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Ayodhya News: मंदिर आंदोलन के अमर सेनानी को किया नमन
Sun, 27 Jul 2025 08:29 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 27 Jul 2025 08:29 PM IST
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अयोध्या। राम मंदिर आंदोलन के प्रखर नेतृत्वकर्ता और तपस्वी संत परमहंस रामचंद्र दास की पुण्यतिथि संत-धर्माचार्यों ने उन्हें नमन किया। दिगंबर अखाड़ा में महंत सुरेश दास के संयोजन में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। तप, त्याग और तेज के प्रतीक परमहंस को नमन करन के लिए देशभर से संत, महंत और श्रद्धालु एकत्र हुए। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि परमहंस की मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका रही।
वह शंकराचार्य से भी राम मंदिर आंदोलन पर खुलकर चर्चा करते थे और प्रधानमंत्री से भी आंख में आंख डाल करके राम जन्मभूमि की मुक्ति की बात करते थे। विहिप के वरिष्ठ संरक्षक दिनेश चंद्र, केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज ने परमहंस के जीवन के प्रेरणादायक प्रसंगों और उनके अदम्य साहस को याद किया। मंदिर के वर्तमान पीठाधिपति महंत रामलखन दास ने कहा कि जब-जब आंदोलन में निराशा छाई, तब-तब परमहंस जी की वाणी ने आशा का संचार किया।
परमहंस का सानिध्य प्राप्त करने वाले सेवानिवृत्त पीसीएस अधिकारी राजेश नाथ त्रिपाठी ने कहा कि अगर वो न होते तो मंदिर आंदोलन जन-जन का आंदोलन नहीं बन पाता। वे अकेले खड़े होकर हजारों को प्रेरित कर देते थे। महंत रामलखन दास व व्यवस्थापक आशुतोष सिंह ने संत-धर्माचार्यों का अभिनंदन किया। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में महंत रामशरण दास, जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य, महंत डॉ. भरत दास, महंत विवेक आचारी, जगद्गुरु डॉ. राघवाचार्य, महंत मिथिलेश नंदिनी शरण, महंत जन्मेजय शरण, महंत अवधेश दास, महंत रामकुमार दास, महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, नगर विधायक वेदप्रकाश गुप्ता, पूर्व महापौर ऋषिकेश उपाध्याय सहित, वृंदावन, मध्यप्रदेश, गुजरात सहित अन्य कई प्रांतों से संत-धर्माचार्य व भक्त शामिल रहे।
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राम मंदिर आंदोलन के शलाका पुरुष परमहंस रामचंद्र दास को सरयू तट स्थित समाधिस्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। उनके शिष्य रहे आचार्य नारायण मिश्र के संयोजन में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर उपस्थित संत व भक्तों ने परमहंस को श्रद्धांजलि अर्पित की साथ ही उन्हें भारत रत्न प्रदान किए जाने की मांग बुलंद की। कार्यक्रम में महंत रामशरण दास रामायणी, महंत सीताराम दास, हिंदू महासभा के प्रवक्ता मनीष पांडेय, कारसेवक रहे संतोष दुबे आदि मौजूद रहे।
दिगंबर अखाड़ा के पूर्वाचार्य और मंदिर आंदोलन के महानायक रामचंद्र दास परमहंस को सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की है। श्रद्धांजलि सभा में सीएम योगी आदित्यनाथ को शामिल होना था, लेकिन अंतिम समय में उनका कार्यक्रम निरस्त हो गया। दिगंबर अखाड़ा सीएम योगी आदित्यनाथ का गुरु घराना है। परमहंस व सीएम के गुरु महंत अवेद्यनाथ की दोस्ती जगजाहिर थी। मंदिर के व्यवस्थापक आशुतोष सिंह ने बताया कि सीएम योगी का दिगंबर अखाड़ा से गहरा लगाव है। उन्होंने दूरभाष पर महंत सुरेश दास से वार्ता कर परमहंस रामचंद्र दास के व्यक्तित्व का बखान किया।
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वह शंकराचार्य से भी राम मंदिर आंदोलन पर खुलकर चर्चा करते थे और प्रधानमंत्री से भी आंख में आंख डाल करके राम जन्मभूमि की मुक्ति की बात करते थे। विहिप के वरिष्ठ संरक्षक दिनेश चंद्र, केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज ने परमहंस के जीवन के प्रेरणादायक प्रसंगों और उनके अदम्य साहस को याद किया। मंदिर के वर्तमान पीठाधिपति महंत रामलखन दास ने कहा कि जब-जब आंदोलन में निराशा छाई, तब-तब परमहंस जी की वाणी ने आशा का संचार किया।
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परमहंस का सानिध्य प्राप्त करने वाले सेवानिवृत्त पीसीएस अधिकारी राजेश नाथ त्रिपाठी ने कहा कि अगर वो न होते तो मंदिर आंदोलन जन-जन का आंदोलन नहीं बन पाता। वे अकेले खड़े होकर हजारों को प्रेरित कर देते थे। महंत रामलखन दास व व्यवस्थापक आशुतोष सिंह ने संत-धर्माचार्यों का अभिनंदन किया। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में महंत रामशरण दास, जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य, महंत डॉ. भरत दास, महंत विवेक आचारी, जगद्गुरु डॉ. राघवाचार्य, महंत मिथिलेश नंदिनी शरण, महंत जन्मेजय शरण, महंत अवधेश दास, महंत रामकुमार दास, महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, नगर विधायक वेदप्रकाश गुप्ता, पूर्व महापौर ऋषिकेश उपाध्याय सहित, वृंदावन, मध्यप्रदेश, गुजरात सहित अन्य कई प्रांतों से संत-धर्माचार्य व भक्त शामिल रहे।
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राम मंदिर आंदोलन के शलाका पुरुष परमहंस रामचंद्र दास को सरयू तट स्थित समाधिस्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। उनके शिष्य रहे आचार्य नारायण मिश्र के संयोजन में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर उपस्थित संत व भक्तों ने परमहंस को श्रद्धांजलि अर्पित की साथ ही उन्हें भारत रत्न प्रदान किए जाने की मांग बुलंद की। कार्यक्रम में महंत रामशरण दास रामायणी, महंत सीताराम दास, हिंदू महासभा के प्रवक्ता मनीष पांडेय, कारसेवक रहे संतोष दुबे आदि मौजूद रहे।
दिगंबर अखाड़ा के पूर्वाचार्य और मंदिर आंदोलन के महानायक रामचंद्र दास परमहंस को सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की है। श्रद्धांजलि सभा में सीएम योगी आदित्यनाथ को शामिल होना था, लेकिन अंतिम समय में उनका कार्यक्रम निरस्त हो गया। दिगंबर अखाड़ा सीएम योगी आदित्यनाथ का गुरु घराना है। परमहंस व सीएम के गुरु महंत अवेद्यनाथ की दोस्ती जगजाहिर थी। मंदिर के व्यवस्थापक आशुतोष सिंह ने बताया कि सीएम योगी का दिगंबर अखाड़ा से गहरा लगाव है। उन्होंने दूरभाष पर महंत सुरेश दास से वार्ता कर परमहंस रामचंद्र दास के व्यक्तित्व का बखान किया।