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अयोध्या: रजत हिंडोले पर विराजेंगे रामलला, 20 फीट दूर से होंगे दर्शन; 15 अगस्त से शुरू होगा झूलनोत्सव

Fri, 24 Jul 2026 06:17 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: Akash Dwivedi Updated Fri, 24 Jul 2026 06:17 PM IST
सार

अयोध्या में इस बार सावन झूलनोत्सव ऐतिहासिक होगा। पहली बार राम मंदिर से रामलला की पालकी यात्रा मणिपर्वत मेले तक निकालने की तैयारी है। रामलला और चारों भाई 13 दिनों तक रजत हिंडोले पर विराजमान होकर दर्शन देंगे। मंदिर परिसर में प्रतिदिन भक्ति संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।

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UP 'Sawan' to make history in Ayodhya; Ram Lalla to grant darshan on a 'Silver Swing' (Rajat Hindola) for 13
राम लला - फोटो : Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra

विस्तार

रामनगरी के पारंपरिक सावन झूलनोत्सव में इस वर्ष एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से पहली बार रामलला की भव्य पालकी यात्रा निकालने की तैयारी की जा रही है। यदि प्रस्ताव अंतिम रूप लेता है तो यह पहली बार होगा जब राम मंदिर से रामलला की पालकी मणिपर्वत मेले तक पहुंचेगी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने झूलनोत्सव की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

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अयोध्या में झूलनोत्सव का शुभारंभ परंपरागत रूप से सावन शुक्ल तृतीया को मणिपर्वत मेले के साथ होता है। इस अवसर पर शहर के प्रमुख मठों और मंदिरों से भगवान की उत्सव प्रतिमाओं की भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है। 
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सजे-धजे रथों और पालकियों में विराजमान विग्रहों को मणिपर्वत लाया जाता है, जहां प्राचीन बरगद के वृक्ष पर स्थापित झूले पर उन्हें विराजमान कर झूला झुलाया जाता है। इसी के साथ अयोध्या के मंदिरों में झूलनोत्सव का शुभारंभ माना जाता है।
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इस बार 15 अगस्त से शुरू होने वाले सावन झूलनोत्सव के दौरान राम मंदिर में भी विशेष आयोजन होंगे। रामलला सहित चारों भाई रजत हिंडोले पर विराजमान होकर 13 दिनों तक श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। भक्त करीब 20 फीट की दूरी से अपने आराध्य के झूला विहार का दर्शन कर सकेंगे। पहली बार रामदरबार में भी अलग से झूलनोत्सव का आयोजन होगा, जिसके लिए नया झूला तैयार कराया जा रहा है।

 

 

नाग पंचमी से शुरू होगी राम मंदिर की विशेष परंपरा

राम मंदिर में झूलनोत्सव की परंपरा अन्य मंदिरों से अलग है। जहां अधिकांश मंदिरों में सावन शुक्ल तृतीया से झूले पड़ जाते हैं, वहीं राम मंदिर में नाग पंचमी (24 अगस्त) से बालरूप रामलला सहित चारों भाइयों को गुढ़ी मंडप में झूले पर विराजमान कराया जाएगा। 

रक्षाबंधन तक वे झूले पर विराजमान रहकर भक्तों को दर्शन देंगे। झूलनोत्सव के दौरान राम मंदिर परिसर में प्रतिदिन भक्ति संगीत की विशेष प्रस्तुतियां होंगी। देश के प्रख्यात कलाकार रामलला के समक्ष कजरी, झूला और बधाई गीत प्रस्तुत करेंगे। रामलला और रामदरबार के लिए अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ट्रस्ट कलाकारों की सूची तैयार करने और आयोजन की रूपरेखा को अंतिम रूप देने में जुटा है।

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