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Ayodhya News: सरयू चेतावनी निशान से सात सेमी ऊपर, कछार में बढ़ी हलचल
Mon, 20 Jul 2026 09:38 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 20 Jul 2026 09:38 PM IST
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अयोध्या। सरयू नदी का जलस्तर चेतावनी निशान से सात सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। पिछले 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 30 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके चलते नदी किनारे बसे गांवों में हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार शाम छह बजे सरयू का जलस्तर 91.80 मीटर रिकॉर्ड किया गया। यह जलस्तर चेतावनी निशान 91.73 मीटर से सात सेंटीमीटर अधिक है।
नदी का लाल निशान 92.73 मीटर है, जिससे वर्तमान जलस्तर करीब 93 सेंटीमीटर दूर है। जलस्तर में यह वृद्धि शारदा और सरयू बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण हुई है। शारदा बैराज से 21,540 क्यूसेक पानी सरयू नदी में छोड़ा गया। वहीं, सरयू बैराज से 6,617 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया गया। पानी की इस भारी मात्रा के कारण नदी में उफान तेज हो गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से कछार क्षेत्र में रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। प्रशासन ने नदी किनारे के गांवों में सतर्कता बढ़ा दी है। अधिकारियों ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी है।
जलस्तर बढ़ने के साथ ही प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से घाटों पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे गहरे पानी में न उतरें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें. संवेदनशील घाटों और तटवर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। बाढ़ चौकियों को भी सक्रिय कर दिया गया है और संबंधित विभागों को किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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नदी का लाल निशान 92.73 मीटर है, जिससे वर्तमान जलस्तर करीब 93 सेंटीमीटर दूर है। जलस्तर में यह वृद्धि शारदा और सरयू बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण हुई है। शारदा बैराज से 21,540 क्यूसेक पानी सरयू नदी में छोड़ा गया। वहीं, सरयू बैराज से 6,617 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया गया। पानी की इस भारी मात्रा के कारण नदी में उफान तेज हो गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से कछार क्षेत्र में रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। प्रशासन ने नदी किनारे के गांवों में सतर्कता बढ़ा दी है। अधिकारियों ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी है।
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जलस्तर बढ़ने के साथ ही प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से घाटों पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे गहरे पानी में न उतरें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें. संवेदनशील घाटों और तटवर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। बाढ़ चौकियों को भी सक्रिय कर दिया गया है और संबंधित विभागों को किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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