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Ayodhya News: 2021 से पहले की व्यवस्था के तहत ही होगी प्रायोगिक परीक्षा

Tue, 10 Jun 2025 08:50 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 10 Jun 2025 08:50 PM IST
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Practical examination will be conducted as per the system before 2021
अयोध्या। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में प्रायोगिक और मौखिकी परीक्षा इस बार वर्ष 2021 से पहले की व्यवस्था के तहत ही होगी। इस पर असमंजस खत्म हो गया है। प्रभारी कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने इस संबंध में मौखिक आदेश पहले ही दे दिए थे। अब इसे परीक्षा समिति से भी अनुमोदित करवा लिया गया है। हालांकि इस प्रस्ताव पर विद्या परिषद और कार्य परिषद की मंजूरी नहीं ली गई है।
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वर्ष 2021 से पहले की इसी व्यवस्था के तहत विश्वविद्यालय प्रशासन ने सात जिलों के 750 से अधिक संबद्ध कॉलेजों के लिए विभिन्न विषयों की प्रायोगिक और मौखिकी परीक्षा के लिए वाह्य परीक्षकों की तैनाती शुरू कर दी है। एनईपी 2020 के तहत संचालित स्नातक द्वितीय, चतुर्थ व छठे सेमेस्टर और परास्नातक द्वितीय व चतुर्थ सेमेस्टर वर्ष 2025 की प्रायोगिक, सेशनल व प्रोजेक्ट वर्क की परीक्षाओं के लिए खोले गए ऑनलाइन पोर्टल पर कॉलेजों के लिए तीन-तीन वाह्य परीक्षकों के नाम दिए जा रहे हैं।
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विश्वविद्यालय की ओर से प्रस्तावित वाह्य परीक्षकों से संबंधित कॉलेजों की ओर से संपर्क कर प्रायोगिक परीक्षा के लिए तय तिथि पर बुलाया जाएगा। आंतरिक परीक्षकों को चुनने का अधिकार कॉलेजों के प्राचार्यों के ही पास रहेगा। यदि किसी कॉलेज के पास संबंधित विषय के विशेषज्ञ शिक्षक नहीं होंगे तो उनके आग्रह पर विश्वविद्यालय की ओर से आंतरिक परीक्षक भी उपलब्ध कराए जाएंगे। हालांकि स्ववित्त पोषित कॉलेजों के प्रबंधक और प्राचार्य इस व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं। वे अभी तक चली आ रही व्यवस्था के तहत वाह्य और आंतरिक दोनों परीक्षकों की नियुक्ति का अधिकार चाहते हैं।
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विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से वर्ष 2021 के पहले वाली व्यवस्था के ही तहत प्रायोगिक परीक्षा कराने के अंतिम निर्णय के बाद परीक्षा परिणाम आने में देरी होने की आशंका बरकरार है। इस व्यवस्था के तहत किसी भी सूरत में 21 जून तक प्रायोगिक परीक्षाएं संपन्न नहीं कराई जा सकती हैं। ऐसे में शासन के निर्देशों के तहत जून में ही बीकॉम के ही साथ बीए और बीएससी का भी परीक्षा परिणाम आ पाना मुश्किल है।




अवध विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक विनय सिंह ने दावा किया है कि इस व्यवस्था में भी परीक्षा परिणाम तय समय पर ही आएंगे। इसमें देरी नहीं होने पाएगी। इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि प्रायोगिक परीक्षाओं के लिए परीक्षकों की तैनाती की व्यवस्था में बदलाव का निर्णय परीक्षा समिति ने किया है। इसके लिए विद्या परिषद और कार्य परिषद की मंजूरी लेना आवश्यक नहीं है।
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