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Ayodhya News: रजत हिंडोले पर रामलला का राजसी विहार

Tue, 29 Jul 2025 10:22 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Tue, 29 Jul 2025 10:22 PM IST
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Ramlala's royal ride on the silver swing
अयोध्या। सावन शुक्ल पंचमी की सुबह जब सूर्य की किरणें सरयू की लहरों पर स्वर्णिम आभा बिखेर रही थीं, तभी रामकोट की पावन भूमि पर इतिहास जैसे एक बार फिर जीवंत हो उठा। भव्य महल में रजत (चांदी) के अद्भुत हिंडोले पर बाल रूप रामलला समेत चारों भाई विराजित किए गए। रामलला को 56 भोग अर्पित किया गया। अपने आराध्य के झूला विहार का दृश्य देखकर भक्त निहाल होते रहे।
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श्रावण शुक्ल पंचमी पर अर्चकों ने विधि-विधान पूर्वक पूजन-अर्चन के साथ रामलला सहित चारों भाइयों को रजत जड़ित हिंडोले पर विराजित किया। हिंडोले पर विराजे रामलला को निहारने के लिए भक्तों में होड़ मच गई। दर्शन कर भक्त निहाल होते रहे। पुजारी ने बताया कि सुबह सवा छह बजे की आरती के बाद जैसे ही गर्भगृह का पट खुला तो रामलला के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। रामलला के झूला विहार का दृश्य देखकर हर होई भाव विभोर हो रहा था। जय श्रीराम के जयघोष निरंतर गूंजते रहे।
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झूलन उत्सव के लिए ट्रस्ट की ओर से पूरे गर्भगृह परिसर को फूलों से सजाया गया। इससे पहले सुबह रामलला व राम दरबार में विराजे सीता राम का शुद्ध जल, पंचामृत, इत्र और पुष्पों से अभिषेक हुआ। वेद मंत्रों की दिव्य गूंज और शंख ध्वनि के मध्य जब आरती उतारी गई तो ऐसा प्रतीत हुआ मानो स्वर्ग का मधुर संगीत धरा पर उतर आया हो। शाम को गीत, भजन और कजरी की ऐसी मनोहारी प्रस्तुति हुई कि जन-जन मंत्रमुग्ध हो उठा।
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इससे पहले सुबह कर्नाटक से आए कलाकारों ने भव्य प्रस्तुति दी। श्रद्धालु भाव विभोर होकर झूम उठे। रामलला के दरबार में झूलनोत्सव के आरंभ के पहले दिन ही शाम सात बजे तक एक लाख भक्तों ने रामलला के दरबार में माथा टेका। वहीं, अचारी मंदिर में भी पंचमी से झूलनोत्सव का शुभारंभ हो गया है। यहां भी रक्षा बंधन तक झूलनोत्सव का उल्लास बिखरेगा।

रामलला व राम दरबार में भगवान को 56 भोग अर्पित किया गया। इसमें पूड़ी, सब्जी, कचौड़ी, खीर, मिष्ठान, फल, मिश्री, माखन, मालपुआ, केसरिया खीर, पंचमेवा और तुलसी पत्र से सुगंधित व्यंजन शामिल रहा। यह केवल नैवेद्य नहीं, भावनाओं की वह धारा थी जिसमें समर्पण, प्रेम और भक्ति तीनों समाहित थे।



राम मंदिर परिसर में नाग पंचमी के अवसर पर पहली बार शेषावतार भगवान का भी अभिषेक पूजन किया गया। मंदिर में भगवान की भव्य झांकी सजाई गई। उन्हें 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। इससे पहले पुजारियों ने शेषावतार भगवान का भव्य शृंगार भी किया।
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