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अयोध्या: स्कूली वैन ने दो साल के मासूम को कुचला, पहिए में फंसकर 50 मीटर तक घिसटा बालक; इकलौता बेटा था

Sat, 19 Sep 2026 08:12 PM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: Bhupendra Singh Updated Sat, 19 Sep 2026 08:12 PM IST
सार

अयोध्या में स्कूली वैन ने दो साल के मासूम को कुचल दिया। बालक पहिए में फंसकर 50 मीटर तक घिसटता चला गया। इकलौते बेटे की मौत से घर कोहराम मच गया। आगे पढ़ें पूरी खबर...

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School van runs over two-year-old child in Ayodhya death of only son plunges family into grief
रोते बिलखते परिजन, अयांश की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

विस्तार

यूपी के अयोध्या में शनिवार सुबह दो बहनों को स्कूल ले जाने के लिए घर के बाहर रुकी स्कूली वैन परिवार के इकलौते चिराग की जिंदगी छीन ले गई। बहनों के पीछे घर से निकला दो वर्षीय अयांश वैन के नीचे आ गया। चालक ने वाहन रोकने के बजाय उसे करीब 50 मीटर तक घसीट दिया। गंभीर रूप से घायल मासूम को परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से घर में मातम पसरा है।

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घटना इनायतनगर क्षेत्र के मुकीमपुर पूरे चौरिहन की है। यहां के निवासी रमाशंकर तिवारी की बेटियां दिव्यांशी उर्फ शुभी और दीप्ति रिवर व्यू इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ती हैं। शनिवार सुबह करीब 7.00 बजे बच्चों को लेने के लिए वैन पहुंची। 

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बहनों के पीछे भाई भी बाहर निकल आया

गांव के अन्य बच्चों को बैठाने के बाद चालक हरिमोहन पाठक निवासी डोभियारा पूरे नंदलाल ने वैन को दिव्यांशी और दीप्ति को बैठाने के लिए रोका। इसी दौरान दोनों बहनों के पीछे उनका छोटा भाई अयांश भी बाहर निकल आया। चालक ने बच्चियों को बैठाने के बाद वैन आगे बढ़ा दी। अयांश पहिये के नीचे आ गया और वाहन के साथ करीब 50 मीटर तक घिसटता चला गया।

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परिजनों के अनुसार, हादसे के बाद चालक ने वाहन नहीं रोका और उसे लेकर चला गया। मां कविता तिवारी स्थानीय लोगों की मदद से घायल बेटे को जिला अस्पताल ले गईं, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पिता रमाशंकर दिल्ली में मजदूरी करते हैं।

घर का इकलौता चिराग था अयांश

अयांश की मौत ने परिवार को गहरा सदमा दिया है। वह रमाशंकर का इकलौता बेटा था। रमाशंकर भी अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं। पिता की बचपन में मृत्यु के बाद मां बीना ने उन्हें पाल-पोसकर बड़ा किया। परिवार की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। रमाशंकर की मजदूरी से ही घर का खर्च चलता है।

ओवरलोडिंग और चालक के नशे में होने का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि वैन में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया जाता था। घटना वाले दिन भी अयांश की मां कविता और दादी बीना ने वाहन में अधिक बच्चों को बैठाने की शिकायत की थी। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि चालक नशे का आदी है और उसके स्थान पर दूसरे चालक की मांग पहले भी स्कूल प्रबंधन से की गई थी।

परिवहन व्यवस्था पर भी सवाल

हादसे के बाद स्कूली वाहनों की निगरानी और क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने पर नियंत्रण को लेकर परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नियमों के बावजूद स्कूली बच्चों को ले जाने वाले वाहनों की जांच में लापरवाही बरती जा रही है।

वाहन विद्यालय का नहीं

स्कूल प्रबंधक शुभम दूबे ने बताया कि दुर्घटना वाला वाहन विद्यालय का नहीं है। चालक उसी के वाहन से विद्यालय के बच्चों को लाता-ले जाता था। वाहन किसके नाम पर है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। 

क्षेत्राधिकारी मिल्कीपुर पियूष ने बताया कि दुर्घटना करने वाले वाहन और चालक को थाने लाया गया है। सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। अभी तहरीर नहीं मिली है, तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। चालक के नशे के आदी होने के आरोप की भी जांच कराई जाएगी। वैन का रजिस्ट्रेशन चालक हरिमोहन पाठक के ही नाम से है।

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