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Ayodhya News: दुआओं के कुबूल होने की रात शब-ए-बारात
Tue, 03 Feb 2026 09:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 03 Feb 2026 09:33 PM IST
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शब -ए -बारात पर क़ब्र पर दिए जलाते मुस्लिम समाज के लोग
अयोध्या। दुआओं के कुबूल होने की मुकद्दस रात शब-ए-बारात शहर-ए-फैजाबाद और आसपास के इलाकों में पूरी अकीदत, एहतराम और मुसर्रत के साथ मनाई गई। इस मौके पर तमाम मुसलमानों ने अपने बुजुर्गों की कब्रों पर पहुंचकर दीप जलाए, फातिहा पढ़ी और मगफिरत व अमन-चैन की दुआएं मांगी। 15 शाबान के मुबारक दिन इमाम मेहंदी के जन्मदिन की खुशी में भी अकीदतमंदों में खासा उत्साह देखने को मिला। मस्जिदों, इमामबारगाहों और घरों को दुल्हन की तरह सजाया गया। कई स्थानों पर विशेष महफिलों का आयोजन हुआ, जहां नात, मुनकबत और ज़िक्र के जरिए इबादत का सिलसिला पूरी रात जारी रहा।
शब-ए-बारात की रात लोगों ने नफ्ल नमाजें अदा कीं और अल्लाह की बारगाह में अपने गुनाहों की माफी और बेहतर मुकद्दर की दुआ की। वहीं, नमाज़-ए-सुबह के बाद इमाम मेहंदी के मानने वालों ने अपने वक्त के इमाम को अरीजा लिखकर दिल की बातें रखीं और उनके जुहूर की दुआ भी मांगी। शहर भर में शांति, भाईचारे और रूहानी माहौल की झलक साफ नजर आई। शब-ए-बारात का यह पावन अवसर लोगों के लिए इबादत, आत्ममंथन और इंसानियत के संदेश को मजबूत करने वाला साबित हुआ।
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शब-ए-बारात की रात लोगों ने नफ्ल नमाजें अदा कीं और अल्लाह की बारगाह में अपने गुनाहों की माफी और बेहतर मुकद्दर की दुआ की। वहीं, नमाज़-ए-सुबह के बाद इमाम मेहंदी के मानने वालों ने अपने वक्त के इमाम को अरीजा लिखकर दिल की बातें रखीं और उनके जुहूर की दुआ भी मांगी। शहर भर में शांति, भाईचारे और रूहानी माहौल की झलक साफ नजर आई। शब-ए-बारात का यह पावन अवसर लोगों के लिए इबादत, आत्ममंथन और इंसानियत के संदेश को मजबूत करने वाला साबित हुआ।
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