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Ayodhya News: सावन मेले में ट्रैक्टर-ट्रॉली और डीसीएम से श्रद्धालुओं का सफर जारी, जिम्मेदार बेखबर
Wed, 05 Aug 2026 11:34 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 05 Aug 2026 11:34 PM IST
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10-जान की पेरवाही-पिकअप पर सामान के साथ लदे लोग।-संवाद
अयोध्या। सावन मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन भले ही बड़े-बड़े दावे कर रहा हो, लेकिन सड़कों पर हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। जिले के विभिन्न मार्गों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु ट्रैक्टर-ट्रॉली, डीसीएम और अन्य मालवाहक वाहनों से यात्रा करते दिखाई दे रहे हैं। जबकि इन वाहनों में यात्रियों का परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
अयोध्या-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रयागराज हाईवे, दर्शननगर, सोहावल समेत ग्रामीण संपर्क मार्गों पर कांवड़ियों और अन्य श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और मालवाहक वाहन आसानी से गुजर रहे हैं। इन वाहनों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए न तो सीट की व्यवस्था होती है और न ही कोई अन्य सुरक्षा इंतजाम। ऐसे में अचानक ब्रेक लगने, वाहन पलटने या टक्कर होने की स्थिति में बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है।
पिछले वर्षों में अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं से जुड़े कई सड़क हादसों में ट्रैक्टर-ट्रॉली और मालवाहक वाहनों की भूमिका सामने आ चुकी है। सावन मेले में लाखों कांवड़ियों के अयोध्या पहुंचने की संभावना है। ऐसे में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
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नियम क्या कहते हैं?
केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के अनुसार ट्रैक्टर-ट्रॉली का उपयोग कृषि कार्यों के लिए और डीसीएम समेत अन्य मालवाहक वाहनों का इस्तेमाल सामान ढुलाई के लिए किया जाता है। इनमें यात्रियों को बैठाकर ले जाना नियमों का उल्लंघन है। इसके बावजूद सावन मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु ऐसे वाहनों से यात्रा करते नजर आ रहे हैं। एआरटीओ प्रशासन आरपी सिंह ने बताया कि अभियान चलाकर नियम तोड़ने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाती है। सावन मेले में निगरानी के लिए एक एआरटीओ प्रवर्तन और दो पीटीओ तैनात हैं।
हादसों से भी नहीं लिया सबक
11 दिसंबर 2025 को पूराकलंदर क्षेत्र में अयोध्या-प्रयागराज हाईवे पर रीवा से दर्शन के लिए आ रही बोलेरो ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई थी। हादसे में तीन श्रद्धालुओं की मौत हुई थी, जबकि आठ से अधिक लोग घायल हुए थे। इसके अलावा गोंडा-अयोध्या मार्ग पर भी श्रद्धालुओं से जुड़े कई गंभीर हादसे हो चुके हैं। इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने मालवाहक वाहनों और ट्रैक्टर-ट्रॉली से यात्रियों के परिवहन पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद सावन मेले में नियमों की अनदेखी जारी है। अब देखना यह है कि प्रशासन हादसे का इंतजार करता है या समय रहते इन वाहनों पर प्रभावी रोक लगाता है।
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अयोध्या-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रयागराज हाईवे, दर्शननगर, सोहावल समेत ग्रामीण संपर्क मार्गों पर कांवड़ियों और अन्य श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और मालवाहक वाहन आसानी से गुजर रहे हैं। इन वाहनों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए न तो सीट की व्यवस्था होती है और न ही कोई अन्य सुरक्षा इंतजाम। ऐसे में अचानक ब्रेक लगने, वाहन पलटने या टक्कर होने की स्थिति में बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है।
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पिछले वर्षों में अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं से जुड़े कई सड़क हादसों में ट्रैक्टर-ट्रॉली और मालवाहक वाहनों की भूमिका सामने आ चुकी है। सावन मेले में लाखों कांवड़ियों के अयोध्या पहुंचने की संभावना है। ऐसे में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
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नियम क्या कहते हैं?
केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के अनुसार ट्रैक्टर-ट्रॉली का उपयोग कृषि कार्यों के लिए और डीसीएम समेत अन्य मालवाहक वाहनों का इस्तेमाल सामान ढुलाई के लिए किया जाता है। इनमें यात्रियों को बैठाकर ले जाना नियमों का उल्लंघन है। इसके बावजूद सावन मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु ऐसे वाहनों से यात्रा करते नजर आ रहे हैं। एआरटीओ प्रशासन आरपी सिंह ने बताया कि अभियान चलाकर नियम तोड़ने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाती है। सावन मेले में निगरानी के लिए एक एआरटीओ प्रवर्तन और दो पीटीओ तैनात हैं।
हादसों से भी नहीं लिया सबक
11 दिसंबर 2025 को पूराकलंदर क्षेत्र में अयोध्या-प्रयागराज हाईवे पर रीवा से दर्शन के लिए आ रही बोलेरो ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई थी। हादसे में तीन श्रद्धालुओं की मौत हुई थी, जबकि आठ से अधिक लोग घायल हुए थे। इसके अलावा गोंडा-अयोध्या मार्ग पर भी श्रद्धालुओं से जुड़े कई गंभीर हादसे हो चुके हैं। इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने मालवाहक वाहनों और ट्रैक्टर-ट्रॉली से यात्रियों के परिवहन पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद सावन मेले में नियमों की अनदेखी जारी है। अब देखना यह है कि प्रशासन हादसे का इंतजार करता है या समय रहते इन वाहनों पर प्रभावी रोक लगाता है।