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Ayodhya News: दीपोत्सव पर दमक रही रामनगरी
Fri, 06 Nov 2026 12:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 06 Nov 2026 12:52 AM IST
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दीपोत्सव पर की गई सजावट।
अयोध्या। कहीं फूलों से सजे तोरण द्वार, कहीं रोशनी में नहाए मार्ग, कहीं रामायण की चौपाइयों से सुसज्जित होर्डिंग तो कहीं वातावरण में घुलती रामधुन। रामनगरी इन दिनों केवल सज नहीं रही, बल्कि मानो अपने आराध्य के स्वागत में त्रेतायुग को फिर से जी रही है। अयोध्या की गलियों से लेकर प्रमुख मार्गों और सरयू के घाटों तक दीपोत्सव का उल्लास उतर आया है। श्रीराम के आगमन की प्रतीक्षा में पूरी नगरी का शृंगार किया जा रहा है। इस अलौकिक तैयारी को आकार देने में जिले के 25 से अधिक विभागों के अधिकारी और कर्मचारी जुटे हैं।
पांच दिवसीय दीपोत्सव का आगाज सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों के साथ हो गया है। सात नवंबर को दीपोत्सव का मुख्य आयोजन होगा। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामकथा पार्क में प्रभु श्रीराम का राजतिलक करेंगे। राम की पैड़ी सहित विभिन्न घाटों पर 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। अयोध्याधाम की सीमा में उदया चौराहे, चूड़ामणि चौराहे, धर्मपथ और लता चौक की ओर बढ़ते ही दीपोत्सव की भव्यता का अहसास होने लगता है। रामपथ पर कदम रखते ही नजर डिवाइडर से लेकर दोनों ओर सजे होर्डिंग पर ठहर जाती है। कहीं भगवान श्रीराम की लंका विजय के बाद 14 वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या लौटने का उल्लास चित्रित है तो कहीं रामराज्य की परिकल्पना को साकार करती चौपाइयां अंकित हैं। किसी होर्डिंग पर दैहिक दैविक भौतिक तापा... की चौपाई रामराज्य का भाव जगा रही है तो कहीं कंचन कलश बिचित्र संवारे... के माध्यम से उत्सव की छटा उकेरी गई है।
लता चौक पहुंचते-पहुंचते दीपोत्सव की तैयारियों का उल्लास अपने चरम पर दिखाई देने लगता है। राम की पैड़ी पर पहुंचते ही दृश्य और भी विहंगम हो उठता है। घाटों पर स्वयंसेवक दीपों की कतारें सजाने में जुटे हैं। कोई दीपों को करीने से बिछा रहा है तो कोई घाटों की साज-सज्जा को अंतिम रूप दे रहा है। दूसरी ओर विभिन्न विभागों के कर्मचारी लेजर शो, ड्रोन शो और प्रोजेक्शन मैपिंग के रिहर्सल में व्यस्त हैं।
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सजने लगा राम मंदिर का प्रवेश द्वार
साकेत महाविद्यालय से आगे बढ़कर टेढ़ी बाजार चौराहे की ओर कदम बढ़ते हैं तो वातावरण में रामधुन घुलने लगती है। मधुर स्वर में गूंजती रामधुन राहगीरों को ठहरकर इस उत्सवी माहौल को महसूस करने के लिए विवश करती है। राम मंदिर के आदि शंकराचार्य द्वार और जगद्गुरु मध्वाचार्य द्वार पर भव्य तोरण द्वार आकार ले रहे हैं। फूलों से इनका शृंगार किया जा रहा है। मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर भी आकर्षक झांकी सजाई जा रही है।
गोंडा सीमा तक फैली दीपोत्सव की चमक
दीपोत्सव की सजावट का दायरा अयोध्या शहर तक सीमित नहीं है। रामनगरी की चमक गोंडा सीमा तक पहुंच रही है। पुराने सरयू पुल को रोशनी, फूलों और तोरण द्वारों से सजाया जा रहा है। पुल पर विशेष प्रकाश सज्जा के साथ आतिशबाजी का भी आयोजन होगा। सरयू के इस पार से उस पार तक जगमगाती रोशनी रामनगरी में प्रवेश करने वालों का स्वागत करेगी। शाम होते ही अयोध्या की भव्यता देखने श्रद्धालु उमड़ रहे हैं।
: दीपोत्सव में इस बार खास
30 लाख दीपों का प्रज्ज्वलन।
2187 अर्चकों व महिलाओं की ओर से सरयू की महाआरती।
राम की पैड़ी पर 15 हजार दर्शक क्षमता का विस्तार।
