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Ayodhya News: महाकुंभ के बाद रामनवमी मेला की चुनौती
Thu, 20 Feb 2025 08:44 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Thu, 20 Feb 2025 08:44 PM IST
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अयोध्या। महाकुंभ के चलते अयोध्या में पिछले डेढ़ माह से श्रद्धालुओं का आना जारी है। महाकुंभ का समापन 26 फरवरी को महाशिवरात्रि पर होने वाले अंतिम स्नान के साथ हो जाएगा। हालांकि इसके बाद मार्च के आखिरी में रामनवमी मेले का शुभारंभ हो जाएगा। इसमें 50 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इसको देखते हुए राम मंदिर ट्रस्ट नए सिरे से भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा का प्लान बना रहा है।
रामनगरी में रोजाना पांच से सात लाख श्रद्धालु दर्शन-पूजन कर रहे हैं। रामलला के दरबार में चार लाख से अधिक श्रद्धालु रोज पहुंच रहे हैं। भीड़ से राम मंदिर की व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हो रही हैं। ऐसे में राम मंदिर ट्रस्ट नए प्लान पर काम कर रहा है। ट्रस्ट की ओर से राम मंदिर में रोजाना उमड़ने वाली भीड़ का अध्ययन किया जा रहा है। प्रशासन भी विभिन्न रास्तों से अयोध्या आ रहे श्रद्धालुओं की भीड़ का अध्ययन करने में जुटा है ताकि सुरक्षा व सुविधा का नया खाका तैयार किया जा सके।
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का कहना है कि 26 फरवरी के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ कुछ कम होगी लेकिन 30 मार्च से रामनवमी मेला शुरू हो रहा है। नौ दिनों तक रामजन्मोत्सव की धूम रहेगी। मेले में अनुमान के मुताबिक 50 से 70 लाख श्रद्धालु आ सकते हैं। ऐसे में रामलला के दरबार में रोजाना चार से पांच लाख श्रद्धालु सुगमता पूर्वक दर्शन कर सकें, इसकी योजना बनाई जा रही है।
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बताया कि रामनवमी मेले से पहले निकासी के कुछ नए मार्ग बनाए जाएंगे। दर्शनार्थियों की कतार बढ़ाई जाएगी। सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा। लॉकर की संख्या बढ़ाई जाएगी। श्रद्धालुओं को धूप से बचाने के लिए कैनोपी लगाने का काम तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। दर्शनपथ पर पानी की पाइप लाइन बिछाने का काम भी रामनवमी से पहले पूरा करने का लक्ष्य है।
मंडलायुक्त गौरव दयाल ने कहा कि रेलमार्ग व बस से आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ का अध्ययन कराया जा रहा है, ताकि रामनवमी से पहले व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा सके। रामनवमी मेले में ऐसी व्यवस्थाएं करने की योजना है जिससे न सिर्फ श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन मिले बल्कि स्थानीय लोगों को भी असुविधा न हो। भीड़ नियंत्रण व यातायात डायवर्जन के प्लान पर नए सिरे से काम चल रहा है।
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रामनगरी में रोजाना पांच से सात लाख श्रद्धालु दर्शन-पूजन कर रहे हैं। रामलला के दरबार में चार लाख से अधिक श्रद्धालु रोज पहुंच रहे हैं। भीड़ से राम मंदिर की व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हो रही हैं। ऐसे में राम मंदिर ट्रस्ट नए प्लान पर काम कर रहा है। ट्रस्ट की ओर से राम मंदिर में रोजाना उमड़ने वाली भीड़ का अध्ययन किया जा रहा है। प्रशासन भी विभिन्न रास्तों से अयोध्या आ रहे श्रद्धालुओं की भीड़ का अध्ययन करने में जुटा है ताकि सुरक्षा व सुविधा का नया खाका तैयार किया जा सके।
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ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का कहना है कि 26 फरवरी के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ कुछ कम होगी लेकिन 30 मार्च से रामनवमी मेला शुरू हो रहा है। नौ दिनों तक रामजन्मोत्सव की धूम रहेगी। मेले में अनुमान के मुताबिक 50 से 70 लाख श्रद्धालु आ सकते हैं। ऐसे में रामलला के दरबार में रोजाना चार से पांच लाख श्रद्धालु सुगमता पूर्वक दर्शन कर सकें, इसकी योजना बनाई जा रही है।
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बताया कि रामनवमी मेले से पहले निकासी के कुछ नए मार्ग बनाए जाएंगे। दर्शनार्थियों की कतार बढ़ाई जाएगी। सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा। लॉकर की संख्या बढ़ाई जाएगी। श्रद्धालुओं को धूप से बचाने के लिए कैनोपी लगाने का काम तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। दर्शनपथ पर पानी की पाइप लाइन बिछाने का काम भी रामनवमी से पहले पूरा करने का लक्ष्य है।
मंडलायुक्त गौरव दयाल ने कहा कि रेलमार्ग व बस से आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ का अध्ययन कराया जा रहा है, ताकि रामनवमी से पहले व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा सके। रामनवमी मेले में ऐसी व्यवस्थाएं करने की योजना है जिससे न सिर्फ श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन मिले बल्कि स्थानीय लोगों को भी असुविधा न हो। भीड़ नियंत्रण व यातायात डायवर्जन के प्लान पर नए सिरे से काम चल रहा है।