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Ayodhya News: हॉस्टल में फंदे से लटकता मिला एमबीबीएस छात्र का शव
Fri, 22 Aug 2025 11:08 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 22 Aug 2025 11:08 PM IST
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अयोध्या। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में शुक्रवार दोपहर बाद एमबीबीएस 2024 बैच के छात्र सागर पटेल (22) का शव फंदे से लटका मिला है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर छानबीन शुरू की है। मृतक छात्र मानसिक रोग से ग्रसित बताया गया है, जिसका इलाज शंकरगढ़ स्थित एक निजी चिकित्सक के यहां से चल रहा था।
मूलरूप से जौनपुर के मछली शहर तहसील क्षेत्र के निकामुद्दीनपुर निवासी समर बहादुर पटेल के पुत्र सागर ने बीते वर्ष एमबीबीएस में दाखिला लिया था। एक सितंबर से सागर के प्रोफेशनल एग्जाम शुरू होने वाले हैं। इससे पहले इंप्रूवमेंट परीक्षा चल रही थीं। वह मेडिकल कॉलेज परिसर में ही स्थित छात्रावास में अपने एक सहपाठी के साथ एक कमरे में रहता था।
शुक्रवार को उसका सहपाठी क्लास लेने आया था, लेकिन वह नहीं आया। शाम लगभग चार बजे सहपाठी जब हॉस्टल पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज लगाने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई तो सीढ़ी से चढ़कर अंदर झांका तो पंखा एक तरफ झुका हुआ था। अनहोनी की आशंका में छात्रों ने कॉलेज प्रशासन को सूचित किया।
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मौके पर प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा अन्य संकाय सदस्यों के साथ पहुंचे और स्थानीय पुलिस को सूचित किया। पुलिस की मौजूदगी में दरवाजा तोड़कर लोग अंदर गए तो छात्र का शव पंखे से लटक रहा था। आनन-फानन उसे एंबुलेंस से दर्शननगर स्थित अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी ने बताया कि मृतक के बैच के लगभग 15 छात्रों से पूछताछ की गई है। उन लोगों का कहना है कि छात्र मानसिक रूप से बीमार रहता था, जिसका इलाज चल रहा था। वह क्लास कम अटेंड करता था। ज्यादातर समय ऑनलाइन कक्षाओं और जिम में व्यतीत करता था। एक सितंबर से चलने वाली परीक्षाओं को लेकर वह काफी चिंतित था। इसलिए आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है। परिजनों का इंतजार किया जा रहा है। उनसे पूछताछ के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद पूराकलंदर पुलिस ने मृतक के कक्ष को सील कर दिया। एफएसएल की टीम की मौजूदगी में देर शाम कक्ष खोला गया। मौके पर मिले कई नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए।
मेडिकल कॉलेज के सूत्रों के अनुसार कुछ दिन पहले छात्र ने एक विभागाध्यक्ष से अपनी कम उपस्थिति को लेकर चर्चा की थी। उनसे खुद को परीक्षाओं में सम्मिलित होने देने की अनुमति मांगी थी, जिस पर उन्होंने छात्र को काफी फटकार भी लगाई थी। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
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मूलरूप से जौनपुर के मछली शहर तहसील क्षेत्र के निकामुद्दीनपुर निवासी समर बहादुर पटेल के पुत्र सागर ने बीते वर्ष एमबीबीएस में दाखिला लिया था। एक सितंबर से सागर के प्रोफेशनल एग्जाम शुरू होने वाले हैं। इससे पहले इंप्रूवमेंट परीक्षा चल रही थीं। वह मेडिकल कॉलेज परिसर में ही स्थित छात्रावास में अपने एक सहपाठी के साथ एक कमरे में रहता था।
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शुक्रवार को उसका सहपाठी क्लास लेने आया था, लेकिन वह नहीं आया। शाम लगभग चार बजे सहपाठी जब हॉस्टल पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज लगाने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई तो सीढ़ी से चढ़कर अंदर झांका तो पंखा एक तरफ झुका हुआ था। अनहोनी की आशंका में छात्रों ने कॉलेज प्रशासन को सूचित किया।
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मौके पर प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा अन्य संकाय सदस्यों के साथ पहुंचे और स्थानीय पुलिस को सूचित किया। पुलिस की मौजूदगी में दरवाजा तोड़कर लोग अंदर गए तो छात्र का शव पंखे से लटक रहा था। आनन-फानन उसे एंबुलेंस से दर्शननगर स्थित अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी ने बताया कि मृतक के बैच के लगभग 15 छात्रों से पूछताछ की गई है। उन लोगों का कहना है कि छात्र मानसिक रूप से बीमार रहता था, जिसका इलाज चल रहा था। वह क्लास कम अटेंड करता था। ज्यादातर समय ऑनलाइन कक्षाओं और जिम में व्यतीत करता था। एक सितंबर से चलने वाली परीक्षाओं को लेकर वह काफी चिंतित था। इसलिए आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है। परिजनों का इंतजार किया जा रहा है। उनसे पूछताछ के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद पूराकलंदर पुलिस ने मृतक के कक्ष को सील कर दिया। एफएसएल की टीम की मौजूदगी में देर शाम कक्ष खोला गया। मौके पर मिले कई नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए।
मेडिकल कॉलेज के सूत्रों के अनुसार कुछ दिन पहले छात्र ने एक विभागाध्यक्ष से अपनी कम उपस्थिति को लेकर चर्चा की थी। उनसे खुद को परीक्षाओं में सम्मिलित होने देने की अनुमति मांगी थी, जिस पर उन्होंने छात्र को काफी फटकार भी लगाई थी। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।