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Ayodhya News: राम की नगरी में राष्ट्रपति ने बिताए चार घंटे
Thu, 02 May 2024 01:50 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Thu, 02 May 2024 01:50 AM IST
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत करतीं राज्यपाल।
- फोटो : संवाद
अयोध्या। लोकसभा चुनाव के बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भारतीय वायुसेना के विमान से सपरिवार अयोध्या पहुंचीं तो उनकी इस यात्रा के कई मायने निकाले जा रहे हैं। फिलहाल राष्ट्रपति की यह यात्रा पूरी तरह से धार्मिक रही। उन्होंने रामनगरी में चार घंटे बिताए। इस दौरान वे अनुष्ठानों में ही लीन रहीं। अपने हाव-भाव से भी वह दर्शाती रहीं कि वे सिर्फ और सिर्फ अयोध्या की आस्था में डूबने आई हैं।
हनुमानगढ़ी हो या फिर रामलला उन्होंने एक भक्त की मुद्रा में खुद को प्रस्तुत किया। सरयू तट पर मां सरयू के पूजन में विधिविधान पूर्वक सारे नियम किए। हनुमानगढ़ी पहुंचीं तो हनुमंतलला की आरती उतारी। आंखें बंद कर, सिर झुकाकर, हाथ जोड़े हुए राष्ट्रपति खड़ी थीं, तो ऐसा लग रहा था कि जैसे कि वह हनुमान जी से कोई कामना कर रहीं हों। सरयू तट पहुंचने पर उन्होंने सबसे पहले मां सरयू का दूध व पंचामृत से अभिषेक किया, चुनरी भी अर्पित की। पुजारी जो विधि बताते, राष्ट्रपति उसे भक्तिभाव से अपनातीं नजर आईं। जय सरयू माता, मइया जय सरयू माता...की स्तुति के बीच 2100 बत्ती की मां सरयू की महाआरती उतारी।
आरती के संयोजक महंत शशिकांत दास व महंत मनीष दास ने राष्ट्रपति को प्रसाद दिया। यहां करीब 30 मिनट बिताने के बाद वे रामलला के दरबार पहुंची। रामजन्मभूमि परिसर में राष्ट्रपति ने एक घंटे से अधिक समय बिताया।
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राम के साथ शिव का भी किया पूजन
राष्ट्रपति रामलला के दरबार पहुंची तो बालक राम की अद्भुत छवि में डूब गईं। रत्नजड़ित हरे वस्त्र में रामलला की दिव्य छवि मनोहारी लग रही थी। यहां पूरे विधिविधान से रामलला की पूजा-अर्चना की। राम मंदिर के ट्रस्टी डॉ़ अनिल मिश्र व महंत दिनेंद्र दास ने राष्ट्रपति का अभिनंदन किया। ट्रस्ट की ओर से राष्ट्रपति को रामनामी वस्त्र, मंदिर का मॉडल व रामलला का प्रसाद अर्पित किया गया। उनके साथ मौजूद परिवार के सदस्यों और राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का भी ट्रस्ट की ओर से अभिनंदन किया गया। रामलला के दर्शन के बाद राष्ट्रपति ने भगवान शिव का भी अभिषेक-पूजन किया। वे कुबेर टीला गईं, यहां विधि पूर्वक कुबेरेश्वर महादेव का अभिषेक- किया।
मल्टीग्रेन की रोटी और पनीर पराठा परोसा गया
राष्ट्रपति ने हनुमानगढ़ी में दर्शन के बाद सरयू अतिथि गृह में एक घंटे तक विश्राम किया। यहां उन्होंने दोपहर में लंच किया। लंच मे उन्हें मल्टीग्रेन की रोटी, गाय का घी, आलू और पनीर का पराठा परोसा गया। लंच में उनके साथ करीब 20 लोग शामिल रहे। इसकी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश पर्यटन निगम को दी गई थी, व्यवस्था की निगरानी प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही कर रहे थे।
एयरपोर्ट पर राज्यपाल ने की अगवानी
महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति के पहुंचने पर उनका स्वागत राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने किया। साथ ही प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, एडीजी जोन अमरेंद्र सिंह सेंगर, आईजी प्रवीण कुमार, मंडलायुक्त गौरव दयाल, जिलाधिकारी नितीश कुमार, एसएसपी राजकरण नैय्यर समेत सेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान सभी ने गुलाब का फूल देकर उनका अभिनंदन किया।
राममंदिर के गर्भगृह तक पहुंचीं राष्ट्रपति
वर्ग विशेष का होने के कारण राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आमंत्रित न किए जाने की बात कहने वालों को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने करारा जवाब दिया है। देश की प्रथम नागरिक को श्रीराम लला के विग्रह के समीप तक पहुंचने का अवसर मिला है। यहां तक प्राण प्रतिष्ठा के समय प्रधानमंत्री के अलावा अर्चक ही पहुंचते रहे हैं। समझा जा रहा है कि राहुल गांधी की ओर से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को प्राण प्रतिष्ठा में न बुलाए जाने की जो बात कही गई थी और इसका कारण उनका एक वर्ग विशेष का होना बताया था। इसके बाद तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री चंपत राय ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। राष्ट्रपति को विशेष व्यवस्था के तहत गर्भगृह में श्री विग्रह के समीप तक जाने को मिला जहां केवल अर्चक ही पहुंचते हैं और प्राण प्रतिष्ठा के समय प्रधानमंत्री पहुंचे थे।
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- राष्ट्रपति का आगमन महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट पर- 4:10 बजे।
- हनुमानगढ़ी दर्शन-पूजन- 4:30 बजे।
- सरयू अतिथि गृह में विश्राम-4:40 बजे
- सरयू आरती स्थल पहुंचीं- 5:45 बजे
- सरयू आरती व अभिषेक- 6:00 बजे।
- राम मंदिर में प्रवेश किया- 6:50 बजे।
- राममला का दर्शन व आरती- 7:10 बजे।
- कुबेर टीला का दर्शन व पूजन-7:55 बजे।
- राम मंदिर से एयरपोर्ट के लिए प्रस्थान-8:10 बजे।
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हनुमानगढ़ी हो या फिर रामलला उन्होंने एक भक्त की मुद्रा में खुद को प्रस्तुत किया। सरयू तट पर मां सरयू के पूजन में विधिविधान पूर्वक सारे नियम किए। हनुमानगढ़ी पहुंचीं तो हनुमंतलला की आरती उतारी। आंखें बंद कर, सिर झुकाकर, हाथ जोड़े हुए राष्ट्रपति खड़ी थीं, तो ऐसा लग रहा था कि जैसे कि वह हनुमान जी से कोई कामना कर रहीं हों। सरयू तट पहुंचने पर उन्होंने सबसे पहले मां सरयू का दूध व पंचामृत से अभिषेक किया, चुनरी भी अर्पित की। पुजारी जो विधि बताते, राष्ट्रपति उसे भक्तिभाव से अपनातीं नजर आईं। जय सरयू माता, मइया जय सरयू माता...की स्तुति के बीच 2100 बत्ती की मां सरयू की महाआरती उतारी।
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आरती के संयोजक महंत शशिकांत दास व महंत मनीष दास ने राष्ट्रपति को प्रसाद दिया। यहां करीब 30 मिनट बिताने के बाद वे रामलला के दरबार पहुंची। रामजन्मभूमि परिसर में राष्ट्रपति ने एक घंटे से अधिक समय बिताया।
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राम के साथ शिव का भी किया पूजन
