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Ayodhya News: रीजेंट्स का नहीं हुआ इंतजाम, जांच के लिए भटक रहे मरीज
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जिला अस्पताल में जांच कराने के लिए केंद्र पर मौजूद मरीज तथा तीमारदार।-संवाद
अयोध्या। खून की जांच में आवश्यक रीजेंट्स का इंतजाम समय से पूर्व करना तो दूर, स्टाक खत्म होने के 10 दिन में भी जिम्मेदार व्यवस्था नहीं कर सके। ऐसे में शनिवार को भी मरीज थायराइड समेत हार्मोनल जांचों के लिए भटकते रहे। मरीजों में व्यवस्था के प्रति आक्रोश है।
जिला अस्पताल के आरडीसी में हार्मोन की जांचों के लिए आधुनिक मशीन लगी है। यहां जिला पुरुष व महिला अस्पताल के मरीजों व सीएचसी-पीएचसी से रेफर मरीजों की जांच होती है। सालभर में यह मशीन लगभग तीन माह तक विभिन्न वजहों से बंद रही, जिससे मरीजों ने परेशानियों का सामना किया। अब मरीज अस्पताल प्रशासन व आरडीसी प्रबंधन का जिम्मा संभाल रहे लोगों की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे हैं।
जिम्मेदारों ने हार्मोनल जांचों में आवश्यक रीजेंट्स (रसायनों) का इंतजाम समय से पूर्व नहीं किया। लिहाजा पहले से क्रय किया हुआ स्टाक समाप्त हो गया। मेडिकल कॉलेज से उधार रीजेंट्स लेकर एक-दो दिन काम चला, लेकिन पांच अप्रैल से वह भी खत्म हुआ और जांचें ठप हो गईं। तभी से अस्पताल प्रबंधन रीजेंट्स मंगाने का दावा कर रहा है, लेकिन शनिवार तक आपूर्ति नहीं हो सकी।
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निजी केंद्रों से सांठगांठ के लग रहे आरोप
जिले के कुछ प्रबुद्धजनों ने आरोप लगाया कि प्रबंधन से जुड़े लोग निजी केंद्रों को लाभ पहुंचाने के लिए जान-बूझकर क्रय प्रक्रिया में देरी कर रहे हैं। थायराइड जांच निजी केंद्रों में 350 रुपये में होती है। हार्मोन की कुछ अन्य जांचें काफी महंगी हैं। इनमें डॉक्टरों का भी कमीशन होता है।
मरीज बोले- पता नहीं कब सुधरेगी व्यवस्था
बल्लाहाता की रिजवाना बानो (35) ने बताया कि पेट में तकलीफ है। डॉक्टर ने थायराइड जांच के लिए लिखा था, लेकिन यहां तो जांच ही बंद है। रामपुरभगन निवासी आशा (44) ने कहा कि वजन लगातार बढ़ रहा है। डॉक्टर ने जांच लिखी है, जो नहीं हो सकी। रिकाबगंज की अर्चिता गुप्ता व मिर्जापुर की कुसुम आदि ने यह तो रोज की समस्या बन गई है, न जाने कब व्यवस्था सुधरेगी।
वर्जन...
-शीघ्र ही रीजेंट्स की उपलब्धता की संभावना है। मशीन बनकर तैयार है। रीजेंट्स की आपूर्ति होते ही जांच शुरू की जाएगी। भविष्य में समय से रीजेंट्स की उपलब्धता के निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. अरुण प्रकाश श्रीवास्तव, प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल के आरडीसी में हार्मोन की जांचों के लिए आधुनिक मशीन लगी है। यहां जिला पुरुष व महिला अस्पताल के मरीजों व सीएचसी-पीएचसी से रेफर मरीजों की जांच होती है। सालभर में यह मशीन लगभग तीन माह तक विभिन्न वजहों से बंद रही, जिससे मरीजों ने परेशानियों का सामना किया। अब मरीज अस्पताल प्रशासन व आरडीसी प्रबंधन का जिम्मा संभाल रहे लोगों की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे हैं।
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जिम्मेदारों ने हार्मोनल जांचों में आवश्यक रीजेंट्स (रसायनों) का इंतजाम समय से पूर्व नहीं किया। लिहाजा पहले से क्रय किया हुआ स्टाक समाप्त हो गया। मेडिकल कॉलेज से उधार रीजेंट्स लेकर एक-दो दिन काम चला, लेकिन पांच अप्रैल से वह भी खत्म हुआ और जांचें ठप हो गईं। तभी से अस्पताल प्रबंधन रीजेंट्स मंगाने का दावा कर रहा है, लेकिन शनिवार तक आपूर्ति नहीं हो सकी।
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निजी केंद्रों से सांठगांठ के लग रहे आरोप
जिले के कुछ प्रबुद्धजनों ने आरोप लगाया कि प्रबंधन से जुड़े लोग निजी केंद्रों को लाभ पहुंचाने के लिए जान-बूझकर क्रय प्रक्रिया में देरी कर रहे हैं। थायराइड जांच निजी केंद्रों में 350 रुपये में होती है। हार्मोन की कुछ अन्य जांचें काफी महंगी हैं। इनमें डॉक्टरों का भी कमीशन होता है।
मरीज बोले- पता नहीं कब सुधरेगी व्यवस्था
बल्लाहाता की रिजवाना बानो (35) ने बताया कि पेट में तकलीफ है। डॉक्टर ने थायराइड जांच के लिए लिखा था, लेकिन यहां तो जांच ही बंद है। रामपुरभगन निवासी आशा (44) ने कहा कि वजन लगातार बढ़ रहा है। डॉक्टर ने जांच लिखी है, जो नहीं हो सकी। रिकाबगंज की अर्चिता गुप्ता व मिर्जापुर की कुसुम आदि ने यह तो रोज की समस्या बन गई है, न जाने कब व्यवस्था सुधरेगी।
वर्जन...
-शीघ्र ही रीजेंट्स की उपलब्धता की संभावना है। मशीन बनकर तैयार है। रीजेंट्स की आपूर्ति होते ही जांच शुरू की जाएगी। भविष्य में समय से रीजेंट्स की उपलब्धता के निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. अरुण प्रकाश श्रीवास्तव, प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल