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Ayodhya News: मरीज का गला दबाने के मामले में प्रमुख अधीक्षक ने बैठाई जांच
Tue, 27 May 2025 09:11 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 27 May 2025 09:11 PM IST
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अयोध्या। जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती मरीज का गला दबाने के मामले की जांच के लिए प्रमुख अधीक्षक ने कमेटी बनाई है। वहीं, मृतक महिला के परिजनों ने न तो शव का पोस्टमार्टम कराया न ही कार्रवाई की इच्छा जताई है।
शहर के नियांवा के गौरापट्टी निवासी शकीला बानो उल्टी-दस्त से पीड़ित होने पर मेडिकल वार्ड के बेड नंबर 25 पर भर्ती थीं। बगल में ही तारुन के कनकपुर झगरौली निवासी दर्शनदीन भी खून की कमी से भर्ती था। रविवार सुबह अचानक दर्शनदीन ने शकीला का गला दबा दिया। इसके बाद उनकी हालत गंभीर हो गई और सांसें तेज-तेज चलने लगीं। उन्हें आनन-फानन मेडिकल कॉलेज दर्शननगर भेजा गया, जहां उनकी मौत हो गई। दर्शन दीन को मानसिक रूप से मंदित बताया गया है।
मृतका के गले पर निशान देख मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कोतवाली अयोध्या पुलिस को पोस्टमार्टम के लिए मेमो भिजवाया। पुलिस ने पंचनामा करके पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराई तो परिजनों ने इंकार कर दिया। पुलिस के बार-बार आग्रह करने पर भी वे नहीं माने और लिखित रूप से पीएम कराने से मना किया तो शव उन्हें सौंप दिया गया।
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इधर, जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. एके सिन्हा ने मानसिक रोगी को सामान्य मरीजों के साथ भर्ती करने व घटना से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए जांच कमेटी बनाई है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल वर्मा के नेतृत्व में बनी कमेटी को अविलंब जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है।
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शहर के नियांवा के गौरापट्टी निवासी शकीला बानो उल्टी-दस्त से पीड़ित होने पर मेडिकल वार्ड के बेड नंबर 25 पर भर्ती थीं। बगल में ही तारुन के कनकपुर झगरौली निवासी दर्शनदीन भी खून की कमी से भर्ती था। रविवार सुबह अचानक दर्शनदीन ने शकीला का गला दबा दिया। इसके बाद उनकी हालत गंभीर हो गई और सांसें तेज-तेज चलने लगीं। उन्हें आनन-फानन मेडिकल कॉलेज दर्शननगर भेजा गया, जहां उनकी मौत हो गई। दर्शन दीन को मानसिक रूप से मंदित बताया गया है।
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मृतका के गले पर निशान देख मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कोतवाली अयोध्या पुलिस को पोस्टमार्टम के लिए मेमो भिजवाया। पुलिस ने पंचनामा करके पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराई तो परिजनों ने इंकार कर दिया। पुलिस के बार-बार आग्रह करने पर भी वे नहीं माने और लिखित रूप से पीएम कराने से मना किया तो शव उन्हें सौंप दिया गया।
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इधर, जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. एके सिन्हा ने मानसिक रोगी को सामान्य मरीजों के साथ भर्ती करने व घटना से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए जांच कमेटी बनाई है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल वर्मा के नेतृत्व में बनी कमेटी को अविलंब जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है।