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Ayodhya News: रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए 50 दिन तक थाने का चक्कर काटती रही दुष्कर्म पीड़िता
Thu, 24 Sep 2026 12:46 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Thu, 24 Sep 2026 12:46 AM IST
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अयोध्या। दर्शननगर क्षेत्र के एक गांव में मानसिक रूप से अस्वस्थ नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार का आरोप है कि घटना की जानकारी एक अगस्त को पुलिस को देने और दो अगस्त को थाने में लिखित शिकायत करने के बावजूद दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पीड़ित परिवार करीब 50 दिन तक कार्रवाई की उम्मीद में थाने के चक्कर काटता रहा। आखिरकार 21 सितंबर को पुलिस ने दुष्कर्म के आरोप में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।
नाबालिग की मां की ओर से दी गई तहरीर में तिहुरा निवासी प्रेमदास यादव उर्फ जसू पर दुष्कर्म का आरोप लगाया गया है। परिवार के मुताबिक, एक अगस्त को घटना की जानकारी मिलने पर मां मौके पर पहुंचीं और शोर मचाया। आसपास के लोग जुटे और आरोपी को पकड़ लिए।
परिजनों का दावा है कि 112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी थी। अगले दिन थाने पहुंचकर घटना की पूरी जानकारी देते हुए लिखित शिकायत भी दी गई, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं किया गया। परिवार का आरोप है कि नाबालिग मानसिक सदमे में थी। इसके बावजूद उसका चिकित्सकीय परीक्षण और महिला पुलिस अधिकारी के माध्यम से बयान दर्ज कराने की कार्रवाई तत्काल नहीं हुई। परिजनों ने बार-बार थाने बुलाने और समझौते का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है।
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दुष्कर्म की शिकायत के बजाय पहले परिवार पर एफआईआर
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस परिवार की ओर से नाबालिग से दुष्कर्म की शिकायत किए जाने का दावा किया जा रहा है, उसी परिवार के खिलाफ दूसरे पक्ष की तहरीर पर एक अगस्त को रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। इस रिपोर्ट में आरोपी बनाया गया एक युवक घटना के समय गुजरात में था। उन्होंने घटनास्थल, मोबाइल लोकेशन और अन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
विधायक ने उठाया पुलिस कार्रवाई पर सवाल
बुधवार को विधायक वेद प्रकाश गुप्ता गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मामला मुख्यमंत्री के सामने उठाया जाएगा। यदि नाबालिग और उसकी मानसिक स्थिति की जानकारी होने के बावजूद शिकायत पर कार्रवाई में लापरवाही हुई है तो संबंधित पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर से भी मुलाकात की। एसएसपी ने मामले में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया है। सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी के मुताबिक मामले की जांच की जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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नाबालिग की मां की ओर से दी गई तहरीर में तिहुरा निवासी प्रेमदास यादव उर्फ जसू पर दुष्कर्म का आरोप लगाया गया है। परिवार के मुताबिक, एक अगस्त को घटना की जानकारी मिलने पर मां मौके पर पहुंचीं और शोर मचाया। आसपास के लोग जुटे और आरोपी को पकड़ लिए।
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परिजनों का दावा है कि 112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी थी। अगले दिन थाने पहुंचकर घटना की पूरी जानकारी देते हुए लिखित शिकायत भी दी गई, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं किया गया। परिवार का आरोप है कि नाबालिग मानसिक सदमे में थी। इसके बावजूद उसका चिकित्सकीय परीक्षण और महिला पुलिस अधिकारी के माध्यम से बयान दर्ज कराने की कार्रवाई तत्काल नहीं हुई। परिजनों ने बार-बार थाने बुलाने और समझौते का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है।
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दुष्कर्म की शिकायत के बजाय पहले परिवार पर एफआईआर
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस परिवार की ओर से नाबालिग से दुष्कर्म की शिकायत किए जाने का दावा किया जा रहा है, उसी परिवार के खिलाफ दूसरे पक्ष की तहरीर पर एक अगस्त को रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। इस रिपोर्ट में आरोपी बनाया गया एक युवक घटना के समय गुजरात में था। उन्होंने घटनास्थल, मोबाइल लोकेशन और अन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
विधायक ने उठाया पुलिस कार्रवाई पर सवाल
बुधवार को विधायक वेद प्रकाश गुप्ता गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मामला मुख्यमंत्री के सामने उठाया जाएगा। यदि नाबालिग और उसकी मानसिक स्थिति की जानकारी होने के बावजूद शिकायत पर कार्रवाई में लापरवाही हुई है तो संबंधित पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर से भी मुलाकात की। एसएसपी ने मामले में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया है। सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी के मुताबिक मामले की जांच की जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।