राष्ट्रपति रामलला के दरबार पहुंची तो बालक राम की अद्भुत छवि में डूब गईं। रत्नजड़ित हरे वस्त्र में रामलला की दिव्य छवि मनोहारी लग रही थी। यहां पूरे विधिविधान से रामलला की पूजा-अर्चना की। राम मंदिर के ट्रस्टी डॉ़ अनिल मिश्र व महंत दिनेंद्र दास ने राष्ट्रपति का अभिनंदन किया। ट्रस्ट की ओर से राष्ट्रपति को रामनामी वस्त्र, मंदिर का मॉडल व रामलला का प्रसाद अर्पित किया गया। उनके साथ मौजूद परिवार के सदस्यों और राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का भी ट्रस्ट की ओर से अभिनंदन किया गया। रामलला के दर्शन के बाद राष्ट्रपति ने भगवान शिव का भी अभिषेक-पूजन किया। वे कुबेर टीला गईं, यहां विधि पूर्वक कुबेरेश्वर महादेव का अभिषेक- किया।
मल्टीग्रेन की रोटी और पनीर पराठा परोसा गया
राष्ट्रपति ने हनुमानगढ़ी में दर्शन के बाद सरयू अतिथि गृह में एक घंटे तक विश्राम किया। यहां उन्होंने दोपहर में लंच किया। लंच मे उन्हें मल्टीग्रेन की रोटी, गाय का घी, आलू और पनीर का पराठा परोसा गया। लंच में उनके साथ करीब 20 लोग शामिल रहे। इसकी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश पर्यटन निगम को दी गई थी, व्यवस्था की निगरानी प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही कर रहे थे।
एयरपोर्ट पर राज्यपाल ने की अगवानी
महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति के पहुंचने पर उनका स्वागत राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने किया। साथ ही प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, एडीजी जोन अमरेंद्र सिंह सेंगर, आईजी प्रवीण कुमार, मंडलायुक्त गौरव दयाल, जिलाधिकारी नितीश कुमार, एसएसपी राजकरण नैय्यर समेत सेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान सभी ने गुलाब का फूल देकर उनका अभिनंदन किया।
राममंदिर के गर्भगृह तक पहुंचीं राष्ट्रपति
वर्ग विशेष का होने के कारण राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आमंत्रित न किए जाने की बात कहने वालों को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने करारा जवाब दिया है। देश की प्रथम नागरिक को श्रीराम लला के विग्रह के समीप तक पहुंचने का अवसर मिला है। यहां तक प्राण प्रतिष्ठा के समय प्रधानमंत्री के अलावा अर्चक ही पहुंचते रहे हैं। समझा जा रहा है कि राहुल गांधी की ओर से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को प्राण प्रतिष्ठा में न बुलाए जाने की जो बात कही गई थी और इसका कारण उनका एक वर्ग विशेष का होना बताया था। इसके बाद तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री चंपत राय ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। राष्ट्रपति को विशेष व्यवस्था के तहत गर्भगृह में श्री विग्रह के समीप तक जाने को मिला जहां केवल अर्चक ही पहुंचते हैं और प्राण प्रतिष्ठा के समय प्रधानमंत्री पहुंचे थे।
- राष्ट्रपति का आगमन महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट पर- 4:10 बजे।
- हनुमानगढ़ी दर्शन-पूजन- 4:30 बजे।
- सरयू अतिथि गृह में विश्राम-4:40 बजे
- सरयू आरती स्थल पहुंचीं- 5:45 बजे
- सरयू आरती व अभिषेक- 6:00 बजे।
- राम मंदिर में प्रवेश किया- 6:50 बजे।
- राममला का दर्शन व आरती- 7:10 बजे।
- कुबेर टीला का दर्शन व पूजन-7:55 बजे।
- राम मंदिर से एयरपोर्ट के लिए प्रस्थान-8:10 बजे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत करतीं राज्यपाल। - फोटो : संवाद

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत करतीं राज्यपाल। - फोटो : संवाद

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत करतीं राज्यपाल। - फोटो : संवाद