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Ayodhya News: हाइब्रिड एजुकेशन विकसित करने की राह पर आगे बढ़ रहा यूजीसी
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अयोध्या। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के पूर्व चेयरमैन प्रो. एम जगदीश कुमार ने कहा कि देश में हाइब्रिड एजुकेशन विकसित करने की राह पर यूजीसी आगे बढ़ रहा है। इसके तहत सिर्फ क्लास रूम में जाकर पढ़ना जरूरी नहीं होगा। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों के पास ऑनलाइन और सेल्फ स्टडी के विकल्प भी मौजूद रहेंगे।
वह शुक्रवार को डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कौटिल्य प्रशासनिक भवन में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि यूजीसी ने तय किया है कि विभिन्न राज्यों में जाकर औद्योगिक ज्ञान, अप्रेंटिशिप और स्किल विषय पर कॉन्फ्रेंस कर कुलपतियों, प्राचार्यों और शिक्षकों को उच्च शिक्षा के नवाचारों से अवगत कराया जाए। इसी कड़ी में अयोध्या में यह दूसरी कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई।
उन्होंने कहा कि यूजीसी की ओर से ऑनलाइन शिक्षा को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके तहत 101 विश्वविद्यालयों को ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम शुरू करने की अनुमति दी गई है। स्वयं प्लस पोर्टल शुरू करने के साथ स्किल बेस प्रोग्राम ऑफर किए जा रहे हैं। इससे उच्च शिक्षा के विद्यार्थी घर में बैठ कर आसानी से पढ़ सकते हैं और क्रेडिट भी हासिल कर सकते हैं। अब भारत ही नहीं दुनिया के अन्य देशों में भी विद्यार्थी की डिग्री नहीं बल्कि स्किल देखी जा रही है।
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प्रो. कुमार ने कहा कि वर्ष 2020 में नई शिक्षा नीति लागू की गई है। इसके माध्यम से स्कूल और उच्च शिक्षा की व्यवस्था में बदलाव लाते हुए इसे रचनात्मक बनाना है और नए प्रोग्राम शुरू करने हैं। अनुभव के साथ शिक्षा प्रदान करनी है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 60 फीसदी विद्यार्थी ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं। इनका भी ध्यान रखना है। अभी जो डिग्री मिल रही है, वह सिर्फ कागज की है। इससे स्किल नहीं मिलती है। इसीलिए औद्योगिक ज्ञान, अप्रेंटिशिप और स्किल पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
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वह शुक्रवार को डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कौटिल्य प्रशासनिक भवन में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि यूजीसी ने तय किया है कि विभिन्न राज्यों में जाकर औद्योगिक ज्ञान, अप्रेंटिशिप और स्किल विषय पर कॉन्फ्रेंस कर कुलपतियों, प्राचार्यों और शिक्षकों को उच्च शिक्षा के नवाचारों से अवगत कराया जाए। इसी कड़ी में अयोध्या में यह दूसरी कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई।
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उन्होंने कहा कि यूजीसी की ओर से ऑनलाइन शिक्षा को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके तहत 101 विश्वविद्यालयों को ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम शुरू करने की अनुमति दी गई है। स्वयं प्लस पोर्टल शुरू करने के साथ स्किल बेस प्रोग्राम ऑफर किए जा रहे हैं। इससे उच्च शिक्षा के विद्यार्थी घर में बैठ कर आसानी से पढ़ सकते हैं और क्रेडिट भी हासिल कर सकते हैं। अब भारत ही नहीं दुनिया के अन्य देशों में भी विद्यार्थी की डिग्री नहीं बल्कि स्किल देखी जा रही है।
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प्रो. कुमार ने कहा कि वर्ष 2020 में नई शिक्षा नीति लागू की गई है। इसके माध्यम से स्कूल और उच्च शिक्षा की व्यवस्था में बदलाव लाते हुए इसे रचनात्मक बनाना है और नए प्रोग्राम शुरू करने हैं। अनुभव के साथ शिक्षा प्रदान करनी है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 60 फीसदी विद्यार्थी ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं। इनका भी ध्यान रखना है। अभी जो डिग्री मिल रही है, वह सिर्फ कागज की है। इससे स्किल नहीं मिलती है। इसीलिए औद्योगिक ज्ञान, अप्रेंटिशिप और स्किल पर ध्यान केंद्रित किया गया है।