विराजमान कर झूलनोत्सव का शुभारंभ हुआ। अयोध्या के विभिन्न मंदिरों से पहुंचे संत-महंतों ने ठाकुरजी को झूला झुलाया और विश्वनाथ दास शास्त्री के चित्र एवं प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनका स्मरण किया। भजन और संतवाणी से आश्रम परिसर देर तक गुंजायमान रहा। महंत डॉ. ममता शास्त्री ने कहा कि विश्वनाथ दास शास्त्री श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से गहराई से जुड़े रहे। मंदिर आंदोलन के दौर में महत्वपूर्ण गतिविधियों और तैयारियों का केंद्र श्रीरामानंद आश्रम दर्शन भवन भी रहा। उन्होंने कहा कि यह स्थान जगद्गुरु रामानंद भगवान की परंपरा से जुड़ा है। मान्यता है कि अपनी यात्रा के दौरान जगद्गुरु रामानंद भगवान ने अयोध्या के इसी स्थान पर प्रवास किया था। उनका जीवन संत समाज और रामभक्तों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
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