{"_id":"6aa301ce85d06d18e406f032","slug":"trainees-shut-down-opds-over-demand-for-a-hike-in-honorarium-ayodhya-news-c-97-1-ayo1002-158369-2026-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: मानदेय बढ़ाने की मांग पर प्रशिक्षुओं ने बंद की ओपीडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: मानदेय बढ़ाने की मांग पर प्रशिक्षुओं ने बंद की ओपीडी
Fri, 11 Sep 2026 12:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 11 Sep 2026 12:45 AM IST
विज्ञापन
देवकाली स्थित राजकीय डॉ बृजकिशोर होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के गेट पर स्टाइपेंड बढ़
अयोध्या। मानदेय (स्टाइपेंड) में बढ़ोतरी की मांग को लेकर राजकीय डॉ. किशोर होम्योपैथिक चिकित्सालय के प्रशिक्षुओं ने बृहस्पतिवार को ओपीडी सेवाएं बंद कर विरोध-प्रदर्शन किया। इससे अस्पताल पहुंचे मरीजों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ा। रोजाना औसतन 800 से अधिक मरीजों की ओपीडी वाले अस्पताल में अचानक सेवा प्रभावित होने से कई मरीजों को बिना डॉक्टर को दिखाए लौटना पड़ा।
प्रशिक्षुओं का कहना है कि सभी छात्रों ने नीट के माध्यम से प्रवेश लिया है। उनके पाठ्यक्रम की अवधि एमबीबीएस के समान है। प्रशिक्षण के दौरान शैक्षणिक गतिविधियों के साथ चिकित्सकीय कार्यभार भी रहता है। मरीजों के उपचार और देखभाल में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसके बावजूद उन्हें मिलने वाला स्टाइपेंड उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप नहीं है। इसी को लेकर प्रशिक्षुओं ने स्टाइपेंड में उचित बढ़ोतरी की मांग की है।
ओपीडी बंद होने से पूराकलंदर से इलाज के लिए पहुंचीं रेखा को डॉक्टर को दिखाए बिना लौटना पड़ा। इसी तरह मनीष, राकेश और हरेंद्र समेत कई मरीज भी ओपीडी सेवा बंद मिलने पर अस्पताल से वापस चले गए। मरीजों का कहना था कि दूर से अस्पताल आने के बाद भी इलाज नहीं मिल सका।
विज्ञापन
प्रशिक्षुओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पर उचित सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए अनिश्चितकाल के लिए सेवाएं बंद की जा सकती हैं। अभी तक 12 हजार रुपये प्रति माह मिलता है। दूसरे प्रदेशों में अधिक मानदेय मिलता है। उप्र में भी मानदेया सम्मानजनक होना चाहिए।
विज्ञापन
प्रशिक्षुओं का कहना है कि सभी छात्रों ने नीट के माध्यम से प्रवेश लिया है। उनके पाठ्यक्रम की अवधि एमबीबीएस के समान है। प्रशिक्षण के दौरान शैक्षणिक गतिविधियों के साथ चिकित्सकीय कार्यभार भी रहता है। मरीजों के उपचार और देखभाल में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसके बावजूद उन्हें मिलने वाला स्टाइपेंड उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप नहीं है। इसी को लेकर प्रशिक्षुओं ने स्टाइपेंड में उचित बढ़ोतरी की मांग की है।
विज्ञापन
ओपीडी बंद होने से पूराकलंदर से इलाज के लिए पहुंचीं रेखा को डॉक्टर को दिखाए बिना लौटना पड़ा। इसी तरह मनीष, राकेश और हरेंद्र समेत कई मरीज भी ओपीडी सेवा बंद मिलने पर अस्पताल से वापस चले गए। मरीजों का कहना था कि दूर से अस्पताल आने के बाद भी इलाज नहीं मिल सका।
विज्ञापन
प्रशिक्षुओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पर उचित सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए अनिश्चितकाल के लिए सेवाएं बंद की जा सकती हैं। अभी तक 12 हजार रुपये प्रति माह मिलता है। दूसरे प्रदेशों में अधिक मानदेय मिलता है। उप्र में भी मानदेया सम्मानजनक होना चाहिए।

देवकाली स्थित राजकीय डॉ बृजकिशोर होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के गेट पर स्टाइपेंड बढ़

देवकाली स्थित राजकीय डॉ बृजकिशोर होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के गेट पर स्टाइपेंड बढ़

देवकाली स्थित राजकीय डॉ बृजकिशोर होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के गेट पर स्टाइपेंड बढ़

देवकाली स्थित राजकीय डॉ बृजकिशोर होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के गेट पर स्टाइपेंड बढ़