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Ayodhya News: एसडीएम मिल्कीपुर, चार बीडीओ, बीएसए समेत 23 के वेतन रुके
Sat, 09 May 2026 10:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 09 May 2026 10:59 PM IST
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अयोध्या। जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मिल्कीपुर के उप जिलाधिकारी, चार बीडीओ, बीएसए सहित कुल 23 अधिकारियों का मई माह का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया है। यह कार्रवाई अप्रैल में आईजीआरएस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा के बाद की गई है।
कार्रवाई की जद में मिल्कीपुर के उप जिलाधिकारी के अलावा खान निरीक्षक, संपत्ति प्रबंधक-आवास एवं विकास परिषद, जिला समन्वयक कौशल विकास मिशन, सहायक निदेशक मत्स्य, प्रधानाचार्य- प्राविधिक शिक्षा, सहायक विकास अधिकारी पंचायत अमानीगंज, बाल विकास परियोजना अधिकारी तारून, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, प्रधानाचार्य- औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, वित्त एवं लेखाधिकारी- बेसिक शिक्षा, खंड विकास अधिकारी मया बाजार, पूरा बाजार, बीकापुर व सोहावल, सहायक विकास अधिकारी पंचायत मवई, तहसीलदार बीकापुर, प्रबंधक-दुग्ध विकास विभाग, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, पशु चिकित्साधिकारी अमानीगंज व सोहावल, बेसिक शिक्षा अधिकारी और प्रभारी चिकित्साधिकारी पूराबाजार का वेतन रोका गया है।
निस्तारित मामलों में शत-प्रतिशत आवेदक असंतुष्ट
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई मासिक समीक्षा बैठक में गंभीर खामियां सामने आईँ। समीक्षा में पाया गया कि कई अधिकारियों की ओर से निस्तारित किए गए प्रकरणों में शत-प्रतिशत आवेदक असंतुष्ट रहे। साथ ही, शिकायतकर्ताओं से संपर्क करने का प्रतिशत भी 90 फीसदी से कम था। इन परिणामों पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई पोर्टल के मामलों में अधिकारी अपेक्षित रुचि नहीं ले रहे हैं, जबकि यह शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जन शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता, समयबद्धता और शिकायतकर्ताओं से संवाद सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्देशों का पालन न करने पर आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को जन शिकायतों के प्रति अधिक संवेदनशील होने पर जोर दिया।
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कार्रवाई की जद में मिल्कीपुर के उप जिलाधिकारी के अलावा खान निरीक्षक, संपत्ति प्रबंधक-आवास एवं विकास परिषद, जिला समन्वयक कौशल विकास मिशन, सहायक निदेशक मत्स्य, प्रधानाचार्य- प्राविधिक शिक्षा, सहायक विकास अधिकारी पंचायत अमानीगंज, बाल विकास परियोजना अधिकारी तारून, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, प्रधानाचार्य- औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, वित्त एवं लेखाधिकारी- बेसिक शिक्षा, खंड विकास अधिकारी मया बाजार, पूरा बाजार, बीकापुर व सोहावल, सहायक विकास अधिकारी पंचायत मवई, तहसीलदार बीकापुर, प्रबंधक-दुग्ध विकास विभाग, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, पशु चिकित्साधिकारी अमानीगंज व सोहावल, बेसिक शिक्षा अधिकारी और प्रभारी चिकित्साधिकारी पूराबाजार का वेतन रोका गया है।
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निस्तारित मामलों में शत-प्रतिशत आवेदक असंतुष्ट
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई मासिक समीक्षा बैठक में गंभीर खामियां सामने आईँ। समीक्षा में पाया गया कि कई अधिकारियों की ओर से निस्तारित किए गए प्रकरणों में शत-प्रतिशत आवेदक असंतुष्ट रहे। साथ ही, शिकायतकर्ताओं से संपर्क करने का प्रतिशत भी 90 फीसदी से कम था। इन परिणामों पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई पोर्टल के मामलों में अधिकारी अपेक्षित रुचि नहीं ले रहे हैं, जबकि यह शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जन शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता, समयबद्धता और शिकायतकर्ताओं से संवाद सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्देशों का पालन न करने पर आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को जन शिकायतों के प्रति अधिक संवेदनशील होने पर जोर दिया।
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