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Ayodhya News: महंत का जाली मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में सगे भाई नामजद

Thu, 11 Sep 2025 08:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Thu, 11 Sep 2025 08:50 PM IST
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Real brothers named in getting fake death certificate of Mahant made
अयोध्या। कोतवाली अयोध्या के छिछला मठ, भीखापुर के मंहत स्व. अमर दास का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के मामले में पुलिस ने सगे भाइयों के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह प्रमाण पत्र मध्य प्रदेश के दतिया से बनवाया गया था, जिसे निरस्त कर दिया गया है। मठ की कीमती जमीन हड़पने की मंशा से फर्जीवाड़े का आरोप है।
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नगर कोतवाली में दर्ज एफआईआर में भाजपा नेता गिरीश पांडेय डिप्पुल ने बताया कि उनके बड़े भाई अशोक कुमार पांडेय छिछला मठ, भीखापुर के मौजूदा महंत हैं। उनके छोटे भाई शीतला प्रसाद की मौत 16 दिसंबर, 2022 को हो चुकी है। शीतला प्रसाद की शिकायत पर पूर्व में उनकी जमीनों की राजस्व परिषद से जांच हो चुकी है, जिसमें उनके बैनामे, अभिलेख, नामांतरण व समस्त चल-अचल संपत्तियां वैध मिली हैं। उनके गुरु स्व. अमरदास ने 14 जून, 1989 और 20 जून, 1989 को कुछ जमीनों का बैनामा और पंजीकृत वसीयत उनके पक्ष में की थी। 19 जुलाई, 1991 को उनकी मौत हो गई। बैनामा और वसीयत के आधार पर उन जमीनों का नामांतरण उनके नाम हो गया। 14 नवंबर, 2024 को उनके भतीजे सत्येंद्र पांडेय की ओर से दीवानी न्यायालय में एक मुकदमा दायर करने की उन्हें जानकारी मिली।
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उन्होंने बताया कि इसी वसीयत और बैनामे को धोखे से निरस्त करवाने के लिए सत्येंद्र पांडेय और उसके भाई सचिंद्र ने उनके गुरु स्व. अमरदास का जाली मृत्यु प्रमाण पत्र मध्य प्रदेश के दतिया से जारी करवाकर इस मुकदमे में लगा दिया। इसमें महंत अमर दास की मौत 19 जुलाई, 1988 को होना दिखाया गया। इसकी शिकायत तहसीलदार दतिया से की गई तो उन्होंने मामले की जांच कराई और यह मृत्यु प्रमाण पत्र जाली मिलने पर निरस्त करके सही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया।
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आईजी अयोध्या से शिकायत के बाद सीओ अयोध्या ने इसकी जांच की तो आरोप सही पाए गए। इसके बाद उन्होंने अधिवक्ता राज शर्मा के जरिये न्यायालय की शरण ली तो केस दर्ज करने का आदेश हुआ है। प्रभारी निरीक्षक अश्विनी पांडेय ने बताया कि आरोपी सत्येंद्र पांडेय और सचिंद्र पांडेय के खिलाफ केस दर्ज करके विवेचना कराई जा रही है।
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