पहली बार फिलीपींस व दक्षिण अफ्रीका की रामलीला।
पहली बार थ्री डी थीमेटिक एंट्री गेट और सेल्फी पॉइंट।
राम की पैड़ी परिसर में पहली बार विजिटर गैलरी।
ग्रीन आतिशबाजी शो, इस बार 2100 ड्रोन शो।
300 फीट लंबा और 50 फीट ऊंचा रामायण थीम पर सिनमैटिक फसाड।
पहली बार अयोध्या की 16 टीमें रामलीला शोभायात्रा में शामिल होंगी।
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पांच दिवसीय दीपोत्सव का आगाज सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों के साथ हो गया है। सात नवंबर को दीपोत्सव का मुख्य आयोजन होगा। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामकथा पार्क में प्रभु श्रीराम का राजतिलक करेंगे। राम की पैड़ी सहित विभिन्न घाटों पर 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। अयोध्याधाम की सीमा में उदया चौराहे, चूड़ामणि चौराहे, धर्मपथ और लता चौक की ओर बढ़ते ही दीपोत्सव की भव्यता का अहसास होने लगता है। रामपथ पर कदम रखते ही नजर डिवाइडर से लेकर दोनों ओर सजे होर्डिंग पर ठहर जाती है। कहीं भगवान श्रीराम की लंका विजय के बाद 14 वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या लौटने का उल्लास चित्रित है तो कहीं रामराज्य की परिकल्पना को साकार करती चौपाइयां अंकित हैं। किसी होर्डिंग पर दैहिक दैविक भौतिक तापा... की चौपाई रामराज्य का भाव जगा रही है तो कहीं कंचन कलश बिचित्र संवारे... के माध्यम से उत्सव की छटा उकेरी गई है।
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लता चौक पहुंचते-पहुंचते दीपोत्सव की तैयारियों का उल्लास अपने चरम पर दिखाई देने लगता है। राम की पैड़ी पर पहुंचते ही दृश्य और भी विहंगम हो उठता है। घाटों पर स्वयंसेवक दीपों की कतारें सजाने में जुटे हैं। कोई दीपों को करीने से बिछा रहा है तो कोई घाटों की साज-सज्जा को अंतिम रूप दे रहा है। दूसरी ओर विभिन्न विभागों के कर्मचारी लेजर शो, ड्रोन शो और प्रोजेक्शन मैपिंग के रिहर्सल में व्यस्त हैं।
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सजने लगा राम मंदिर का प्रवेश द्वार
साकेत महाविद्यालय से आगे बढ़कर टेढ़ी बाजार चौराहे की ओर कदम बढ़ते हैं तो वातावरण में रामधुन घुलने लगती है। मधुर स्वर में गूंजती रामधुन राहगीरों को ठहरकर इस उत्सवी माहौल को महसूस करने के लिए विवश करती है। राम मंदिर के आदि शंकराचार्य द्वार और जगद्गुरु मध्वाचार्य द्वार पर भव्य तोरण द्वार आकार ले रहे हैं। फूलों से इनका शृंगार किया जा रहा है। मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर भी आकर्षक झांकी सजाई जा रही है।
गोंडा सीमा तक फैली दीपोत्सव की चमक
दीपोत्सव की सजावट का दायरा अयोध्या शहर तक सीमित नहीं है। रामनगरी की चमक गोंडा सीमा तक पहुंच रही है। पुराने सरयू पुल को रोशनी, फूलों और तोरण द्वारों से सजाया जा रहा है। पुल पर विशेष प्रकाश सज्जा के साथ आतिशबाजी का भी आयोजन होगा। सरयू के इस पार से उस पार तक जगमगाती रोशनी रामनगरी में प्रवेश करने वालों का स्वागत करेगी। शाम होते ही अयोध्या की भव्यता देखने श्रद्धालु उमड़ रहे हैं।
: दीपोत्सव में इस बार खास
30 लाख दीपों का प्रज्ज्वलन।
2187 अर्चकों व महिलाओं की ओर से सरयू की महाआरती।
राम की पैड़ी पर 15 हजार दर्शक क्षमता का विस्तार।
पहली बार फिलीपींस व दक्षिण अफ्रीका की रामलीला।
पहली बार थ्री डी थीमेटिक एंट्री गेट और सेल्फी पॉइंट।
राम की पैड़ी परिसर में पहली बार विजिटर गैलरी।
ग्रीन आतिशबाजी शो, इस बार 2100 ड्रोन शो।
300 फीट लंबा और 50 फीट ऊंचा रामायण थीम पर सिनमैटिक फसाड।
पहली बार अयोध्या की 16 टीमें रामलीला शोभायात्रा में शामिल होंगी।

दीपोत्सव पर की गई सजावट।

दीपोत्सव पर की गई सजावट।

दीपोत्सव पर की गई सजावट।