फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Saryu river water turning black pollution in river is increasing rapidly due to reduced flow

Ayodhya News: संकट में सरयू की निर्मलता... काला हो रहा जल, प्रवाह घटने से नदी में तेजी से बढ़ रहा प्रदूषण

Fri, 02 May 2025 05:13 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Fri, 02 May 2025 05:13 PM IST
सार

रामनगरी अयोध्या की आत्मा मानी जाने वाली सरयू की निर्मलता संकट में है। इसका जल काला हो रहा है। जल प्रवाह घटने से नदी में तेजी से प्रदूषण बढ़ रहा है। भूजल संकट के संकेत भी मिल रहे हैं।

विज्ञापन
Saryu river water turning black pollution in river is increasing rapidly due to reduced flow
सरयू नदी - फोटो : संवाद

विस्तार

पवित्र सरयू नदी, जो रामनगरी अयोध्या की आत्मा मानी जाती है, अब संकट के दौर से गुजर रही है। पहले की तरह निर्मल जलधारा से बहने वाली सरयू का जल धीरे-धीरे काला होता जा रहा है। इससे न केवल इसकी पारंपरिक पवित्रता को खतरा उत्पन्न हो रहा है, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था भी प्रभावित हो रही है। जल प्रवाह घटने के कारण नदी में प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। इसके परिणामस्वरूप सरयू के कुछ स्थानों पर पानी काला हो चुका है। कई घाटों पर तो जल आचमन योग्य भी नहीं रह गया है।

विज्ञापन


सरयू की सबसे खराब स्थिति राजघाट, लक्ष्मणघाट और झुनकी घाट के पास देखने को मिल रही है। वर्तमान में जलस्तर में कमी के कारण जलप्रवाह में रुकावट आ गई है। इससे नदी में गंदगी जमा हो रही है। राजघाट से लेकर लक्ष्मणघाट तक सरयू का पानी प्रदूषित हो चुका है, और अब यहां स्नान तो दूर, इसका पानी आचमन योग्य भी नहीं रह गया है। राजघाट क्षेत्र में नए घाट बनाए जा रहे हैं, जिसके लिए खोदाई की जा रही है, जिससे जलधारा का रास्ता भी बदल गया है।

विज्ञापन

भूजल संकट के संकेत भी मिल रहे

पर्यावरण विशेषज्ञ प्रो. जसवंत सिंह ने बताया कि सरयू की जलधारा का तेजी से खिसकना एक गंभीर चिंता का विषय है। यह खेती-किसानी और जैव विविधता पर प्रतिकूल असर डाल सकता है। नदी के नेचुरल मार्ग से हटकर बहने से इको सिस्टम पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। नदी में प्रदूषण बढ़ने की संभावना और भूजल संकट के संकेत भी मिल रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन


पर्यावरण विशेषज्ञ प्रो. सिद्धार्थ शुक्ला के अनुसार सरयू में घुलित आक्सीजन (डीओ) की मात्रा सामान्यत: 4 से 6 मिलीग्राम प्रति लीटर रहती है। प्रदूषण के मानक जैविक ऑक्सीजन मांग (बीओडी) 6 मिलीग्राम प्रति लीटर से अधिक होने पर पानी में प्रदूषण माना जाता है। 

प्रदूषण जलीय जीवन को संकट में डाल रहा

अप्रैल के अंतिम सप्ताह में सरयू में बीओडी की मात्रा 3.5 मिलीग्राम प्रति लीटर थी। जब जल प्रवाह रुकता है, तो गंदगी एकत्र हो जाती है, जिससे पानी का रंग बदल जाता है और प्रदूषण बढ़ता है। यह जलीय जीवन को संकट में डालता है और दुर्गंध का कारण बनता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed